क्या लाहौल-स्पीति में पशु क्रूरता पर प्रभावी अंकुश लगाया जाएगा?
सारांश
Key Takeaways
- पशु कल्याण पर विशेष ध्यान दिया गया।
- लावारिस कुत्तों की नसबंदी आवश्यक है।
- विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की जरूरत है।
लाहौल-स्पीति, 17 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिला मुख्यालय केलांग स्थित उपायुक्त कार्यालय सभागार में हाल ही में पशु क्रूरता निवारण समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कार्यकारी उपायुक्त ने की, जिन्होंने मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश प्रदान किए।
बैठक में कार्यकारी उपनिदेशक पशुपालन विभाग ने विभाग द्वारा पशुओं के कल्याण के लिए चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले में गोसदन के निर्माण, लावारिस कुत्तों की नसबंदी, लावारिस पशुओं के पुनर्वास और एंटी रैबीज अभियान को प्रभावी रूप से लागू करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके अलावा विभाग लगातार प्रयासरत है कि पशुओं के प्रति क्रूरता पर अंकुश लगाया जाए और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
इस अवसर पर कार्यकारी उपायुक्त ने पशुपालन विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए कि पशुओं के हितों की अनदेखी किसी भी स्थिति में न हो और सभी योजनाओं को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। उन्होंने आवारा पशुओं की समस्या के समाधान के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया।
बैठक में ग्राम पंचायत केलांग की प्रधान सोनम जंगपों ने भी अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने गर्मियों के दौरान लावारिस कुत्तों से हो रहे नुकसान पर चिंता व्यक्त की और उनकी समय पर नसबंदी, उचित देखभाल तथा आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही उन्होंने लावारिस गोवंश की उचित व्यवस्था और उनके पुनर्वास के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।
बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों ने पशु कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर सहमति व्यक्त की और भविष्य में और अधिक प्रभावी कदम उठाने का संकल्प लिया। समिति ने यह सुनिश्चित करने का भी निर्णय लिया कि विभागीय कार्यक्रमों का पालन नियमित रूप से किया जाएगा और किसी भी स्तर पर पशुओं के अधिकारों की अनदेखी नहीं होगी।