राजौरी के अजमताबाद गांव में PIA लोगो वाला पाकिस्तानी गुब्बारा बरामद, जांच शुरू
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के थानामंडी इलाके के अजमताबाद गांव में 30 जुलाई को पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (PIA) के नाम और लोगो वाला एक गुब्बारा बरामद किया गया। स्थानीय लोगों ने यह गुब्बारा पुलिस को सौंपा, जिसके बाद अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है।
गुब्बारे का विवरण और बरामदगी
पुलिस के अनुसार यह गुब्बारा सफेद और लाल रंग का था, जिस पर पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (PIA) स्पष्ट रूप से अंकित था। स्थानीय निवासियों ने इसे देखते ही सुरक्षा बलों को सूचित किया और गुब्बारा पुलिस को सुपुर्द कर दिया। पुलिस ने पुष्टि की है कि गुब्बारा सुरक्षित रूप से बरामद कर लिया गया है।
जांच का दायरा
अधिकारियों ने बताया कि जांच इस बात पर केंद्रित है कि यह गुब्बारा महज एक संयोगवश आई वस्तु है या इसके पीछे कोई सुनियोजित मकसद हो सकता है। यह ऐसे समय में आया है जब इस क्षेत्र में ड्रोन गतिविधियों की निगरानी पहले से बढ़ाई हुई है। सुरक्षा बल हवा में दिखने वाली किसी भी संदिग्ध वस्तु पर तत्काल एरिया-डोमिनेशन प्रोटोकॉल लागू करते हैं।
पिछली घटनाओं का सिलसिला
यह घटना अकेली नहीं है। गौरतलब है कि अप्रैल में जम्मू जिले के अरनिया सेक्टर में भी पाकिस्तान का एक गुब्बारा बरामद हुआ था। मार्च में राजौरी जिले के सरहोती गांव में हवाई जहाज के आकार का एक गुब्बारा मिला था, जिस पर उर्दू में PIA लिखा था। फरवरी में जम्मू के अखनूर सेक्टर में दो गुब्बारे मिले थे, जिन पर पाकिस्तान का 5,000 रुपए का नोट, एक अमेरिकी डॉलर और पाकिस्तान का मोबाइल फोन नंबर लगा हुआ था। इसी महीने आरएस पुरा सेक्टर में हरे-सफेद रंग का हवाई जहाज के आकार का PIA गुब्बारा और पीले रंग का दिल के आकार का गुब्बारा भी बरामद हुआ था। जनवरी में अखनूर सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास स्थानीय लोगों को अंग्रेजी और उर्दू में PIA अंकित हवाई जहाज के आकार का प्रचार गुब्बारा मिला था।
सुरक्षा बलों का रुख
अधिकारियों के अनुसार इनमें से अधिकांश वस्तुएं पाकिस्तान की व्यावसायिक या उत्सव संबंधी सामग्री होती हैं जो हवा के साथ बहकर सीमा पार आ जाती हैं। हालांकि, जांच में यह भी सामने आया है कि सीमा पार से नशीले पदार्थों और गोला-बारूद की तस्करी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसी कारण सुरक्षा एजेंसियां हर ऐसे मामले को गंभीरता से लेती हैं और किसी भी संभावित जासूसी या खतरनाक गतिविधि से इनकार करने से पहले पूरी जांच करती हैं।
आगे क्या
राजौरी पुलिस की जांच जारी है और सुरक्षा एजेंसियां गुब्बारे की उत्पत्ति तथा उद्देश्य का पता लगाने में जुटी हैं। इस क्षेत्र में बार-बार हो रही ऐसी घटनाओं को देखते हुए सीमावर्ती इलाकों में निगरानी और सतर्कता बनाए रखी जाएगी।