क्या टाइम मशीन होती तो ममता बनर्जी को बाबर के युग में भेज देते? - सुकांत मजूमदार

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क्या टाइम मशीन होती तो ममता बनर्जी को बाबर के युग में भेज देते? - सुकांत मजूमदार

सारांश

केंद्रीय राज्यमंत्री सुकांत मजूमदार ने ममता बनर्जी पर तीखा हमला करते हुए कहा कि अगर टाइम मशीन होती, तो उन्हें और उनके समर्थकों को बाबर के युग में भेज देते। यह बयान बंगाल की महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर चिंता को दर्शाता है।

मुख्य बातें

सुकांत मजूमदार का बयान ममता बनर्जी के प्रति तीखा है।
बंगाल में महिलाओं की सुरक्षा पर चिंता व्यक्त की गई है।
ममता बनर्जी के बयानों को असंवेदनशील बताया गया है।
भाजपा ने बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए राहत कार्य किया है।
सुकांत मजूमदार ने ममता को इस्तीफा देने की सलाह दी है।

नई दिल्ली, 14 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय राज्यमंत्री सुकांत मजूमदार ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला करते हुए कहा कि यदि टाइम मशीन होती, तो उन्हें और उनके समर्थकों को बाबर के युग में भेज दिया जाता।

राजधानी दिल्ली में राष्ट्र प्रेस से बातचीत के दौरान उन्होंने दुर्गापुर गैंगरेप मामले पर सीएम ममता बनर्जी के बयान का कड़ा जवाब दिया। सुकांत मजूमदार ने कहा कि ममता बनर्जी और उनके समर्थकों की टिप्पणियाँ बेहद असंवेदनशील हैं। बलात्कार जैसे जघन्य अपराधों के संदर्भ में ऐसी बातें अस्वीकार्य हैं। इन बयानों से यह स्पष्ट होता है कि ममता बनर्जी और उनके समर्थक अभी भी मध्ययुगीन मानसिकता में फंसे हुए हैं। हमारे पास टाइम मशीन नहीं है, अन्यथा हम उन्हें बाबर के युग में वापस भेज देते, जहाँ शायद ऐसा विचार था।

केंद्रीय राज्यमंत्री ने यह भी कहा कि बंगाल में बेटियाँ सुरक्षित नहीं हैं और उन्होंने कहा कि सभी ने ममता सरकार को सत्ता से बेदखल करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि 2027 के चुनाव में बंगाल की जनता अपनी बेटियों और धरोहरों की रक्षा के लिए ममता को सत्ता से हटाकर पीएम मोदी के नेतृत्व में भाजपा को सत्ता में लाएगी।

एक सोशल मीडिया पोस्ट में सुकांत मजूमदार ने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में ममता बनर्जी का यह बयान न केवल बंगाल की सभी महिलाओं का अपमान है, बल्कि यह एक गंभीर चिंता का विषय भी है। एक महिला मुख्यमंत्री की इस तरह की टिप्पणियाँ यह दर्शाती हैं कि कानून-व्यवस्था पूरी तरह से सरकार के नियंत्रण से बाहर हो गई है। अब ममता बनर्जी का नैतिक कर्तव्य है कि वह तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें।

उत्तर बंगाल में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के बारे में उन्होंने कहा कि जब सीएम कार्निवल में व्यस्त थीं, तब पीएम मोदी के नेतृत्व में भाजपा के कार्यकर्ता जमीन पर उतरकर बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद कर रहे थे। उन्होंने बताया कि उत्तर बंगाल में भूस्खलन और बाढ़ से प्रभावित लोगों के साथ खड़े रहने की दृढ़ प्रतिबद्धता के साथ दिल्ली से राहत सामग्री भेजी गई।

सुकांत मजूमदार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस कठिन समय में उत्तर बंगाल के लोगों के साथ मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। हम पीड़ितों को समय पर राहत और पुनर्वास सुनिश्चित करने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह बंगाल में महिलाओं की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर विचार करने का समय है। हमें इस मुद्दे पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए और समस्याओं का समाधान खोजने की कोशिश करनी चाहिए।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुकांत मजूमदार ने ममता बनर्जी पर क्या आरोप लगाए?
उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी की टिप्पणियाँ असंवेदनशील हैं और यदि टाइम मशीन होती, तो उन्हें बाबर के युग में भेजा जाता।
क्या ममता बनर्जी की टिप्पणियाँ महिलाओं के लिए अपमानजनक हैं?
हां, सुकांत मजूमदार ने इसे बंगाल की सभी महिलाओं का अपमान बताया है।
बंगाल में बेटियों की सुरक्षा के बारे में क्या कहा गया?
सुकांत मजूमदार ने दावा किया है कि बंगाल में बेटियाँ सुरक्षित नहीं हैं।
क्या ममता बनर्जी को इस्तीफा देना चाहिए?
सुकांत मजूमदार ने कहा कि ममता बनर्जी का नैतिक कर्तव्य है कि वह बिना किसी देरी के अपने पद से इस्तीफा दें।
उत्तर बंगाल में बाढ़ पीड़ितों के लिए क्या किया गया?
उन्होंने बताया कि भाजपा के कार्यकर्ता बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद कर रहे हैं और राहत सामग्री भेजी जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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