क्या लद्दाख के मुख्य सचिव और सेना प्रमुख की मुलाकात से सीमावर्ती क्षेत्रों का विकास होगा?
सारांश
Key Takeaways
- लद्दाख में सीमावर्ती क्षेत्रों का विकास
- सिविल-मिलिट्री समन्वय को मजबूती
- श्योक टनल का उद्घाटन
- अवसंरचना परियोजनाओं का विस्तार
- राष्ट्रीय सुरक्षा में सुधार
नई दिल्ली, २५ दिसंबर (राष्ट्र प्रेस) भारतीय सेना ने लद्दाख के सीमावर्ती क्षेत्रों में ढांचागत विकास पर लगातार ध्यान केंद्रित किया है। सेना प्रमुख ने लद्दाख के सीमावर्ती इलाकों में चल रही विकास परियोजनाओं पर लद्दाख के मुख्य सचिव से चर्चा की है।
लद्दाख के मुख्य सचिव आशीष कुंद्रा ने नई दिल्ली में सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी से मुलाकात की। इस दौरान दोनों वरिष्ठ अधिकारियों के बीच लद्दाख के इंडिया के फर्स्ट विलेजिस में चल रहे और प्रस्तावित विकास कार्यों पर गहन चर्चा हुई।
यह महत्वपूर्ण है कि सेना और सरकार का उद्देश्य इन गांवों में अधिकतम ढांचागत सुविधाएं प्रदान करना है। इसके साथ ही, लद्दाख के अधिकांश इलाकों को कठिन मौसम में देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने के लिए महत्वपूर्ण प्रयास किए जा रहे हैं। इस कारण, मुख्य सचिव आशीष कुंद्रा की सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी के साथ यह बैठक काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
इस मुलाकात में, सेना प्रमुख और लद्दाख के मुख्य सचिव ने सीमावर्ती इलाकों के गांवों के विकास पर चर्चा की। बैठक में यह बताया गया कि लद्दाख जैसे सामरिक क्षेत्र में सम्पूर्ण-सरकार दृष्टिकोण अपनाना समय की आवश्यकता है। इससे सीमांत क्षेत्रों का विकास राष्ट्रीय सुरक्षा के उद्देश्यों के साथ तालमेल बिठाकर आगे बढ़ सकेगा। लद्दाख में विशेष रूप से सड़क और संचार अवसंरचना, ऊर्जा समाधान, पर्यटन-संबंधी अवसर, आजीविका सुधार और स्थानीय समुदायों की जरूरतों को पूरा करने के उपाय किए जा रहे हैं।
जनरल द्विवेदी और आशीष कुंद्रा ने सहमति व्यक्त की कि सिविल-मिलिट्री समन्वय को मजबूत करके सीमांत क्षेत्रों में जीवन स्तर में सुधार होगा, और यह राष्ट्रीय सुरक्षा को और सुदृढ़ बनाएगा। सेना और प्रशासन के बीच तालमेल से दूरदराज के गांवों में कनेक्टिविटी बढ़ाने, बुनियादी सेवाएं प्रदान करने और रोजगार के नए अवसरों को विकसित करने में तेजी लाई जा सकती है।
इस मुलाकात ने संकेत दिया कि लद्दाख में सीमा क्षेत्रों के विकास के लिए एकीकृत प्रयास आगामी महीनों में और गति पकड़ेंगे। इससे भारत के पहले गांव न केवल बुनियादी सुविधाओं से सशक्त होंगे, बल्कि राष्ट्रीय गर्व और सामरिक मजबूती के स्तंभ के रूप में भी उभरेंगे।
इसी माह लद्दाख में दारबुक-श्योक-दौलत बेग ओल्डी रोड पर निर्मित ९०० मीटर लंबी श्योक टनल का उद्घाटन किया गया है। ९२० मीटर लंबी श्योक टनल को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दुनिया के सबसे कठिन इलाकों में निर्मित इंजीनियरिंग का चमत्कार बताया।
उन्होंने बताया कि यह टनल भारी बर्फबारी, हिमस्खलन और जटिल मौसम में सुरक्षा, मोबिलिटी और विशेषकर ठंड में सैन्य तैनाती की क्षमता को कई गुना बढ़ाएगी। रक्षा मंत्री ने लद्दाख में श्योक टनल के साथ-साथ यहाँ से सीमा सड़क संगठन की १२५ रणनीतिक महत्व की अवसंरचना परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित किया।
इन परियोजनाओं में २८ सड़कें, ९३ पुल और ०४ अन्य सामरिक अवसंरचना परियोजनाएं शामिल हैं। ये परियोजनाएं ७ राज्यों और २ केंद्रशासित प्रदेशों में फैली हुई हैं।