क्या पंजाब सरकार की 'फ्लॉप और फ्रॉड' सत्र के लिए कोई तैयारी नहीं है? : परगट सिंह
सारांश
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चंडीगढ़, ११ जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र का आज दूसरा दिन है। इस दौरान, पूर्व कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस विधायक परगट सिंह ने कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर पंजाब सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि भगवंत मान सरकार की 'फ्लॉप और फ्रॉड' सत्र को लेकर कोई तैयारी नहीं है।
कांग्रेस विधायक परगट सिंह ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "इस विशेष सत्र में दो बातें महत्वपूर्ण थीं। पहली, शून्यकाल ‘जीरो ऑवर’ नहीं दिया गया, और दूसरी यह कि अबोहर में एक व्यापारी की हत्या की गई। लेकिन, इस मुद्दे पर पुलिस की थ्योरी और सरकार के दावों में बहुत बड़ा अंतर दिखाई देता है। अगर ऐसे मुद्दों पर भी विपक्ष को सरकार बात नहीं करने देना चाहती है, तो मुझे लगता है कि सरकार 'फ्लॉप और फ्रॉड' सत्र चला रही है, जिसे उन्होंने विशेष सत्र का नाम दिया है। भगवंत मान की इस सत्र को लेकर कोई तैयारी नहीं है।"
धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी का बिल पंजाब विधानसभा में पेश किए जाने के सवाल पर कांग्रेस विधायक ने कहा, "मैं कहता हूं कि इस पर चर्चा होनी चाहिए। अब तक जो बेअदबी हुई है, क्या हमने उस पर इंसाफ दिलाया? मुझे लगता है कि इस बिल पर पुनर्विचार करके और सोच-समझकर ही इसे आगे बढ़ाना चाहिए।"
गौरतलब है कि पंजाब सरकार ने दो दिन का विशेष सत्र बुलाया है। पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र के दूसरे दिन आम आदमी पार्टी सरकार अहम बिल पेश करेगी।
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, "इस सत्र में जल संसाधन मंत्री वीरेंद्र गोयल प्रस्ताव रखेंगे कि किस तरह भारत सरकार ने बीबीएमबी (भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड) के माध्यम से पंजाब के जल अधिकारों को लूटने की कोशिश की। हम सदन में इस बारे में बताएंगे।"
मंत्री ने कहा कि हमने एक बूंद पानी भी बाहर नहीं जाने दिया। हालांकि, मानवीय आधार पर हमने ४ हजार क्यूसेक पानी जरूर दिया।
इसके अलावा, पंजाब शॉप एंड कमर्शियल इस्टैब्लिशमेंट एक्ट-२०२५ का बिल भी विधानसभा में पेश किया जाएगा। पंजाब लेबर वेलफेयर फंड और पंजाब में बैलगाड़ियों से जुड़ा बिल भी सदन में लाया जाएगा।