MP किसान आंदोलन: जीतू पटवारी ने 7 मई को महाचक्का जाम का ऐलान, MSP उल्लंघन का आरोप
सारांश
Key Takeaways
- जीतू पटवारी ने 28 अप्रैल 2026 को बुधनी में किसान आक्रोश सत्याग्रह में 7 मई को महाचक्का जाम का ऐलान किया।
- मोहन यादव सरकार पर आरोप — गेहूं पर ₹2,700 प्रति क्विंटल MSP का वादा, लेकिन खरीदी ₹1,800–₹2,200 पर हो रही है।
- चक्का जाम महाराष्ट्र बॉर्डर से राजस्थान बॉर्डर तक आगरा-बॉम्बे राष्ट्रीय राजमार्ग पर प्रस्तावित।
- प्रभावित ज़िलों में सेंधवा, बड़वानी, खरगोन, धार, देवास, शाजापुर, गुना, राजगढ़, शिवपुरी, मुरैना और ग्वालियर शामिल।
- केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृह क्षेत्र बुधनी में किसानों की बदहाली को आधार बनाया गया।
कांग्रेस की मध्य प्रदेश इकाई के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने 28 अप्रैल 2026 को बुधनी में आयोजित किसान आक्रोश सत्याग्रह में शामिल होकर राज्य सरकार पर किसानों के साथ गंभीर अन्याय करने का आरोप लगाया और 7 मई को आगरा-बॉम्बे राष्ट्रीय राजमार्ग पर महाचक्का जाम का ऐलान किया। उनका कहना है कि मोहन यादव सरकार ने गेहूं पर ₹2,700 प्रति क्विंटल MSP देने का वादा किया था, जबकि वास्तव में किसानों से ₹1,800 से ₹2,200 प्रति क्विंटल की दर पर खरीदी की जा रही है।
मुख्य आरोप और किसानों की समस्याएँ
पटवारी ने बुधनी की किसान आक्रोश सभा में कहा कि मध्य प्रदेश के किसान एक साथ कई मोर्चों पर संकट झेल रहे हैं। उन्होंने खाद की किल्लत, समर्थन मूल्य खरीदी में अव्यवस्था, बारदाने की कमी, स्लॉट बुकिंग में गड़बड़ी और भूमाफिया द्वारा जमीनों पर कब्जे जैसी गंभीर समस्याओं का उल्लेख किया। उनके अनुसार सरकार विज्ञापनों में 'किसान कल्याण वर्ष' का उत्सव मना रही है, जबकि वास्तविकता में किसान कर्ज में डूबा है और उचित मूल्य के लिए संघर्ष कर रहा है।
शिवराज सिंह चौहान पर निशाना
पटवारी ने पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान पर भी सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश के कृषि मंत्री मध्य प्रदेश से आते हैं, फिर भी सबसे अधिक अत्याचार इसी राज्य के किसानों पर हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि चौहान किसानों की आय आठ गुना करने का दावा करते हैं, लेकिन उनके ही गृह क्षेत्र बुधनी में किसानों की बदहाली ने इन दावों की पोल खोल दी है।
7 मई महाचक्का जाम की योजना
पटवारी ने चेतावनी दी कि यदि किसानों के साथ हो रहे अन्याय को तत्काल बंद नहीं किया गया, तो 7 मई को महाराष्ट्र बॉर्डर से राजस्थान बॉर्डर तक आगरा-बॉम्बे राष्ट्रीय राजमार्ग पर कांग्रेस पार्टी किसानों के साथ मिलकर महाचक्का जाम करेगी। यह आंदोलन सेंधवा, बड़वानी, खरगोन, धार, देवास, शाजापुर, गुना, राजगढ़, शिवपुरी, मुरैना और ग्वालियर सहित पूरे मार्ग पर किया जाएगा।
आम जनता और यातायात पर असर
यह चक्का जाम मध्य प्रदेश के एक प्रमुख व्यापारिक मार्ग पर प्रस्तावित है, जिससे राज्य के कई ज़िलों में यातायात और आपूर्ति श्रृंखला बाधित हो सकती है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब रबी फसल की खरीदी का मौसम चल रहा है और किसानों में पहले से असंतोष व्याप्त है।
कांग्रेस का रुख
पटवारी ने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई किसी दल या विचारधारा की नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति और अन्नदाता के सम्मान की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी किसानों के हक की लड़ाई सड़क से सदन तक लड़ेगी। आने वाले दिनों में राज्य सरकार की प्रतिक्रिया और प्रशासन की तैयारी इस आंदोलन की दिशा तय करेगी।