लखनऊ में ₹2,250 के लिए दोस्त को बिजली का करंट देकर मार डाला, आरोपी बिरजू गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश पुलिस ने लखनऊ के बिजनौर थाना क्षेत्र में एक युवक की हत्या के मामले में 26 वर्षीय आरोपी बिरजू को 2 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने अपने दोस्त सचिन उर्फ राजा उर्फ रामधीरज को शराब के नशे में बेहोश होने की स्थिति में बिजली का करंट देकर मौत के घाट उतार दिया और उसकी जेब से मात्र ₹2,250 लूट लिए।
घटनाक्रम: कैसे हुई हत्या
28 सितंबर 2026 को सचिन ने बिरजू से पैसों की मदद माँगी, लेकिन बिरजू ने इनकार कर दिया। इसके बाद सचिन ने अपनी मोटरसाइकिल गिरवी रखकर कुछ रुपये जुटाए। दोनों ने उन पैसों से शराब खरीदी और बिरजू के कमरे में बैठकर पीने लगे।
पुलिस के बयान के अनुसार, जब अधिक शराब पीने की वजह से सचिन बेहोश हो गया, तो बिरजू के मन में उसके पास बचे हुए पैसे लेने का विचार आया। आरोपी ने कथित तौर पर बेहोश पड़े सचिन को बिजली का करंट दे दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद बिरजू ने सचिन की जेब से ₹2,250 नकद निकाले और शव को किसी अन्य घर के पास छोड़कर फरार हो गया।
परिवार की शिकायत और एफआईआर
1 अक्टूबर 2026 को सचिन के परिजनों ने बिजनौर थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उसके बेटे सचिन की हत्या बिरजू, तेजू और अन्य साथियों ने गला घोंटकर और बिजली का झटका देकर की है। शिकायत के आधार पर बिजनौर पुलिस ने तत्काल एफआईआर दर्ज की।
जाँच: 170-190 सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल
पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) के निर्देश पर आरोपियों का पता लगाने के लिए तीन विशेष टीमें गठित की गईं। इन टीमों ने लगभग 170 से 190 सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तकनीकी व मैनुअल साक्ष्यों के साथ-साथ स्थानीय खुफिया नेटवर्क की मदद ली। गहन जाँच के बाद पुलिस ने 2 अक्टूबर को नामजद आरोपी बिरजू को हिरासत में ले लिया।
बरामदगी और कानूनी कार्रवाई
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी के पास से एक बिजली का तार, स्टैंड वाला लोहे का कूलर और ₹2,250 नकद बरामद किए, जो कथित तौर पर मृतक सचिन की जेब से लिए गए थे। पुलिस ने बताया कि मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है और अन्य नामजद आरोपियों की तलाश भी की जा रही है।
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब राज्य में छोटी रकम के लिए हिंसक अपराधों की घटनाएँ बार-बार चर्चा में आ रही हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी बिरजू की अन्य नामजद आरोपियों से संभावित संलिप्तता की भी जाँच की जा रही है।