क्या नसीमुद्दीन सिद्दीकी के इस्तीफे से कांग्रेस में बिखराव और भ्रष्टाचारियों के साथ राजनीतिक सौदे का नतीजा है?
सारांश
Key Takeaways
- नसीमुद्दीन सिद्दीकी का इस्तीफा कांग्रेस के लिए एक बड़ा झटका है।
- नीरज कुमार का तंज कांग्रेस की आंतरिक राजनीति को दर्शाता है।
- भ्रष्टाचार के आरोपों ने कांग्रेस की छवि को प्रभावित किया है।
- कांग्रेस में गांधी परिवार का वर्चस्व बना हुआ है।
- राजनीतिक सौदों के नतीजे अब सामने आ रहे हैं।
पटना, २५ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस के प्रमुख नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी के पार्टी छोड़ने पर जेडीयू के प्रवक्ता नीरज कुमार ने कांग्रेस पर तीखा वार किया है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार कांग्रेस की गतिविधियाँ चल रही हैं, उससे यह स्पष्ट होता है कि यह भ्रष्टाचारियों के साथ मिलकर कार्य कर रही है।
नीरज कुमार ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "कांग्रेस पार्टी के आंतरिक मुद्दे उनकी अपनी चिंता हैं, लेकिन शकील अहमद और नसीमुद्दीन सिद्दीकी के बयानों से स्पष्ट हो रहा है कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के नाम पर जो भ्रष्ट लोगों के साथ राजनीतिक सौदे किए गए थे, उनके बुरे परिणाम अब सामने आ रहे हैं।"
उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस के नेताओं की गतिविधियों के कारण ही पार्टी का संकट बढ़ रहा है। लोग धीरे-धीरे पार्टी का साथ छोड़ रहे हैं। कांग्रेस में वही लोग सुरक्षित हैं जो गांधी परिवार के अनुसार काम करते हैं और उनके निर्देशों का पालन करते हैं।
शनिवार को, नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को इस्तीफा देकर पार्टी छोड़ने का कारण व्यक्तिगत बताया। सिद्दीकी ने अपने लिखित इस्तीफे में कहा कि वे 'अपरिहार्य कारणों' से अपनी प्राथमिक सदस्यता और सभी संगठनात्मक जिम्मेदारियों से मुक्त हो रहे हैं। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि कांग्रेस के किसी भी पदाधिकारी के खिलाफ उनकी कोई व्यक्तिगत शिकायत नहीं है, लेकिन जिन उद्देश्यों के लिए वे पार्टी में शामिल हुए थे, वे पूरे नहीं हो रहे थे।
राष्ट्रीय जनता दल की कार्यकारिणी बैठक पर निशाना साधते हुए नीरज कुमार ने कहा, "राष्ट्रीय जनता दल को होटलों में कार्यकारिणी बैठक करने की कोई आवश्यकता नहीं है। वे इसे घर पर कर सकते हैं। पार्टी के अपने आंतरिक मामले हैं। सर्कुलर रोड पर 89000 स्क्वायर फीट की संपत्ति को खाली करना होगा। इस पार्टी में आपसी लोग ही हर पद पर बैठे हैं, इसलिए बाहर जाने की क्या आवश्यकता है?
उन्होंने कहा कि यदि ये लोग पार्टी में कोई बदलाव करेंगे तो अपने ही परिवार के किसी सदस्य को जिम्मेदारी देंगे। रोहिणी आचार्य के साथ जिस प्रकार व्यवहार किया गया है, उसका भी जवाब कार्यकारिणी बैठक में देना होगा। बिहार में आने वाले कई वर्षों तक इनकी पार्टी कहीं नहीं दिखाई देगी।
भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) पर राहुल गांधी की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए नीरज कुमार ने कहा, "चुनावी हार के बाद, कांग्रेस अपने वोटर बेस में कमी आने की बात मानने के बजाय दूसरों पर आरोप लगाती है। जिन राज्यों में कांग्रेस जीती, वहां भारत निर्वाचन आयोग को निष्पक्ष माना जाता है, लेकिन हारने पर आलोचना शुरू हो जाती है।"