मध्य प्रदेश में सघन टीबी स्क्रीनिंग से 1.12 लाख मरीजों की पहचान, JOSH टीम का शुभारंभ
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने 8 अक्टूबर 2026 को भोपाल के गांधी चिकित्सा महाविद्यालय में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में जानकारी दी कि प्रदेश में चल रहे सघन टीबी स्क्रीनिंग अभियान के परिणामस्वरूप अब तक 1.12 लाख टीबी मरीजों की समय पर पहचान की जा चुकी है। इसी अवसर पर युवाओं की भागीदारी से चलने वाली JOSH (Joint Squad for Health) टीम का राज्य स्तर पर शुभारंभ भी किया गया।
स्क्रीनिंग अभियान की उपलब्धि
उपमुख्यमंत्री शुक्ल ने बताया कि व्यापक स्क्रीनिंग से पहले मध्य प्रदेश में केवल 25,000 से 30,000 टीबी मरीज ही प्रतिवर्ष चिह्नित हो पाते थे। सघन अभियान के बाद यह संख्या बढ़कर 1.12 लाख हो गई है, जो पहले के मुकाबले लगभग चार गुना अधिक है। समय पर पहचान होने से मरीजों का उपचार भी समय पर शुरू हो सका है, जिससे बीमारी की गंभीरता और प्रसार को सीमित किया जा रहा है।
JOSH टीम और युवाओं की भूमिका
उपमुख्यमंत्री शुक्ल के अनुसार, JOSH टीमें युवाओं की शक्ति को टीबी उन्मूलन अभियान से जोड़ने की एक महत्वपूर्ण पहल हैं। 'माय भारत' के स्वयंसेवकों और NCC कैडेट्स की ब्लॉक एवं जिला स्तर पर गठित टीमें घर-घर स्क्रीनिंग में सहयोग करेंगी। ये टीमें संभावित मरीजों की पहचान करने, जन-जागरूकता फैलाने और स्वास्थ्य सेवाओं से लोगों को जोड़ने में भूमिका निभाएंगी। राष्ट्रव्यापी स्तर पर JOSH टीम का वर्चुअल शुभारंभ केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने नई दिल्ली से किया।
टीबी मुक्त भारत और 2047 का लक्ष्य
शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य के साथ वर्ष 2047 तक विकसित और स्वस्थ भारत के निर्माण का संकल्प लिया गया है। उन्होंने बताया कि निक्षय मित्रों के सहयोग, 6 माह की नियमित दवा और पौष्टिक आहार की मदद से टीबी मरीज पूर्णतः स्वस्थ होकर 'टीबी चैंपियन' बन रहे हैं।
व्यापक स्वास्थ्य स्क्रीनिंग और अन्य बीमारियाँ
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में टीबी के साथ-साथ गैर-संचारी रोगों (NCDs) जैसे ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, फैटी लिवर और सिकल सेल एनीमिया की स्क्रीनिंग का भी व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। सरकार निःशुल्क जाँच एवं दवाएं उपलब्ध करा रही है, लेकिन उनके अनुसार इन सेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए जन-जागरूकता और जन-भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने गर्भवती महिलाओं के समय पर एंटी-नेटल चेकअप (ANC) और ग्राम पंचायतों की विशेष सतर्कता पर भी जोर दिया।
सम्मान और उपस्थिति
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री शुक्ल ने टीबी उन्मूलन में उत्कृष्ट कार्य के लिए 8 टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों, 3 निक्षय मित्रों तथा 5 स्वास्थ्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल भी उपस्थित रहे। यदि सघन स्क्रीनिंग की यह रफ्तार बनी रही, तो मध्य प्रदेश 2047 से पहले ही टीबी उन्मूलन के राष्ट्रीय लक्ष्य को छू सकता है।