क्या मध्य प्रदेश में पर्यटन को मिलेगी नई दिशा, हेलीकॉप्टर सेवा का आगाज़?
सारांश
Key Takeaways
- हेलीकॉप्टर सेवा से यात्रा का समय काफी कम होगा।
- यह सेवा पचमढ़ी और मढ़ई के लिए शुरू हुई है।
- पर्यटकों को 3,000 रुपए में उड़ान भरने का मौका मिलेगा।
- यह सेवा सप्ताह में पांच दिन उपलब्ध होगी।
- इंदौर से धार्मिक स्थलों के लिए भी नई सेवा शुरू की गई है।
नर्मदापुरम, 20 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। भोपाल से मढ़ई और पचमढ़ी के लिए गुरुवार को एक नई हेलीकॉप्टर सेवा की शुरुआत की गई है। नर्मदापुरम जिले के लिए यह एक महत्वपूर्ण सौगात है। अब पर्यटक भोपाल से सीधे हेलीकॉप्टर द्वारा मध्य प्रदेश के हिल स्टेशन पचमढ़ी और मढ़ई पहुंच सकते हैं। पहले इस यात्रा में 5-6 घंटे लगते थे, लेकिन अब हेलीकॉप्टर से यह सफर केवल 60 मिनट में पूरा होगा।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हाल ही में इस पीएमश्री पर्यटन वायु सेवा का उद्घाटन किया। इस नई सुविधा का उपयोग करके पर्यटक 3,000 रुपए में हेलीकॉप्टर से उड़ान भर सकते हैं और सतपुड़ा की खूबसूरत वादियों का आनंद ले सकते हैं। यह सेवा सप्ताह में पांच दिन उपलब्ध होगी और हर बुधवार और गुरुवार को बंद रहेगी। निजी कंपनियों के साथ इसके लिए तीन साल का अनुबंध किया गया है।
भोपाल से पचमढ़ी के लिए अब हेलीकॉप्टर से यात्रा का समय लगभग 60 मिनट होगा, जबकि भोपाल से मढ़ई पहुंचने में 40 मिनट का समय लगेगा। मढ़ई से पचमढ़ी तक का सफर केवल 20 मिनट का होगा। इससे पर्यटक कम समय में कई स्थलों का अनुभव कर सकेंगे और पहाड़ियों तथा घाटियों का अद्भुत दृश्य देख पाएंगे।
गुरुवार को इस सेवा का पहला परीक्षण भी किया गया। भोपाल से पांच पर्यटकों को लेकर हेलीकॉप्टर मढ़ई पहुंचा। नर्मदापुरम के दोनों सांसद माया नारोलिया और दर्शन सिंह चौधरी भी इस अवसर पर उपस्थित थे। सोहागपुर विधायक विजयपाल सिंह और पिपरिया विधायक ठाकुरदास नागवंशी ने अतिथियों का स्वागत किया।
इस दौरान राष्ट्र प्रेस से बातचीत में सांसद माया नारोलिया ने मुख्यमंत्री मोहन यादव का धन्यवाद किया और कहा कि यह सेवा पर्यटकों और आम जन के लिए बहुत लाभकारी होगी। यात्रा अद्भुत रही। मढ़ई और पचमढ़ी दोनों ही स्थान पर्यटकों के लिए विशेष हैं। अब तीन-चार घंटे का लंबा सफर केवल तीस-पैंतीस मिनट में पूरा होगा। उन्होंने मुख्यमंत्री और स्थानीय नेताओं का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने इस सुविधा को आरंभ करने में मदद की।
जिला पंचायत नर्मदापुरम के सीईओ हिमांशु जैन ने भी बताया कि यह हेलीकॉप्टर सेवा न केवल पर्यटकों के लिए सहायक है, बल्कि जिले में पर्यटन को भी बढ़ावा देगी। भोपाल से मढ़ई 40 मिनट और मढ़ई से पचमढ़ी 15 मिनट में पहुंचा जा सकेगा। इस सेवा से पर्यटकों को काफी सुविधा मिलेगी और जिले का पर्यटन उद्योग भी मजबूत होगा।
इंदौर से भी धार्मिक पर्यटन के लिए नई दिशा देने वाली पीएम श्री पर्यटन सेवा का शुभारंभ हुआ है। इसके तहत इंदौर से महाकालेश्वर और ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के लिए नियमित हेलीकॉप्टर सेवा शुरू की गई है। यह पहल न केवल धार्मिक श्रद्धालुओं को तीर्थ दर्शन की सुविधा प्रदान करेगी, बल्कि क्षेत्र के पर्यटन विकास को भी नई गति देगी।
सेवा का औपचारिक शुभारंभ होते ही तीर्थ यात्रियों और पर्यटकों में उत्साह का माहौल देखा गया। नई हेलीकॉप्टर सेवा के माध्यम से श्रद्धालु अब इंदौर से सीधे उज्जैन स्थित महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग और मंडलेश्वर के निकट स्थित ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन कर सकेंगे। इसके साथ ही, आसपास के प्रमुख पर्यटन स्थलों को भी इस सेवा में जोड़ा गया है, जिससे यात्री कम समय में धार्मिक और प्राकृतिक सौंदर्य दोनों का अनुभव कर सकेंगे।
प्रशासन के अनुसार, भविष्य में और भी धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों को इस हेली रूट में शामिल किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि यह सेवा सप्ताह में पांच दिन संचालित होगी। यात्रियों को अपनी सुविधा के अनुसार समय का चयन करने की स्वतंत्रता होगी, जिससे वे भीड़ और लंबी यात्रा की परेशानी से बच सकें।
इंदौर से उड़ान भरने के बाद श्रद्धालुओं को मंदिरों के निकट हेलीपैड तक पहुंचाया जाएगा, जहां से उन्हें मंदिर तक ले जाने की पूरी व्यवस्था रहेगी। इससे बुजुर्गों, दिव्यांगों और लंबे सफर में असमर्थ यात्रियों को विशेष राहत मिलेगी। इस सेवा की बुकिंग पूरी तरह से ऑनलाइन उपलब्ध कराई गई है। यात्री अपनी यात्रा की तारीख, समय और गंतव्य को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर चुन सकेंगे। बुकिंग सिस्टम इस प्रकार से तैयार किया गया है कि यात्री घर बैठे टिकट प्राप्त कर सकें और यात्रा के दिन सीधे निर्धारित हेलीकॉप्टर टर्मिनल पर पहुंचकर दर्शन यात्रा को पूरा करें।
पीएम श्री पर्यटन सेवा के आरंभ होने से इंदौर को मध्य प्रदेश के धार्मिक पर्यटन हब के रूप में नई पहचान मिलने की संभावना है। प्रशासन का मानना है कि इससे न केवल तीर्थ यात्रियों की संख्या में वृद्धि होगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ प्राप्त होगा। धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक स्थलों की पहुंच को आसान बनाकर पर्यटन को नई दिशा मिलेगी।