क्या जो वंदे मातरम के खिलाफ हैं, वे भारत के नागरिक नहीं हो सकते?: रोहन गुप्ता

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या जो वंदे मातरम के खिलाफ हैं, वे भारत के नागरिक नहीं हो सकते?: रोहन गुप्ता

सारांश

रोहन गुप्ता ने मौलाना मदनी के जिहाद बयान का कड़ा जवाब देते हुए कहा कि जो वंदे मातरम के खिलाफ हैं, वे भारत के नागरिक नहीं हो सकते। जानिए इस विवाद के पीछे की राजनीति और मुसलमानों के अधिकारों पर उनका क्या कहना है।

मुख्य बातें

रोहन गुप्ता ने मौलाना मदनी के बयान का विरोध किया।
वंदे मातरम के खिलाफ खड़े लोग भारत के नागरिक नहीं हो सकते।
राजनीति में तुष्टिकरण की आलोचना की गई।
पुतिन के दौरे को ऐतिहासिक बताया गया।
घुसपैठियों की पहचान पर जोर दिया गया।

अहमदाबाद, 4 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। मौलाना महमूद मदनी द्वारा दिए गए जिहाद संबंधी बयान का रामपुर से समाजवादी पार्टी के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी ने समर्थन किया है। इस पर भाजपा नेता रोहन गुप्ता ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पूछा कि जिहाद की चर्चा भारत में क्यों हो रही है? क्या मुसलमानों को कोई अधिकार नहीं मिल रहा है?

रोहन गुप्ता ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि कुछ लोग अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए लोगों को भड़काने का प्रयास कर रहे हैं। सभी को मिलकर मौलाना मदनी के बयान का विरोध करना चाहिए। जो वंदे मातरम के खिलाफ हैं, वे भारत के नागरिक नहीं हो सकते। पहले देश, फिर धर्म।

उन्होंने कहा कि यदि कोई सोचता है कि भड़काने वाली राजनीति का प्रभाव भारत के मुसलमानों पर पड़ेगा, तो यह गलत है। अब देश के मुसलमान भी समझ चुके हैं कि इन लोगों ने केवल उनका उपयोग किया है। जब कांग्रेस ने सबसे लंबे समय तक शासन किया और उसके बाद भी मुसलमानों की हालत यह है, तो इसे तुष्टिकरण की राजनीति के अलावा और क्या कहा जा सकता है?

उन्होंने यह भी कहा कि देश के मुसलमानों को उनके अधिकार मिल रहे हैं, और जो राष्ट्रवादी मुसलमान हैं, उन्हें यह समझ आ रहा है। भड़काने वाले लोगों के बहकावे में आने वाले नहीं हैं। उन्हें पता है कि उनके लिए क्या बेहतर है।

रोहन गुप्ता ने रूसी राष्ट्रपति पुतिन के भारत दौरे को ऐतिहासिक बताया है। उनका कहना है कि भारत और रूस वर्षों से एक-दूसरे के साथ सहयोग करते आ रहे हैं। दोनों देशों के राजनीतिक संबंध बहुत गहरे हैं। यह एक नया अवसर है जो उन लोगों के लिए चुनौती है, जो कहते थे कि अमेरिका के प्रभाव में भारत रूस के साथ संबंध खराब कर रहा है। अब यह भारत को रूस के साथ मिलकर अपनी वैश्विक ताकत दिखाने का अवसर है।

उत्तर प्रदेश में घुसपैठियों की पहचान और उन्हें पकड़ने पर रोहन गुप्ता ने कहा कि बिहार में एसआईआर हुआ है। इसमें बड़ी संख्या में लोगों को मतदाता सूची से हटाया गया है। विपक्ष का कहना है कि ये हमारे वोट थे। इसका मतलब है कि ये लोग वोटों की चोरी कर चुनाव जीत रहे थे। घुसपैठियों और अवैध मतदाताओं को मतदान का मौका नहीं मिलना चाहिए।

उन्होंने कहा कि जब से पश्चिम बंगाल में एसआईआर शुरू हुआ है, तब से बांग्लादेश की सीमा पर जाने के लिए लोगों की लाइन लगी हुई है। इससे बड़ी उपलब्धि और क्या हो सकती है? जो लोग तुष्टिकरण की राजनीति में डूबे हुए हैं, उनसे देश के लिए भला सोचने की उम्मीद नहीं की जा सकती। किसी को भी देश की सुरक्षा को खतरे में डालकर राजनीति करने का हक नहीं है।

पश्चिम बंगाल में बाबरी मस्जिद को लेकर चल रहे विवाद पर उन्होंने कहा कि ये लोग हिंदू-मुसलमान करते हैं और इसका आरोप भाजपा पर लगाते हैं। ऐसी गतिविधियों को आगे बढ़ने नहीं देना चाहिए। ये सभी चीजें इस बार पश्चिम बंगाल की जनता द्वारा समाप्त की जाएंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि इस तरह के बयान केवल राजनीतिक लाभ उठाने के लिए दिए जाते हैं। देश की एकता और अखंडता सर्वोपरि होनी चाहिए, और सभी को मिलकर इस प्रकार की विभाजनकारी राजनीति के खिलाफ खड़ा होना चाहिए।
RashtraPress
17 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रोहन गुप्ता ने कौन सा बयान दिया?
रोहन गुप्ता ने कहा कि जो वंदे मातरम के खिलाफ हैं, वे भारत के नागरिक नहीं हो सकते।
मौलाना मदनी के बयान का समर्थन किसने किया?
मोहिबुल्लाह नदवी ने मौलाना मदनी के जिहाद संबंधी बयान का समर्थन किया।
क्या जिहाद भारत में कोई अधिकार नहीं दिलाता?
रोहन गुप्ता ने कहा कि भारत में मुसलमानों को सभी अधिकार मिल रहे हैं।
गुप्ता ने पुतिन के दौरे को कैसे देखा?
गुप्ता ने पुतिन के दौरे को ऐतिहासिक बताया और कहा कि यह भारत-रूस संबंधों को आगे बढ़ाने का अवसर है।
उत्तर प्रदेश में घुसपैठियों की पहचान कैसे की जा रही है?
रोहन गुप्ता ने कहा कि उत्तर प्रदेश में एसआईआर के तहत बड़ी संख्या में लोगों को मतदाता सूची से निकाल दिया गया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 5 महीने पहले
  2. 5 महीने पहले
  3. 5 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 5 महीने पहले