क्या राहुल-तेजस्वी को जननायक कहना कर्पूरी ठाकुर का अपमान है?: नीरज कुमार

सारांश
Key Takeaways
- नीरज कुमार ने अखिलेश यादव पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
- जननायक कर्पूरी ठाकुर की विरासत का अपमान माना गया है।
- मोदी की जापान यात्रा से भारत की आर्थिक प्रगति को गति मिलेगी।
- राजनीति में हिंसक बयान देने की कड़ी निंदा की गई है।
- मतदाता सूची में सुधार की आवश्यकता बताई गई है।
पटना, 30 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के प्रवक्ता नीरज कुमार ने समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव पर कटाक्ष करते हुए कहा कि बिहार की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ में उनके शामिल होने और इंडिया ब्लॉक के नेताओं, राहुल गांधी और तेजस्वी यादव को ‘जननायक’ कहे जाने पर गंभीर प्रश्न उठाया है।
राष्ट्र प्रेस के साथ बातचीत में नीरज कुमार ने कहा कि अखिलेश यादव, मुलायम सिंह यादव के पुत्र हैं और स्वयं को समाजवादी मानते हैं। उन्हें यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वे राहुल गांधी और तेजस्वी यादव को जननायक मानते हैं।
उन्होंने कहा कि जननायक कर्पूरी ठाकुर, जो अति पिछड़ा समाज से आते हैं और भारत रत्न से सम्मानित हैं, उनकी विरासत का अपमान इंडी गठबंधन द्वारा किया गया है।
नीरज कुमार ने अखिलेश से इस कथित अपमान के लिए माफी मांगने या अपनी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
जदयू प्रवक्ता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जापान यात्रा को भारत की आर्थिक प्रगति के लिए महत्त्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से अग्रसर है।
पीएम मोदी की जापान यात्रा के दौरान हुए व्यापारिक समझौतों और निवेशों से भारत में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि यह यात्रा भारत-जापान संबंधों को और मजबूत करेगी।
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा के कथित विवादास्पद बयान की जदयू प्रवक्ता ने कड़ी निंदा की है, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ हिंसक भाषा का उपयोग किया गया था।
उन्होंने कहा कि राजनीति में उत्तेजक और हिंसक बयान देना उचित नहीं है, क्योंकि यह लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक व्यवस्था का अपमान करता है। उन्होंने कहा कि जनता महात्मा गांधी के सौहार्द और अहिंसा के सिद्धांतों में विश्वास रखती है, न कि हिंसा में।
जदयू प्रवक्ता ने चुनाव आयोग के नोटिस पर कहा कि यह चुनाव आयोग का मसला है, लेकिन विपक्ष को यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या मृत व्यक्तियों या दोहरे पंजीकरण वाले लोगों के नाम मतदाता सूची में बने रहने चाहिए।
उन्होंने कहा कि लगभग 3 लाख मतदाताओं को अपनी पात्रता साबित करने के लिए दस्तावेज जमा करने चाहिए, जैसा कि चुनाव आयोग ने निर्देश दिया है।