क्या सरकार और विपक्ष मिलकर ठोस रणनीति बनाएंगे? ऑपरेशन सिंदूर पर मायावती की टिप्पणी

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क्या सरकार और विपक्ष मिलकर ठोस रणनीति बनाएंगे? ऑपरेशन सिंदूर पर मायावती की टिप्पणी

सारांश

लखनऊ में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा से पहले मायावती ने सरकार और विपक्ष से मिलकर ठोस रणनीति बनाने की मांग की है। उनका कहना है कि यह आवश्यक है ताकि महिलाओं का सिंदूर न उजड़े और मांओं को अपने बेटों को खोने का दुख न सहना पड़े। जानिए इस महत्वपूर्ण चर्चा के बारे में।

मुख्य बातें

सरकार और विपक्ष को मिलकर ठोस योजना बनानी चाहिए।
ऑपरेशन सिंदूर पर संसद में विशेष चर्चा होगी।
महिलाओं का सिंदूर सुरक्षित रखने की आवश्यकता है।
राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर एकजुटता जरूरी है।
आतंकवादी गतिविधियों के खिलाफ ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।

लखनऊ, 28 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। संसद में सोमवार को ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा होने जा रही है। इस विषय पर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सरकार और विपक्ष को मिलकर एक ऐसा ठोस योजना बनानी चाहिए, जिससे देश की महिलाओं का सिंदूर न उजड़े, अर्थात उनके पतियों की जान सुरक्षित रहे और किसी मां को अपने बेटे को खोने का दर्द न सहना पड़े।

मायावती ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, "ऑपरेशन सिंदूर पर संसद में आज से शुरू होने वाली चर्चा को, सत्ता और विपक्ष को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर लेना चाहिए। आगे महिलाओं का सिंदूर न उजड़े और मां को भी अपने बेटे गंवाने न पड़े, इस पर सरकार एवं विपक्ष को मिलकर ठोस रणनीति के तहत कार्य करना चाहिए, यही समय की मांग भी है।"

ज्ञात रहे कि लोकसभा में सोमवार को ऑपरेशन सिंदूर पर विशेष चर्चा होगी। यह चर्चा एक सप्ताह तक संसद की कार्यवाही के अवरोध के बाद हो रही है।

लोकसभा में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत की सैन्य कार्रवाई ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा की शुरुआत करेंगे। यह 16 घंटे की महत्वपूर्ण बहस होगी, जिसमें गृह मंत्री अमित शाह और विदेश मंत्री एस जयशंकर भी शामिल होंगे। वे पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर के व्यापक प्रभावों पर सरकार का पक्ष रखेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस चर्चा में हस्तक्षेप कर सकते हैं।

संसद के मानसून सत्र के पहले दिन विपक्षी सांसदों ने 'ऑपरेशन सिंदूर' और 'पहलगाम आतंकी हमले' पर चर्चा कराने की मांग करते हुए जमकर हंगामा किया था, जिसके कारण सदन को स्थगित करना पड़ा। सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्ष दोनों ही राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति से जुड़े दो अहम मुद्दों पर संसद में चर्चा की तैयारी कर रहे हैं।

विपक्ष अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे को लेकर सरकार को घेर सकता है, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध को उन्होंने रुकवाया था।

वहीं, सरकार भी हर मुद्दे पर जवाब देने के लिए तैयार है।

दरअसल, भारत ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में 'ऑपरेशन सिंदूर' चलाया था। इस अभियान के तहत पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर में आतंकियों के ठिकानों और सैन्य अड्डों को पूरी तरह से तबाह कर दिया गया था।

-- राष्ट्र प्रेस

विकेटी/पीएसके

संपादकीय दृष्टिकोण

यह आवश्यक है कि सरकार और विपक्ष दोनों मिलकर राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर ठोस चर्चा करें। यह समय की मांग है कि हम सभी एकजुट हों और देश की रक्षा के लिए सही निर्णय लें।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ऑपरेशन सिंदूर क्या है?
ऑपरेशन सिंदूर भारत द्वारा जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकी हमले के जवाब में चलाया गया एक सैन्य अभियान है।
मायावती ने क्या कहा?
मायावती ने कहा कि सरकार और विपक्ष को मिलकर एक ठोस योजना बनानी चाहिए ताकि महिलाओं का सिंदूर न उजड़े।
इस चर्चा में कौन-कौन शामिल होगा?
इस चर्चा में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और विदेश मंत्री एस जयशंकर शामिल होंगे।
पहलगाम आतंकी हमला कब हुआ था?
पहलगाम में आतंकी हमला हाल ही में हुआ था, जिसके जवाब में ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया गया।
इस चर्चा का महत्व क्या है?
यह चर्चा राष्ट्रीय सुरक्षा और महिलाओं की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
राष्ट्र प्रेस
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