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क्या मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में महाविद्यालय की कक्षाएं चलेंगी? - सीएम मोहन यादव

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क्या मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में महाविद्यालय की कक्षाएं चलेंगी? - सीएम मोहन यादव

सारांश

मध्य प्रदेश की सरकार शिक्षा क्षेत्र में एक नई पहल करने जा रही है। सीएम मोहन यादव ने सरकारी विद्यालयों में महाविद्यालय की कक्षाएं संचालित करने की योजना प्रस्तुत की है। इस योजना से छात्रों को लाभ मिलेगा और सरकारी स्कूलों में नामांकन बढ़ेगा। जानिए इस योजना के अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में।

मुख्य बातें

महाविद्यालय की कक्षाएं सरकारी स्कूलों में शुरू होंगी।
120 प्रतिशत नामांकन की वृद्धि हुई है।
विद्यालयों में शिक्षकों की उपस्थिति पर नजर रखी जाएगी।
लैपटॉप बांटने की योजना है।
सांदीपनि विद्यालयों की स्थापना का प्रस्ताव है।

भोपाल, 2 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। मोहन यादव के नेतृत्व वाली सरकार के 2 साल पूरे होने के अवसर पर विभागों की समीक्षा की जा रही है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान विद्यालय परिसर में महाविद्यालय की कक्षाएं शुरू करने का प्रस्ताव रखा है।

सीएम मोहन यादव ने विद्यालय शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए 'भवन एक, कक्षाएं अनेक' के सिद्धांत पर विचार करते हुए एक विद्यालय भवन में शेष खाली समय का उपयोग कर महाविद्यालय की कक्षाएं संचालित करने का सुझाव दिया। बैठक में डिजिटल शिक्षा की उपलब्धियों की भी चर्चा की गई।

बैठक में बताया गया कि नई शिक्षा नीति के अंतर्गत मध्य प्रदेश में 12 स्थानीय भाषाओं में शिक्षा व्यवस्था विकसित करने की कोशिश की जा रही है। साथ ही, स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति पर निगरानी रखी जा रही है और अनुपस्थित शिक्षकों की जानकारी नई तकनीक से जुटाने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य सरकार ने मेधावी छात्रों को लैपटॉप बांटने की योजना बनाई है, जिससे लैपटॉप धारक छात्रों की संख्या बढ़ सके।

इसके अलावा, स्कूलों में नामांकन, पाठ्यपुस्तक वितरण और साइकिल वितरण की प्रगति का भी अवलोकन किया गया। सरकारी स्कूलों में छात्रों और अभिभावकों का रुझान बढ़ रहा है, जो छात्रों के नामांकन से स्पष्ट हो रहा है।

बैठक में जानकारी दी गई कि पिछले वर्ष की तुलना में 120 प्रतिशत नामांकन हुए, जो कि निजी विद्यालयों में हुए नामांकन से भी अधिक है। प्राथमिक और माध्यमिक स्तर के विद्यालयों की अधोसंरचना विकास की स्थिति की भी समीक्षा की गई। सभी स्कूलों में विद्युतीकरण का लक्ष्य रखा गया है। शौचालय प्रबंधन और आवश्यक मरम्मत कार्य को प्राथमिकता पर किया जाएगा।

पीएमश्री और सांदीपनि विद्यालयों में की गई व्यवस्थाओं पर चर्चा हुई। अब प्रदेश की हर विधानसभा में सांदीपनि विद्यालय स्थापित करने का सरकार का प्लान है। इसके साथ ही, अच्छे परीक्षा परिणाम लाने वाले विद्यालयों के प्राचार्यों को भी पुरस्कृत करने का निर्णय लिया गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो छात्रों को उच्च शिक्षा की दिशा में प्रेरित करेगा। यह कदम न केवल छात्रों के लिए, बल्कि समाज के लिए भी लाभदायक साबित होगा।
RashtraPress
8 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या सरकारी स्कूलों में महाविद्यालय की कक्षाएं शुरू होंगी?
हाँ, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस योजना की घोषणा की है।
यह योजना कब से लागू होगी?
योजना के लागू होने की तिथि अभी निर्धारित नहीं है।
क्या इससे सरकारी स्कूलों में नामांकन बढ़ेगा?
हां, इस योजना के चलते सरकारी स्कूलों में छात्रों का रुझान बढ़ने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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