क्या लखनऊ में सीबीआई ने नारकोटिक्स ब्यूरो के दो इंस्पेक्टरों को 10 लाख की रिश्वत लेते पकड़ा?

सारांश
Key Takeaways
- सीबीआई ने नारकोटिक्स ब्यूरो के दो इंस्पेक्टरों को गिरफ्तार किया।
- गिरफ्तारी 10 लाख रुपए की रिश्वत मांगने के मामले में हुई।
- नर्सिंग होम के मालिक ने रिश्वत दी थी।
- यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सख्त कदम है।
- सीबीआई ने अन्य राज्यों में भी कार्यवाही की है।
लखनऊ, 26 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने यूपी की राजधानी लखनऊ में नारकोटिक्स ब्यूरो के दो इंस्पेक्टरों को गिरफ्तार किया है। इनकी गिरफ्तारी 10 लाख रुपए की रिश्वत मांगने के आरोप में की गई है।
सूत्रों के अनुसार, सीबीआई ने केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन), लखनऊ के दो इंस्पेक्टरों और एक निजी नर्सिंग होम के मालिक को 10 लाख रुपए की रिश्वत मांगने के मामले में गिरफ्तार किया है।
सीबीआई ने 26 अगस्त को विश्वसनीय जानकारी के आधार पर लखनऊ स्थित केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) के दो आरोपी इंस्पेक्टरों, एक प्राइवेट नर्सिंग होम के मालिक और कुछ अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
आरोप है कि सीबीएन, लखनऊ के दो इंस्पेक्टरों ने एक निजी नर्सिंग होम के मालिक को प्रतिबंधित दवा की खरीद के झूठे मामले में फंसाने की धमकी देकर रिश्वत मांगी थी, ताकि प्रतिबंधित दवा की आपूर्ति का मामला बनाया जा सके।
जांच के दौरान, नर्सिंग होम के मालिक द्वारा सीबीएन के अधिकारियों को दी गई 10 लाख रुपए की रिश्वत बरामद की गई।
दोनों आरोपी इंस्पेक्टरों और रिश्वत देने वाले नर्सिंग होम के मालिक को हिरासत में ले लिया गया है और आगे की कार्रवाई जारी है।
इससे पहले, सीबीआई ने विभिन्न राज्यों में रिश्वतखोरी के मामलों में कार्रवाई की थी।
सीबीआई ने जम्मू-कश्मीर सरकार के स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत आने वाले ड्रग्स एंड फूड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन के राजौरी जिले में तैनात सहायक आयुक्त (खाद्य सुरक्षा) को शिकायतकर्ता से 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था।
इसके अलावा, सीबीआई ने दिल्ली पुलिस के एक हेड कांस्टेबल को भी गिरफ्तार किया था, जिसके खिलाफ रिश्वत लेने की जानकारी मिली थी। इसी क्रम में सीबीआई ने उसे एक लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ा।