25 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या मधुबनी में मुस्लिम मजदूर की मॉब लिंचिंग पर राज्य अल्पसंख्यक आयोग ने सख्त कार्रवाई की?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या मधुबनी में मुस्लिम मजदूर की मॉब लिंचिंग पर राज्य अल्पसंख्यक आयोग ने सख्त कार्रवाई की?

सारांश

मधुबनी में मुस्लिम मजदूर की मॉब लिंचिंग की घटना ने राज्य अल्पसंख्यक आयोग को सख्त कदम उठाने पर मजबूर किया। पढ़ें पूरी कहानी में क्या हुआ और आयोग ने क्या दिशा-निर्देश दिए हैं।

मुख्य बातें

मधुबनी में मुस्लिम मजदूर की मॉब लिंचिंग की घटना हुई।
राज्य अल्पसंख्यक आयोग ने कार्रवाई की मांग की।
पीड़ित का नाम नूरशेद आलम है।
पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है।
वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने गंभीरता से लिया।

पटना, 3 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के मधुबनी में एक मुस्लिम मजदूर की मॉब लिंचिंग की घटना पर राज्य अल्पसंख्यक आयोग ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। आयोग ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।

आयोग ने अपने पत्र में उल्लेख किया, "मधुबनी जिले के राजनगर थाना क्षेत्र में टीचका गांव में एक मुस्लिम मजदूर को बांग्लादेशी बताकर मॉब लिंचिंग की घटना को अंजाम देने वाले अपराधियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।"

उन्होंने कहा कि इस मॉब लिंचिंग कांड में शामिल सभी दोषियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की जाए और उनकी तत्काल गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए और बिहार सरकार के परिपत्र के अनुसार पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।

बिहार के मधुबनी में कुछ कट्टरपंथियों ने एक मजदूर नूरशेद आलम को बांग्लादेशी बताकर बेरहमी से पीटा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इस मामले में राजनगर थाना पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की है, लेकिन हमलावर अब तक फरार हैं।

नूरशेद आलम पर हुए जानलेवा हमले का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें देखा जा सकता है कि कैसे एक युवक बार-बार नूरशेद के मुंह पर घूंसे मार रहा है और भीड़ में लोग बांग्लादेशी-बांग्लादेशी चिल्ला रहे हैं।

वीडियो वायरल होने के बाद मधुबनी पुलिस ने एक बयान जारी किया जिसमें कहा गया, "राजनगर थाना क्षेत्र में मारपीट की घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया के माध्यम से सामने आया है, जिसमें कुछ व्यक्तियों द्वारा बांग्लादेशी बताकर एक व्यक्ति को पीटा गया। यह घटना चकदह गांव में 30 दिसंबर 2025 को हुई थी। जांच में यह सामने आया है कि पीड़ित व्यक्ति बांग्लादेश का नहीं, बल्कि सुपौल जिले का निवासी है और वह फेरी का काम करता है। पुलिस अधीक्षक ने इस घटना को गंभीरता से लिया है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एक टीम का गठन किया है।"

संपादकीय दृष्टिकोण

यह घटना न केवल बिहार बल्कि पूरे देश के लिए चिंता का विषय है। हमें इस तरह की घटनाओं के खिलाफ एकजुट होकर खड़ा होना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि न्याय सभी के लिए समान हो।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मधुबनी में मॉब लिंचिंग की घटना कब हुई?
यह घटना 30 दिसंबर 2025 को मधुबनी के राजनगर थाना क्षेत्र में हुई।
राज्य अल्पसंख्यक आयोग ने इस पर क्या कार्रवाई की?
आयोग ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर तुरंत कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
पीड़ित का नाम क्या है?
पीड़ित का नाम नूरशेद आलम है।
क्या वीडियो वायरल हुआ है?
हाँ, नूरशेद आलम पर हमले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है।
पुलिस ने इस मामले में क्या किया?
पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम का गठन किया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 7 महीने पहले
  2. 7 महीने पहले
  3. 7 महीने पहले
  4. 7 महीने पहले
  5. 9 महीने पहले
  6. 11 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 1 साल पहले