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क्या विकास गर्ग को ईडी का समन मिला? कस्टम ड्यूटी फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ!

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क्या विकास गर्ग को ईडी का समन मिला? कस्टम ड्यूटी फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ!

सारांश

क्या विकास गर्ग को प्रवर्तन निदेशालय का समन मिला है? जानिए कैसे 190 करोड़ रुपए के कस्टम ड्यूटी फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उनकी भूमिका की पड़ताल की जा रही है। क्या ईडी की कार्रवाई से एबिक्स इंक की साख पर असर पड़ेगा?

मुख्य बातें

ईडी की कार्रवाई से कस्टम ड्यूटी फ्रॉड का पर्दाफाश हुआ है।
विकास गर्ग की भूमिका की गहन जांच जारी है।
कंपनी की साख पर असर पड़ सकता है।
आर्थिक अपराधों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण है।

नई दिल्ली, 20 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 190 करोड़ रुपए के कस्टम ड्यूटी फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग केस में एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए एबिक्स इंक के चेयरमैन विकास गर्ग को तलब किया है। ईडी ने बताया कि गर्ग को शुक्रवार सुबह 10 बजे मुंबई स्थित सीजे हाउस में ईडी कार्यालय में पेश होने के निर्देश दिए गए हैं।

एजेंसी के अनुसार, यह समन उन जांचों के तहत जारी किया गया है जिनमें एबिक्स इंक से जुड़े आयात-निर्यात दस्तावेज़ों, वित्तीय लेनदेन और कथित तौर पर कस्टम ड्यूटी चोरी के जरिए किए गए मनी लॉन्ड्रिंग के पहलुओं की जांच की जा रही है। ईडी का दावा है कि कंपनी से जुड़े कुछ कारोबारों में बड़े पैमाने पर कस्टम शुल्क से बचने के लिए गलत इनवॉइस, झूठे मूल्यांकन और फर्जी घोषणाओं का इस्तेमाल किया गया, जिससे सरकार को लगभग 190 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ।

ईडी की ओर से जारी एक बयान में कहा गया, "कल एबिक्स इंक के चेयरमैन विकास गर्ग को ईडी ने 190 करोड़ रुपए के कस्टम ड्यूटी फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग केस में समन भेजा है। उन्हें सुबह 10 बजे तक सीजे हाउस में ईडी ऑफिस में पेश होने के लिए कहा गया है।"

इससे पहले, इस मामले में ईडी ने कई स्थानों पर छापेमारी की थी। 12 नवंबर को जांच एजेंसी ने विकास गर्ग, उनके कर्मचारियों और संबंधित लोगों के आवासीय व व्यावसायिक परिसरों पर छापेमारी की। इस दौरान आयात-निर्यात से जुड़े आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए थे। इनमें नकली बिल, ईमेल और रिकॉर्ड शामिल हैं। साथ ही, मुख्य आरोपियों के डिजिटल उपकरण जैसे लैपटॉप, मोबाइल फोन और पेन ड्राइव जब्त किए गए।

ईडी का दावा है कि यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फर्जी कंपनियों के जरिए चलाया जा रहा था। आरोपी विदेशी संस्थाओं के नाम पर माल आयात करते और निर्यात का दिखावा कर लाभ उठाते। इससे न केवल सीमा शुल्क की चोरी हुई, बल्कि जीएसटी और अन्य करों में भी धांधली की गई।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण संदेश भेजता है।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विकास गर्ग को ईडी ने क्यों तलब किया?
उन्हें 190 करोड़ रुपए के कस्टम ड्यूटी फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
ईडी ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है?
ईडी ने कई स्थानों पर छापेमारी की थी और संबंधित दस्तावेज बरामद किए हैं।
क्या यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर है?
हाँ, यह मामला फर्जी कंपनियों के जरिए चलाए जा रहे आर्थिक अपराधों से जुड़ा है।
राष्ट्र प्रेस
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