क्या जम्मू-कश्मीर के पुंछ में संदिग्ध ड्रोन बरामद हुआ है?

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क्या जम्मू-कश्मीर के पुंछ में संदिग्ध ड्रोन बरामद हुआ है?

सारांश

पुंछ में एक संदिग्ध ड्रोन बरामद हुआ है, जिससे सुरक्षा एजेंसियां इसकी उत्पत्ति और उद्देश्य की जांच कर रही हैं। इस घटना ने इलाके में सुरक्षा की स्थिति को और भी संवेदनशील बना दिया है। क्या यह आतंकवादियों से जुड़ा हुआ है? जानिए पूरी जानकारी।

मुख्य बातें

पुंछ में एक संदिग्ध ड्रोन बरामद हुआ है।
सुरक्षा एजेंसियों ने इसकी जांच शुरू की है।
भारतीय सेना 30-35 आतंकवादियों के खिलाफ अभियान चला रही है।
स्थानीय लोग आतंकवादियों की मदद से इनकार कर रहे हैं।
मौसम सुरक्षा बलों के लिए अनुकूल है।

पुंछ, 29 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू-कश्मीर के पुंछ में एक संदिग्ध ड्रोन की बरामदगी की गई है, जिसे पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियों ने इसके उत्पत्ति और उद्देश्य का पता लगाने के लिए गहन जांच प्रारंभ कर दी है।

सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियों ने सोमवार को पुंछ जिले की मेंढर तहसील के एक रिहायशी क्षेत्र से ड्रोन बरामद किया। स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (एसओजी) मेंढर को गोहलेड गांव के निवासी मेहंदी खान के बेटे मोहम्मद शफीक की ज़मीन पर ड्रोन की मौजूदगी की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही एसओजी की टीम तत्क्षण मौके पर पहुंची और ड्रोन को अपने कब्जे में ले लिया।

इस बरामद ड्रोन को तकनीकी जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है। अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा एजेंसियां इसकी उत्पत्ति और उद्देश्य का पता लगाने के लिए आगे की जांच कर रही हैं।

इसके अतिरिक्त, पिछले एक सप्ताह से भारतीय सेना जम्मू-कश्मीर में लगभग 30-35 आतंकवादियों को घेरने के लिए एक बड़े ऑपरेशन में जुटी है। यह हाल के दिनों में सेना द्वारा चलाए गए सबसे कठिन अभियानों में से एक है।

एक अधिकारी ने जानकारी दी कि 31 जनवरी के बाद से चल रहे इस अभियान में प्रगति की उम्मीद जताई जा रही है, क्योंकि मौसम सुरक्षा बलों के लिए अनुकूल होगा। सुरक्षा एजेंसियों ने जैश-ए-मोहम्मद के 30-35 आतंकवादियों की रणनीति में एक बड़ा बदलाव देखा है।

अधिकारी ने बताया कि डोडा और किश्तवाड़ क्षेत्र में सक्रिय आतंकवादियों के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियां लगातार अभियान चला रही हैं।

उन्होंने बताया कि पहले इस मौसम में आतंकवादी आमतौर पर स्थानीय लोगों के घरों में शरण लेते थे, लेकिन इस बार वे दूर रह रहे हैं।

अधिकारियों का कहना है कि पहलगाम हमले के बाद स्थानीय लोग उनकी मदद करने से इनकार कर रहे हैं, जिसके कारण आतंकवादियों ने खुद को अलग-थलग करने का निर्णय लिया है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संदिग्ध ड्रोन कहां से बरामद हुआ?
संदिग्ध ड्रोन पुंछ जिले की मेंढर तहसील के एक रिहायशी इलाके से बरामद हुआ।
क्या सुरक्षा एजेंसियां ड्रोन की जांच कर रही हैं?
हां, सुरक्षा एजेंसियों ने ड्रोन की उत्पत्ति और उद्देश्य का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है।
क्यों भारतीय सेना जम्मू-कश्मीर में ऑपरेशन चला रही है?
भारतीय सेना जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों को घेरने के लिए एक बड़ा अभियान चला रही है।
राष्ट्र प्रेस
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