बारामूला में दो हैंड ग्रेनेड बरामद, राजौरी में सेना ने तीन पाकिस्तानी ड्रोन खदेड़े
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले में संयुक्त सुरक्षा बलों ने 28 अगस्त 2026 को नाका चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध के पास से दो हैंड ग्रेनेड बरामद किए। इसी रात राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर तीन पाकिस्तानी ड्रोन की घुसपैठ की कोशिश को सेना ने काउंटर-ड्रोन प्रणाली से नाकाम कर दिया।
बारामूला में ग्रेनेड बरामदगी
पुलिस के अनुसार, उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले के कुंजर इलाके में वुसान बांगिल के पास नाका चेकिंग के दौरान एक व्यक्ति ने सुरक्षाकर्मियों को देखते ही भागने की कोशिश की। उसे तत्काल दबोच लिया गया और तलाशी में उसके पास से दो हैंड ग्रेनेड मिले।
पकड़े गए व्यक्ति की पहचान शाकिर नबी लोन, निवासी हरदू अबूरा, कुंजर, के रूप में हुई। यह संयुक्त अभियान कुंजर पुलिस स्टेशन, एसओजी कुंजर, सीआरपीएफ 176 बटालियन और 2 राष्ट्रीय राइफल्स की टीम ने मिलकर चलाया था। बरामदगी के बाद कुंजर पुलिस स्टेशन में शाकिर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी गई है और मामले की आगे जाँच जारी है।
राजौरी में ड्रोन घुसपैठ की कोशिश नाकाम
अधिकारियों ने बताया कि 27-28 अगस्त की रात राजौरी के नौशेरा इलाके में रुमलिधारा के पास तीन ड्रोन भारतीय हवाई क्षेत्र में दाखिल होने की कोशिश में थे। सैनिकों ने उनकी हरकत को समय रहते भाँप लिया और तुरंत काउंटर-ड्रोन सिस्टम सक्रिय कर दिए।
अधिकारियों के अनुसार, "इस तेज कार्रवाई के कारण तीनों ड्रोन को वापस सीमा पार भागना पड़ा।" एहतियात के तौर पर इलाके में सर्च ऑपरेशन भी शुरू कर दिया गया है।
ड्रोन घुसपैठ का पैटर्न और खतरा
यह ऐसे समय में आया है जब आतंकी संगठनों के हैंडलर जम्मू-कश्मीर में हथियार, गोला-बारूद, नकदी और ड्रग्स की तस्करी के लिए ड्रोन तकनीक का लगातार इस्तेमाल कर रहे हैं। इन सामग्रियों को आतंकी संगठनों के ओवरग्राउंड वर्कर उठाते हैं और सक्रिय आतंकियों तक पहुँचाते हैं। गौरतलब है कि यह कोई पहली घटना नहीं है — एलओसी पर ड्रोन घुसपैठ की कोशिशें पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ी हैं।
सुरक्षा बलों की तैयारी
केंद्र शासित प्रदेश में एलओसी और अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा में तैनात भारतीय सेना और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने ड्रोन खतरे से निपटने के लिए हाई-टेक एंटी-ड्रोन प्रणाली तैनात की है। इस तकनीक की बदौलत ही रुमलिधारा में तीनों ड्रोन को वापस खदेड़ा जा सका।
दोनों घटनाएँ एक ही दिन सामने आई हैं, जो दर्शाती हैं कि जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बल एक साथ ज़मीनी और हवाई खतरों का सामना कर रहे हैं। आने वाले दिनों में दोनों मामलों में जाँच एजेंसियों की कार्रवाई पर नज़र रहेगी।