मोतिहारी में 'मेड इन पाकिस्तान' चादरें बिक्री पर मिलीं, पुलिस ने दो फेरीवालों से की पूछताछ
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के मोतिहारी में पूर्वी चंपारण पुलिस ने 17 अक्टूबर को दो फेरीवालों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिन पर शहर के चांदमारी इलाके में कथित तौर पर ऐसी चादरें बेचने का आरोप है जिन पर 'मेड इन पाकिस्तान' का लेबल लगा था। पुलिस अब इन उत्पादों की आपूर्ति श्रृंखला और बिहार तक पहुँचने के रास्ते की जाँच कर रही है।
मुख्य घटनाक्रम
पूर्वी चंपारण के पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने बताया कि शनिवार को पुलिस को चांदमारी इलाके में इन चादरों की बिक्री की शिकायत मिली, जिसके बाद तत्काल कार्रवाई की गई। यह पहली ऐसी घटना नहीं है — इससे पहले 7 अक्टूबर को रघुनाथपुर थाना क्षेत्र में भी इसी तरह की शिकायत दर्ज की गई थी।
उस पहले मामले में दो युवक नई बेडशीट मात्र ₹200 प्रति नग की कीमत पर बेच रहे थे। कम कीमत देखकर कई स्थानीय निवासियों ने खरीदारी की, लेकिन जब एक खरीदार की नज़र चादर पर लगे टैग पर पड़ी जिस पर 'मेड इन पाकिस्तान' अंकित था, तो इलाके में हंगामा मच गया।
आपूर्ति स्रोत की जाँच
जाँच के दौरान बंजरिया थाना क्षेत्र के पंडाल चौक पर स्थित 'ओम साई टेक्सटाइल्स' का नाम कथित आपूर्ति स्रोत के रूप में सामने आया है। दोनों फेरीवालों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने ये चादरें इसी प्रतिष्ठान से खरीदी थीं और अलग-अलग इलाकों में घूमकर बेचीं।
विक्रेताओं का दावा है कि ये इस्तेमाल की जा चुकी यानी पुरानी चादरें थीं, जिन्हें भारत के विभिन्न हिस्सों और विदेशों से मंगाया गया था। हालाँकि, इन चादरों पर लगे 'मेड इन पाकिस्तान' लेबल की प्रामाणिकता और उनके वास्तविक मूल स्थान की अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
पुलिस की जाँच का दायरा
एसपी स्वर्ण प्रभात के अनुसार, जाँचकर्ता तीन प्रमुख बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं — आपूर्तिकर्ता की पहचान, कपड़ा व्यापारी की कथित भूमिका, और इस सप्लाई चेन से जुड़े अन्य संभावित संपर्क। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन उत्पादों का ऑर्डर किसने दिया और ये मूल रूप से कहाँ से आए।
यह ऐसे समय में आया है जब भारत-पाकिस्तान संबंध तनावपूर्ण दौर से गुज़र रहे हैं और पाकिस्तानी मूल के उत्पादों को लेकर संवेदनशीलता अधिक है। गौरतलब है कि भारत में पाकिस्तान से व्यापारिक आयात पर कड़े प्रतिबंध हैं, इसलिए इन चादरों की उपस्थिति जाँच एजेंसियों के लिए महत्त्वपूर्ण प्रश्न खड़े करती है।
आगे क्या होगा
पुलिस द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों और बयानों की पुष्टि के बाद इन बेडशीट के वास्तविक स्रोत और किसी संभावित बड़े वितरण नेटवर्क के बारे में स्पष्ट तस्वीर सामने आने की उम्मीद है। 'ओम साई टेक्सटाइल्स' की भूमिका और सप्लाई चेन के अन्य कड़ियों की जाँच जारी है, और आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियाँ भी हो सकती हैं।