मध्य प्रदेश में 10 लाख किसानों को सहकारिता से जोड़ने की योजना: मंत्री विश्वास सारंग
सारांश
Key Takeaways
- 10 लाख किसानों को सहकारिता से जोड़ा जाएगा।
- एक विशेष समिति का गठन किया जाएगा।
- कृषि कल्याण वर्ष 2026 महत्वपूर्ण है।
- अप्रैल में वृहद सदस्यता अभियान चलाया जाएगा।
- खाद वितरण में सुधार की योजना है।
भोपाल, 12 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश में किसानों को प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) से जोड़ने के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया जाएगा। राज्य के सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने बताया है कि इस पहल के अंतर्गत 10 लाख किसानों को सहकारिता के लाभ से जोड़ा जाएगा।
कैलाश सारंग ने सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की एक बैठक में विभाग की मौजूदा गतिविधियों और भविष्य की योजनाओं का गहन मूल्यांकन किया। उन्होंने प्रदेश में पैक्स और विपणन सहकारी समितियों के सुदृढ़ीकरण के लिए एक विशेष समिति बनाने का निर्देश दिया। यह समिति सहकारी संस्थाओं की स्थिति का अध्ययन कर उन्हें और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सुझाव देगी और 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2026 को 'कृषि कल्याण वर्ष' के रूप में मनाने का निर्णय लिया है, जिससे सहकारिता क्षेत्र की भूमिका और महत्वपूर्ण हो जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कृषि वर्ष के संदर्भ में सहकारिता संस्थाओं को मज़बूत करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि किसानों को अधिकतम लाभ मिल सके।
मंत्री सारंग ने कहा कि पैक्स को ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मजबूत स्तंभ बनाना आवश्यक है। इसके लिए, अप्रैल में पूरे प्रदेश में एक बड़ा सदस्यता अभियान चलाया जाएगा, जिसका लक्ष्य लगभग 10 लाख किसानों को सहकारिता से जोड़ना है।
उन्होंने बताया कि इस अभियान से अधिक से अधिक किसानों को सहकारिता से जोड़ने से ग्रामीण स्तर पर आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी और किसानों को संस्थागत सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
मंत्री सारंग ने खाद वितरण व्यवस्था की भी समीक्षा की और निर्देश दिए कि डबल लॉक की स्थिति में नगद भुगतान के जरिए पैक्स के माध्यम से खाद वितरण को अधिक प्रभावी बनाया जाए। इससे किसानों को समय पर खाद की उपलब्धता सुनिश्चित होगी और वितरण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुव्यवस्थित हो सकेगी।