क्या मध्य प्रदेश में गणतंत्र दिवस की तैयारी हो रही है?
सारांश
Key Takeaways
- गणतंत्र दिवस का आयोजन 26 जनवरी को होता है।
- मुख्य अतिथि मंगूभाई पटेल होंगे।
- संयुक्त परेड में 23 टुकड़ियाँ शामिल हैं।
- सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में विद्यार्थियों का योगदान महत्वपूर्ण है।
- परेड में 22 विभागों की झांकियाँ होंगी।
भोपाल, 24 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश में 77वां गणतंत्र दिवस उत्साह और गरिमा के साथ मनाया जाएगा। इस आयोजन के लिए तैयारियां जोरों पर हैं, जहां राजधानी में होने वाले राज्य स्तरीय समारोह के मुख्य अतिथि होंगे राज्यपाल मंगूभाई पटेल। गणतंत्र दिवस की परेड में मध्य प्रदेश की विकास यात्रा को दर्शाया जाएगा, वहीं शनिवार को फुल ड्रेस फाइनल रिहर्सल का आयोजन किया गया।
राजधानी के लाल परेड मैदान में आयोजित संयुक्त परेड एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का अंतिम अभ्यास हुआ।
पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने परेड और समारोह की व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। फुल ड्रेस फाइनल रिहर्सल के दौरान 7वीं बटालियन के प्रधान आरक्षक राजमणि सिंह बघेल ने प्रतीकात्मक रूप से मुख्य अतिथि की भूमिका निभाई और ध्वजारोहण कर संयुक्त परेड को सलामी दी।
हर्ष फायर के बीच, पुलिस बैंड ने निरीक्षक सुनील कटारे के निर्देशन में "जन गण मन" की धुन प्रस्तुत की। मुख्य अतिथि के संदेश का वाचन भी किया गया। हर्ष फायर के बाद, बैंड की मधुर धुनों के साथ आकर्षक संयुक्त परेड आयोजित की गई।
इस परेड का नेतृत्व भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी आयुष जाखड़ ने किया। परेड टू आई सी का दायित्व एसडीओपी सैलाना, जिला रतलाम की नीलम बघेल ने निभाया। संयुक्त परेड में बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस, अश्वारोही दल और श्वान दस्ते सहित 23 टुकड़ियों ने भाग लिया।
संयुक्त परेड के बाद विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों और संस्कृति विभाग के रंगीन सांस्कृतिक कार्यक्रमों का अंतिम अभ्यास किया गया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में सागर पब्लिक स्कूल भोपाल के 150 विद्यार्थियों ने "एक भारत, श्रेष्ठ भारत" थीम पर नृत्य की प्रस्तुति दी। वहीं सेंट पॉल कोएड स्कूल, आनंद नगर के 200 विद्यार्थियों ने भी नृत्य पेश किया।
रिहर्सल के दौरान संयुक्त रूप से पांच सरकारी स्कूलों के 160 विद्यार्थियों ने वीर-बेटियों की गाथा पर आधारित नृत्य प्रस्तुत किया। इसके साथ ही मध्य प्रदेश के लोकनृत्यों और लोकगीतों की भी सुंदर प्रस्तुतियां दी गईं, जिसमें बधाई लोकनृत्य, गणगौर और मटकी लोकनृत्यों की धुनें शामिल थीं।
इस अवसर पर उपस्थित कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। गणतंत्र दिवस की परेड के दौरान 22 विभागों की झांकियां प्रदर्शित होंगी, जो राज्य की समृद्धि और विकास की कहानी बयां करेंगी।