4 अक्टूबर 2026
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लखनऊ में ₹2,250 के लिए दोस्त को बिजली का करंट देकर मार डाला, आरोपी बिरजू गिरफ्तार

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लखनऊ में ₹2,250 के लिए दोस्त को बिजली का करंट देकर मार डाला, आरोपी बिरजू गिरफ्तार

सारांश

महज ₹2,250 के लिए एक दोस्त की बेहोशी का फायदा उठाकर बिजली का करंट देकर हत्या — लखनऊ के बिजनौर थाना क्षेत्र में सामने आई इस वारदात ने पुलिस को 170 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर मजबूर किया। आरोपी बिरजू गिरफ्तार, शव के साथ तार और कूलर बरामद।

मुख्य बातें

लखनऊ के बिजनौर थाना क्षेत्र में सचिन उर्फ राजा उर्फ रामधीरज की हत्या का मामला 1 अक्टूबर 2026 को दर्ज हुआ।
आरोपी बिरजू (26 वर्ष) ने कथित तौर पर शराब के नशे में बेहोश दोस्त को बिजली का करंट देकर मारा और ₹2,250 लूटे।
पुलिस ने तीन विशेष टीमें बनाकर 170-190 सीसीटीवी फुटेज की जाँच की और 2 अक्टूबर को बिरजू को गिरफ्तार किया।
बरामदगी में बिजली का तार , लोहे का कूलर और ₹2,250 नकद शामिल हैं।
अन्य नामजद आरोपी तेजू और अज्ञात साथियों की तलाश अभी जारी है।

उत्तर प्रदेश पुलिस ने लखनऊ के बिजनौर थाना क्षेत्र में एक युवक की हत्या के मामले में 26 वर्षीय आरोपी बिरजू को 2 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने अपने दोस्त सचिन उर्फ राजा उर्फ रामधीरज को शराब के नशे में बेहोश होने की स्थिति में बिजली का करंट देकर मौत के घाट उतार दिया और उसकी जेब से मात्र ₹2,250 लूट लिए।

घटनाक्रम: कैसे हुई हत्या

28 सितंबर 2026 को सचिन ने बिरजू से पैसों की मदद माँगी, लेकिन बिरजू ने इनकार कर दिया। इसके बाद सचिन ने अपनी मोटरसाइकिल गिरवी रखकर कुछ रुपये जुटाए। दोनों ने उन पैसों से शराब खरीदी और बिरजू के कमरे में बैठकर पीने लगे।

पुलिस के बयान के अनुसार, जब अधिक शराब पीने की वजह से सचिन बेहोश हो गया, तो बिरजू के मन में उसके पास बचे हुए पैसे लेने का विचार आया। आरोपी ने कथित तौर पर बेहोश पड़े सचिन को बिजली का करंट दे दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद बिरजू ने सचिन की जेब से ₹2,250 नकद निकाले और शव को किसी अन्य घर के पास छोड़कर फरार हो गया।

परिवार की शिकायत और एफआईआर

1 अक्टूबर 2026 को सचिन के परिजनों ने बिजनौर थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उसके बेटे सचिन की हत्या बिरजू, तेजू और अन्य साथियों ने गला घोंटकर और बिजली का झटका देकर की है। शिकायत के आधार पर बिजनौर पुलिस ने तत्काल एफआईआर दर्ज की।

जाँच: 170-190 सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल

पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) के निर्देश पर आरोपियों का पता लगाने के लिए तीन विशेष टीमें गठित की गईं। इन टीमों ने लगभग 170 से 190 सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तकनीकी व मैनुअल साक्ष्यों के साथ-साथ स्थानीय खुफिया नेटवर्क की मदद ली। गहन जाँच के बाद पुलिस ने 2 अक्टूबर को नामजद आरोपी बिरजू को हिरासत में ले लिया।

बरामदगी और कानूनी कार्रवाई

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी के पास से एक बिजली का तार, स्टैंड वाला लोहे का कूलर और ₹2,250 नकद बरामद किए, जो कथित तौर पर मृतक सचिन की जेब से लिए गए थे। पुलिस ने बताया कि मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है और अन्य नामजद आरोपियों की तलाश भी की जा रही है।

यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब राज्य में छोटी रकम के लिए हिंसक अपराधों की घटनाएँ बार-बार चर्चा में आ रही हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी बिरजू की अन्य नामजद आरोपियों से संभावित संलिप्तता की भी जाँच की जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

250 जैसी नगण्य रकम के लिए जान लेना यह भी सवाल उठाता है कि क्या पुलिस और प्रशासन की नज़र उन कमरों और बस्तियों पर पर्याप्त है जहाँ अकेले रहने वाले युवा शराब और अपराध की गिरफ्त में जा रहे हैं। 170 से अधिक सीसीटीवी फुटेज की जाँच और त्वरित गिरफ्तारी निस्संदेह पुलिस की मुस्तैदी दर्शाती है, लेकिन नामजद अन्य आरोपियों की अभी भी तलाश जारी रहना यह बताता है कि मामला पूरी तरह सुलझा नहीं है।
RashtraPress
4 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लखनऊ बिजली करंट हत्याकांड में क्या हुआ था?
28 सितंबर 2026 को लखनऊ के बिजनौर थाना क्षेत्र में आरोपी बिरजू ने अपने दोस्त सचिन को शराब के नशे में बेहोश होने पर बिजली का करंट देकर मार डाला और उसकी जेब से ₹2,250 लूट लिए। इसके बाद बिरजू ने शव को किसी अन्य के घर के पास छोड़कर फरार हो गया।
आरोपी बिरजू को कैसे पकड़ा गया?
पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) के निर्देश पर तीन विशेष टीमें बनाई गईं, जिन्होंने 170 से 190 सीसीटीवी फुटेज की जाँच की और तकनीकी व स्थानीय खुफिया साक्ष्यों के आधार पर 2 अक्टूबर 2026 को बिरजू को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने आरोपी के पास से क्या बरामद किया?
पुलिस ने बिरजू के पास से एक बिजली का तार, स्टैंड वाला लोहे का कूलर और ₹2,250 नकद बरामद किए। ये रुपये कथित तौर पर मृतक सचिन की जेब से निकाले गए थे।
क्या इस मामले में अन्य आरोपी भी हैं?
परिजनों की शिकायत में बिरजू के अलावा तेजू और अन्य अज्ञात साथियों का नाम भी है। पुलिस ने बताया है कि इन शेष नामजद आरोपियों की तलाश अभी भी जारी है।
मृतक सचिन का परिवार कहाँ से जुड़ा था और एफआईआर कब हुई?
मृतक का पूरा नाम सचिन उर्फ राजा उर्फ रामधीरज था। उसके परिजनों ने 1 अक्टूबर 2026 को बिजनौर थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जाँच शुरू की।
राष्ट्र प्रेस
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