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क्या जनता ने राहुल गांधी की बातों को खारिज किया? राहुल नार्वेकर

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क्या जनता ने राहुल गांधी की बातों को खारिज किया? राहुल नार्वेकर

सारांश

क्या जनता ने राहुल गांधी की बातों को खारिज कर दिया है? महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर का यह कहना है कि कांग्रेस नेता की प्रेस कॉन्फ्रेंस केवल हताशा का प्रतीक है। जानिए इस पर उनकी क्या राय है और उनके विचारों का क्या महत्व है।

मुख्य बातें

राहुल नार्वेकर ने राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस को हताशा का प्रतीक बताया।
उन्होंने केंद्र सरकार के फैसलों को जनता के हित में बताया।
राजनीति में सभ्यता बनाए रखने की आवश्यकता।
कुछ शरारती तत्व जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।
महाराष्ट्र की संस्कृति ऐसी हरकतों को स्वीकार नहीं करती।

मुंबई, 18 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस को हताशा का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि समय-समय पर कुछ शरारती तत्व केंद्र सरकार के फैसले को लेकर आम जनता को गुमराह करने की कोशिश करते हैं, लेकिन इससे इन लोगों को कुछ मिलने वाला नहीं है। मुझे लगता है कि ऐसे लोगों को इग्नोर करना चाहिए।

राहुल नार्वेकर ने गुरुवार को आईसीसी वैश्विक व्यापार शिखर सम्मेलन-2025 के आयोजन को देश की आर्थिक प्रगति के लिए जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह का आयोजन देश को एक ऐसा मंच दिलाता है, जहां दुनिया के सभी निवेशक एक-दूसरे से मुखातिब होते हैं और विकास का खाका तैयार कर उसे धरातल पर उतारते हैं।

उन्होंने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि ‘इंडियन चेंबर ऑफ कॉमर्स’ का भारत की औद्योगिक विकास में अहम भूमिका रही है, जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है। मैं समझता हूं कि देश में इस तरह के कार्यक्रम का आयोजन होना चाहिए। इससे देश के विकास की गति तीव्र होती है, जिसका फायदा हमारे साथ-साथ हमारी आने वाली पीढ़ियों को भी होगा।

बिहार कांग्रेस की ओर से प्रधानमंत्री मोदी की मां के एआई वीडियो को राहुल नार्वेकर ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि यह दुख की बात है कि आज देश की राजनीति का स्तर इतना गिर चुका है कि लोग इस तरह की हरकतें करने पर आमादा हो चुके हैं। निश्चित तौर पर मैं कहूंगा कि भारतीय राजनीति की सभ्यता को बरकरार रखा जाना चाहिए और इस तरह की स्थिति को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए। यह स्थिति देश की राजनीति के लिए बिल्कुल भी ठीक नहीं है। इसकी वकालत बिल्कुल भी नहीं की जानी चाहिए।

वहीं, मीनाताई ठाकरे की प्रतिमा पर पेंट फेंकने के प्रकरण को उन्होंने दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि निसंदेह भारतीय राजनीति में इस तरह की स्थिति को बिल्कुल भी स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए। ऐसे हादसे समाज के लिए बिल्कुल भी ठीक नहीं है। मैं समझता हूं कि महाराष्ट्र की संस्कृति ऐसी स्थिति को बिल्कुल भी स्वीकार करने की स्थिति में नहीं है।

वक्फ संशोधन कानून को लेकर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल बोर्ड की ओर से विरोध प्रदर्शन किए जाने के ऐलान पर राहुल नार्वेकर ने कहा कि इससे कुछ भी होने वाला नहीं है। देश की जनता इस बात को भलीभांति जानती है कि केंद्र सरकार की तरफ से लिया जाने वाला हर फैसला बिल्कुल ठीक है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का सिर्फ एक ही मकसद है कि आम जनता के हित पर किसी भी प्रकार का कुठाराघात न हो और इस दिशा में हमारी सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। हां, बिल्कुल इस बात को खारिज नहीं किया जा सकता है कि समय-समय पर कुछ शरारती तत्व केंद्र सरकार के फैसले को लेकर आम जनता को गुमराह करने की कोशिश करते हैं, लेकिन इससे इन लोगों को कुछ मिलने वाला नहीं है। मुझे लगता है कि ऐसे लोगों को इग्नोर करना चाहिए।

महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस को हताशा का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि इन लोगों की बातों पर बिल्कुल भी ध्यान देने की जरूरत नहीं है। मुझे यह कहने में कोई दिक्कत नहीं है कि मौजूदा समय में देश की जनता इन लोगों को बिल्कुल खारिज कर चुकी है। इन लोगों के पक्ष में जनादेश नहीं है। इसी बात का गुस्सा इनके मन में है। इसी को देखते हुए ये लोग इस तरह प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं।

वहीं, तमिलनाडु कांग्रेस के नेता की ओर से अभिनेत्री कंगना रनौत पर की गई विवादित टिप्पणी को उन्होंने गलत बताया। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को लोकतंत्र में विश्वास नहीं है। ऐसे ही लोग इस तरह की टिप्पणी करते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसमें वे कांग्रेस नेता राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस को हताशा का प्रतीक मानते हैं। यह राजनीतिक दृष्टिकोण हमें दिखाता है कि वर्तमान में राजनीतिक संवाद का स्तर कैसे गिर रहा है। यह आवश्यक है कि देश की जनता सही जानकारी से अवगत रहे और असत्यता के खिलाफ सजग रहे।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राहुल नार्वेकर ने राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर क्या कहा?
उन्होंने इसे हताशा का प्रतीक बताया और कहा कि इससे जनता को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है।
केंद्र सरकार के फैसलों पर नार्वेकर का क्या दृष्टिकोण है?
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के फैसले जनता के हित में हैं और इन पर कोई प्रश्न नहीं उठाना चाहिए।
क्या महाराष्ट्र की संस्कृति ऐसी हरकतों को स्वीकार करती है?
नार्वेकर का मानना है कि महाराष्ट्र की संस्कृति ऐसी स्थिति को स्वीकार नहीं करती।
राष्ट्र प्रेस
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