28 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या नर्स निमिषा प्रिया की फांसी रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट में आज होगी सुनवाई?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या नर्स निमिषा प्रिया की फांसी रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट में आज होगी सुनवाई?

सारांश

क्या नर्स निमिषा प्रिया की फांसी की सजा रोकी जा सकेगी? सुप्रीम कोर्ट में आज होने वाली सुनवाई में केंद्र सरकार से राजनयिक हस्तक्षेप की मांग की गई है। जानिए इस महत्वपूर्ण मामले में क्या हो सकता है।

मुख्य बातें

सुप्रीम कोर्ट आज निमिषा प्रिया के मामले की सुनवाई करेगा।
निमिषा को यमन में हत्या के आरोप में फांसी की सजा दी गई है।
मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने प्रधानमंत्री से राजनयिक हस्तक्षेप की मांग की है।

नई दिल्ली, 14 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। यमन में हत्या के आरोपों के तहत सजा काट रही नर्स निमिषा प्रिया के मामले में दाखिल याचिका पर सुप्रीम कोर्ट आज सुनवाई करेगा। इस याचिका में केंद्र सरकार से अनुरोध किया गया है कि वह निमिषा को बचाने के लिए राजनयिक हस्तक्षेप करें।

जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ इस मामले की सुनवाई करेगी। यह याचिका सेव निमिषा प्रिया इंटरनेशनल एक्शन काउंसिल नामक संगठन द्वारा दायर की गई है। निमिषा 2008 से यमन में निवास कर रही है।

निमिषा को हत्या के मामले में फांसी की सजा दी गई है, और उसे 16 जुलाई को फांसी दी जानी है। इससे पहले, निमिषा के परिवार ने केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और केंद्र सरकार से मदद की गुहार लगाई है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर निमिषा की फांसी रोकने के लिए राजनयिक हस्तक्षेप की मांग की है।

विदेश मंत्रालय ने कहा है कि निमिषा के परिवार को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए हम प्रयासरत हैं।

यमन की अदालत के दस्तावेजों में आरोप लगाया गया है कि नर्स निमिषा प्रिया ने अपने बिजनेस पार्टनर तलाल अब्दो मेहदी की हत्या कर दी थी। आरोप है कि उसने अपने एक अन्य नर्स की मदद से उसके शव के टुकड़े करके टैंक में फेंक दिए थे।

हालांकि, निमिषा के परिवार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उसने हत्या नहीं की, बल्कि निमिषा ने कथित तौर पर अपना जब्त पासपोर्ट प्राप्त करने के लिए उसे बेहोशी का इंजेक्शन दिया था, जिससे ओवरडोज के कारण उसकी मृत्यु हो गई।

निमिषा ने यमन की सर्वोच्च अदालत में फांसी की सजा के खिलाफ याचिका दायर की थी, लेकिन वह खारिज कर दी गई। उन्होंने यमन के राष्ट्रपति से दया की अपील भी की थी, पर यह भी अस्वीकृत हो गई।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह आवश्यक है कि हम इस मामले पर ध्यान दें। नर्स निमिषा प्रिया के खिलाफ आरोप गंभीर हैं, लेकिन हमें यह भी देखना होगा कि क्या यह आरोप वास्तविकता के अनुरूप हैं। मामला जटिल है और न्याय का मार्ग हमेशा स्पष्ट नहीं होता।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

निमिषा प्रिया को कब फांसी दी जानी है?
उसे 16 जुलाई को फांसी दी जानी है।
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई किस दिन होगी?
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज होगी।
निमिषा प्रिया के परिवार ने किससे मदद मांगी है?
निमिषा के परिवार ने केरल के मुख्यमंत्री और केंद्र सरकार से मदद की गुहार लगाई है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 9 महीने पहले
  2. 11 महीने पहले
  3. 11 महीने पहले
  4. 1 साल पहले
  5. 1 साल पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले