27 जुलाई 2026
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जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तानी ड्रोन की घुसपैठ, राजौरी और सांबा में सर्च ऑपरेशन जारी

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जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तानी ड्रोन की घुसपैठ, राजौरी और सांबा में सर्च ऑपरेशन जारी

सारांश

जम्मू-कश्मीर के राजौरी और सांबा में रात को संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन देखे गए — सेना और BSF ने तड़के सर्च ऑपरेशन छेड़ा। साथ ही राजौरी के कयान गाँव में 51-एमएम मोर्टार शेल मिला, जिसे नियंत्रित धमाके से नष्ट किया गया। सीमावर्ती इलाकों में ड्रोन गतिविधि में बढ़ोतरी चिंता का विषय बनी हुई है।

मुख्य बातें

27 जुलाई 2026 की रात राजौरी के नौशेरा सेक्टर और सांबा के नंदपुर इलाके में संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन देखे गए।
भारतीय सेना , BSF और पुलिस ने संयुक्त रूप से सुबह से सर्च ऑपरेशन शुरू किया, जो शाम तक जारी रहा।
अब तक कोई संदिग्ध सामग्री बरामद नहीं हुई और न किसी की गिरफ्तारी हुई।
राजौरी के कयान गाँव में किसानों को खेत में 51-एमएम मोर्टार शेल मिला, जिसे बम निरोधक दस्ते ने नष्ट किया।
पिछले एक सप्ताह में सीमावर्ती इलाकों में ड्रोन गतिविधि में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
सांबा और कठुआ जिलों में ड्रोन-रोधी उपाय तेज़ और निगरानी बढ़ाई गई।

जम्मू-कश्मीर के राजौरी और सांबा जिलों में 27 जुलाई 2026 की रात संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन देखे जाने के बाद सुरक्षा बलों ने सोमवार सुबह से व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया। लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) और इंटरनेशनल बॉर्डर के नज़दीक अग्रिम इलाकों में यह कार्रवाई हथियारों और नशीले पदार्थों की संभावित तस्करी की आशंका के मद्देनज़र की गई।

मुख्य घटनाक्रम

अधिकारियों के अनुसार, सांबा के नंदपुर इलाके में इंटरनेशनल बॉर्डर के पास और राजौरी के नौशेरा सेक्टर में LoC के नज़दीक तरकुंडी-साज क्षेत्र में सतर्क सेना के जवानों ने ड्रोन गतिविधि दर्ज की। इसके तुरंत बाद दोनों इलाकों में निगरानी तेज़ कर दी गई।

भारतीय सेना और बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) ने पुलिस तथा अन्य सुरक्षा एजेंसियों के सहयोग से सुबह सर्च ऑपरेशन शुरू किया, जो शाम तक जारी रहा। अधिकारियों ने बताया कि अब तक न कोई संदिग्ध सामग्री बरामद हुई है और न ही किसी की गिरफ्तारी हुई है।

राजौरी में मोर्टार शेल बरामद

इसी बीच, रविवार को राजौरी जिले के कयान गांव में शाम करीब 4 बजे किसानों को एक खुले खेत में 51-एमएम का मोर्टार शेल पड़ा मिला। सूचना मिलते ही राष्ट्रीय राइफल्स के जवान बम निरोधक दस्ते के साथ मौके पर पहुँचे और नियंत्रित धमाके के ज़रिए बिना किसी नुकसान के शेल को नष्ट कर दिया।

सीमावर्ती इलाकों में बढ़ी निगरानी

यह घटना पिछले एक सप्ताह में सीमावर्ती इलाकों में ड्रोन गतिविधियों में साफ़ बढ़ोतरी के बीच सामने आई है। अधिकारियों ने बताया कि सांबा और कठुआ जिलों में विशेष रूप से संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई गई है और ड्रोन-रोधी उपाय तेज़ कर दिए गए हैं।

गौरतलब है कि सेना LoC की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी संभालती है, जबकि इंटरनेशनल बॉर्डर की सुरक्षा BSF के अधीन है। दोनों बलों के बीच समन्वय इस ऑपरेशन की धुरी बना हुआ है।

सुरक्षा एजेंसियों की प्रतिक्रिया

अधिकारियों के अनुसार, ड्रोन से हथियार या नशीला पदार्थ गिराए जाने की आशंका को पूरी तरह खारिज करने के लिए तलाशी अभियान व्यापक और व्यवस्थित तरीके से चलाया जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब सीमापार से ड्रोन के ज़रिए तस्करी की कोशिशें पहले भी दर्ज की जा चुकी हैं।

आगे की स्थिति

सर्च ऑपरेशन के नतीजों की आधिकारिक पुष्टि का इंतज़ार है। सुरक्षा बल क्षेत्र में हाई अलर्ट पर बने हुए हैं और आने वाले दिनों में निगरानी और कड़ी किए जाने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो बताती हैं कि पारंपरिक सीमा सुरक्षा ढाँचा नई तकनीकी चुनौती के सामने अपर्याप्त साबित हो रहा है। सर्च ऑपरेशन का कोई ठोस नतीजा न निकलना यह भी संकेत देता है कि ड्रोन-विरोधी तकनीक और वास्तविक समय में पेलोड ट्रैकिंग की क्षमता अभी भी सीमित है। राजौरी में मोर्टार शेल की बरामदगी इस तस्वीर में एक और परत जोड़ती है — सीमावर्ती इलाकों में पुरानी युद्धसामग्री और नई तकनीकी खतरे एक साथ मौजूद हैं। नीति-निर्माताओं के लिए असली सवाल यह है कि क्या मौजूदा ड्रोन-रोधी उपाय इस बढ़ते खतरे की रफ़्तार से मेल खा रहे हैं।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तानी ड्रोन क्यों देखे जा रहे हैं?
अधिकारियों के अनुसार, संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी या घुसपैठ की कोशिशों के लिए इस्तेमाल किए जाने की आशंका है। पिछले एक सप्ताह में सीमावर्ती इलाकों में ड्रोन गतिविधि में स्पष्ट बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
राजौरी और सांबा में सर्च ऑपरेशन में क्या मिला?
अधिकारियों ने बताया कि सोमवार शाम तक चले तलाशी अभियान में अब तक कोई संदिग्ध सामग्री बरामद नहीं हुई और न किसी की गिरफ्तारी हुई। ऑपरेशन जारी है।
राजौरी के कयान गाँव में मोर्टार शेल कैसे मिला?
रविवार शाम करीब 4 बजे कयान गाँव के किसानों को एक खुले खेत में 51-एमएम का मोर्टार शेल पड़ा मिला। सूचना पर पहुँचे राष्ट्रीय राइफल्स के जवानों और बम निरोधक दस्ते ने नियंत्रित धमाके से इसे नष्ट किया।
LoC और इंटरनेशनल बॉर्डर की सुरक्षा कौन करता है?
जम्मू-कश्मीर में लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) की सुरक्षा भारतीय सेना की ज़िम्मेदारी है, जबकि इंटरनेशनल बॉर्डर की निगरानी बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) करती है।
सीमावर्ती इलाकों में ड्रोन-रोधी उपाय क्या किए गए हैं?
अधिकारियों के अनुसार, सांबा और कठुआ जिलों में विशेष रूप से ड्रोन-रोधी उपाय तेज़ किए गए हैं और निगरानी बढ़ाई गई है। सेना, BSF और पुलिस मिलकर संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों में अलर्ट पर हैं।
राष्ट्र प्रेस
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