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पुंछ में संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन दिखा, LoC पर हाई अलर्ट; उधमपुर-राजौरी में बड़ा तलाशी अभियान

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पुंछ में संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन दिखा, LoC पर हाई अलर्ट; उधमपुर-राजौरी में बड़ा तलाशी अभियान

सारांश

पुंछ के मेंढर सेक्टर में संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन की दस्तक ने LoC पर हाई अलर्ट की स्थिति पैदा कर दी है। समानांतर में उधमपुर, कठुआ और राजौरी के घने जंगलों में सेना, पुलिस और अर्धसैनिक बलों का संयुक्त तलाशी अभियान जारी है।

मुख्य बातें

पुंछ के मेंढर सेक्टर के बेहरूती गाँव में 29 अगस्त की देर शाम एक संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन देखा गया।
ड्रोन मंगलनार-डाब्रोते की दिशा में गया और पाकिस्तान की ओर लौट गया; संदिग्ध सामग्री गिराए जाने की जाँच जारी है।
सेना, पुलिस और अर्धसैनिक बल मिलकर उधमपुर, कठुआ और राजौरी के वन क्षेत्रों में तलाशी अभियान चला रहे हैं।
राजौरी के गैबास, मिथियानी, मोगला और नरला में दो संदिग्ध सशस्त्र व्यक्तियों की सूचना के बाद अलग अभियान शुरू।
अब तक कोई मुठभेड़ नहीं हुई; राजौरी, पुंछ, कठुआ, रामबन, उधमपुर, डोडा, किश्तवार और रियासी के जंगल सुरक्षा बलों की निगरानी में।

जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा (LoC) से सटे अग्रिम क्षेत्र में 29 अगस्त को एक संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन देखे जाने के बाद सुरक्षा एजेंसियाँ हाई अलर्ट पर आ गई हैं। ड्रोन को मेंढर सेक्टर के बालाकोट क्षेत्र के बेहरूती गाँव में शुक्रवार देर शाम देखा गया, जिसके बाद सेना ने तत्काल तलाशी अभियान शुरू कर दिया।

ड्रोन की गतिविधि और सेना की प्रतिक्रिया

अधिकारियों के अनुसार, संदिग्ध ड्रोन बेहरूती गाँव के ऊपर मँडराने के बाद मंगलनार-डाब्रोते की दिशा में बढ़ा और पाकिस्तान की ओर वापस लौट गया। नियंत्रण रेखा पर तैनात सेना के जवानों ने निगरानी तत्काल तेज कर दी और शनिवार तड़के से ही व्यापक तलाशी अभियान प्रारंभ किया। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ड्रोन ने सीमा पार से कोई संदिग्ध सामग्री गिराई या साथ लाई थी या नहीं।

उधमपुर, कठुआ और राजौरी में संयुक्त अभियान

ड्रोन की घटना के समानांतर, संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद पुलिस, सेना और अर्धसैनिक बलों ने उधमपुर, कठुआ और राजौरी के विशाल वन क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर संयुक्त तलाशी अभियान छेड़ा है। उधमपुर-कठुआ वन क्षेत्र के खुबन, नागैन, खत्रैल, गोडू फलाल, पदेतर, चोर मोटू, किआ, खेबा, भेड़, मार्टी और जोफर सहित आसपास के इलाकों में शुक्रवार शाम से यह अभियान जारी है।

राजौरी में स्थानीय ग्रामीणों ने दो संदिग्ध सशस्त्र व्यक्तियों की गतिविधियों की सूचना दी, जिनके आतंकवादी होने का संदेह है। इस सूचना के आधार पर गैबास, मिथियानी, मोगला और नरला में अलग से एक और तलाशी अभियान शुरू किया गया है।

व्यापक क्षेत्र में सुरक्षा बलों की तैनाती

राजौरी, पुंछ, कठुआ, रामबन, उधमपुर, डोडा, किश्तवार और रियासी के घने जंगलों वाले इलाके फिलहाल सुरक्षा बलों की कड़ी निगरानी में हैं। यह ऐसे समय में आया है जब इन क्षेत्रों से आतंकवादियों के एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में आवाजाही की सूचनाएँ लगातार मिल रही हैं।

गौरतलब है कि मौजूदा तलाशी अभियान के दौरान अब तक कोई सीधी मुठभेड़ नहीं हुई है, लेकिन सुरक्षा बलों का उद्देश्य छिपे हुए संदिग्धों को किसी भी स्थान पर स्थायी रूप से पाँव जमाने से रोकना है, ताकि वे नागरिकों अथवा सुरक्षा कर्मियों पर हमला न कर सकें।

पृष्ठभूमि और सुरक्षा संदर्भ

जम्मू-कश्मीर में LoC के निकट ड्रोन गतिविधियाँ पिछले कुछ वर्षों में चिंता का प्रमुख विषय बनी हैं। कथित तौर पर इन ड्रोनों का उपयोग हथियारों, नशीले पदार्थों और संचार उपकरणों की तस्करी के लिए किया जाता रहा है। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि LoC पर ड्रोन निगरानी और काउंटर-ड्रोन तकनीक की तैनाती अब सामरिक प्राथमिकता बन चुकी है।

आगे की स्थिति

अधिकारियों के अनुसार तलाशी अभियान अभी भी जारी है और सुरक्षा बल पूरी सतर्कता बरत रहे हैं। जब तक तलाशी के नतीजे सामने नहीं आते, LoC के समीपवर्ती क्षेत्रों में हाई अलर्ट बना रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी काउंटर-ड्रोन तकनीक की व्यापक तैनाती अभी भी अधूरी है। समानांतर में उधमपुर-कठुआ-राजौरी के जंगलों में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान यह संकेत देते हैं कि सुरक्षा बल एक साथ कई मोर्चों पर दबाव में हैं। असली सवाल यह है कि ड्रोन निगरानी और जमीनी अभियानों के बीच तालमेल कितना प्रभावी है — क्योंकि बिना इसके, ये अभियान प्रतिक्रियात्मक बने रहेंगे, निवारक नहीं।
RashtraPress
29 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पुंछ में संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन कहाँ और कब देखा गया?
संदिग्ध ड्रोन 29 अगस्त को शुक्रवार देर शाम पुंछ के मेंढर सेक्टर के बालाकोट क्षेत्र के बेहरूती गाँव में देखा गया। यह ड्रोन बाद में मंगलनार-डाब्रोते की दिशा में गया और पाकिस्तान की ओर लौट गया।
ड्रोन देखे जाने के बाद सुरक्षा बलों ने क्या कदम उठाए?
सेना के जवानों ने तत्काल LoC पर निगरानी बढ़ा दी और शनिवार तड़के से व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया। यह जाँचा जा रहा है कि ड्रोन ने कोई संदिग्ध सामग्री गिराई थी या नहीं। अभियान अभी भी जारी है।
उधमपुर, कठुआ और राजौरी में तलाशी अभियान क्यों चल रहा है?
संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद पुलिस, सेना और अर्धसैनिक बल इन क्षेत्रों के घने वन इलाकों में संयुक्त तलाशी अभियान चला रहे हैं। राजौरी में ग्रामीणों ने दो संदिग्ध सशस्त्र व्यक्तियों के बारे में भी सूचना दी है।
क्या तलाशी अभियान में अब तक कोई मुठभेड़ हुई है?
अधिकारियों के अनुसार मौजूदा तलाशी अभियान के दौरान अभी तक कोई मुठभेड़ नहीं हुई है। सुरक्षा बलों का उद्देश्य संदिग्धों को किसी स्थान पर पाँव जमाने से रोकना है ताकि वे नागरिकों या सुरक्षा कर्मियों पर हमला न कर सकें।
जम्मू-कश्मीर में LoC के पास ड्रोन गतिविधियाँ कितनी बड़ी चुनौती हैं?
कथित तौर पर LoC के निकट ड्रोन का उपयोग हथियारों, नशीले पदार्थों और संचार उपकरणों की तस्करी के लिए किया जाता रहा है। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यह चुनौती पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ी है और काउंटर-ड्रोन तकनीक की तैनाती अब सामरिक प्राथमिकता बन चुकी है।
राष्ट्र प्रेस
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