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क्या धर्मांतरण के एवज में पैसे लेने वाला मौलाना शमशुल रजा देश का गद्दार है? : अब्दुल हकीम खान

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क्या धर्मांतरण के एवज में पैसे लेने वाला मौलाना शमशुल रजा देश का गद्दार है? : अब्दुल हकीम खान

सारांश

उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर के अब्दुल हकीम खान ने मौलाना शमशुल रजा को देश का गद्दार बताते हुए आरोप लगाया है कि वह धर्मांतरण के बदले विदेश से धन प्राप्त करता है। इस पर कार्रवाई की मांग के साथ ही उन्होंने उसके कई काले कारनामों का भी खुलासा किया है।

मुख्य बातें

धर्मांतरण के बदले पैसे लेने का आरोप अब्दुल हकीम खान का बयान ब्रिटेन की नागरिकता का विवाद मौलाना का संपत्ति का खुलासा सख्त कार्रवाई की आवश्यकता

लखनऊ, 6 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर के निवासी अब्दुल हकीम खान ने शनिवार को मौलाना शमशुल रजा को देश का गद्दार बताते हुए उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने शमशुल पर धर्मांतरण के एवज में विदेश से भारी भरकम पैसा प्राप्त करने का आरोप लगाया।

उन्होंने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि यह मौलाना आईएसआई का एजेंट है। इसने 2013 में ब्रिटेन की नागरिकता प्राप्त कर ली। हालांकि, नागरिकता प्राप्त करने से पहले तक इसने भारत में नौकरी भी की थी। यही नहीं, इसने भाजपा को पराजित करने के मकसद से चुनाव में ड्यूटी भी की थी। इसके बाद 2017 में इसने बीआरएस ले लिया। इसके बाद से ये अब तक पेंशन प्राप्त कर रहा है। इसके खिलाफ रिकवरी का भी आदेश दिया गया है। लेकिन, अभी तक रिकवरी नहीं हो पाई है।

उन्होंने बताया कि संतकबीर नगर के खैलाबाद में डीएम साहब के निर्देश पर पांच संपत्ति को जब्त किया गया और एक मदरसा को भी जब्त किया गया। लेकिन, मदरसा अभी तक चल रहा है। यही नहीं, नवाज शरीफ के भतीजे से भी इसके गहरे ताल्लुकात हैं। पांच अगस्त को साउथ अफ्रीका के पाकिस्तानी एजेंसी में फ्री-फ्री कश्मीर के नारे भी लगे थे। इस नारे का वीडियो भी मौजूद है। निश्चित तौर पर यह देश का गद्दार है। इसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

उन्होंने बताया कि इनके पास 500-600 करोड़ की संपत्ति है। 2019 में इसने अपने मदरसे में बहुत बड़ा प्रोग्राम किया था, जिसमें मैं भी शामिल हुआ था। उस समय हमें बताया गया था कि इस कार्यक्रम में पीर बाबा आ रहे हैं। वो पीर बाबा कोई और नहीं, बल्कि छांगुर बाबा था। इसका पता अब हमें जाकर लगा है। इसे भारत में धर्मांतरण कराने के एवज में विदेश से भारी भरकम रकम प्राप्त होती है।

अब्दुल हकीम खान ने बताया कि मौलाना शमशुल रजा का बेटा भी सरकारी नौकरी करता था। लेकिन, बाद में उसे टर्मिनेट कर दिया गया। इसका बेटा कई देशों का दौरा करता रहता है। यही पूरे नेटवर्क का संचालन कर रहा है। यह लोग धर्मांतरण कराते हैं, जिसके एवज में इन्हें पैसे मिलते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि समाज में ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए जो हमारे देश की अखंडता के खिलाफ काम कर रहे हैं। धर्मांतरण जैसे संवेदनशील मुद्दों को गंभीरता से लेना आवश्यक है और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हमारे कानून का पालन किया जाए।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मौलाना शमशुल रजा के खिलाफ आरोप क्या हैं?
उन पर धर्मांतरण के एवज में विदेश से पैसे लेने का आरोप है।
अब्दुल हकीम खान कौन हैं?
वे उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर के निवासी हैं और मौलाना शमशुल रजा के खिलाफ शिकायतकर्ता हैं।
क्या मौलाना शमशुल रजा ने ब्रिटेन की नागरिकता ली है?
हां, उन्होंने 2013 में ब्रिटेन की नागरिकता प्राप्त की।
क्या मौलाना का बेटा सरकारी नौकरी करता था?
हां, उनका बेटा पहले सरकारी नौकरी कर रहा था, लेकिन बाद में उसे टर्मिनेट कर दिया गया।
क्या मौलाना शमशुल रजा के खिलाफ कोई कार्रवाई हुई है?
अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, लेकिन संपत्तियों को जब्त किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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