मध्य प्रदेश के उड़द उत्पादकों के लिए सीएम मोहन यादव की 600 रुपए प्रति क्विंटल बोनस की घोषणा
सारांश
Key Takeaways
- उड़द उत्पादक किसानों को 600 रुपए प्रति क्विंटल का बोनस मिलेगा।
- सरकार ने किसान कल्याण वर्ष मनाने की योजना बनाई है।
- उड़द का उत्पादक रकबा बढ़ाने की संभावना है।
- भावांतर योजना से किसानों को आर्थिक मदद मिल रही है।
- सरसों की फसल में भी भावांतर योजना का लाभ होगा।
भोपाल, २४ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने राज्य के उड़द उत्पादक किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। सीएम मोहन यादव ने कहा कि उड़द उत्पादक किसानों को निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य के साथ ६०० रुपए प्रति क्विंटल का बोनस प्रदान किया जाएगा।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने संवाददाताओं से चर्चा करते हुए बताया कि प्रदेश सरकार किसानों के कल्याण के लिए किसान कल्याण वर्ष मना रही है। किसानों की आमदनी को बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। विशेषकर गर्मियों की फसल में उड़द को प्रोत्साहित करने के लिए, एमएसपी के अलावा, मध्य प्रदेश सरकार ने ६०० रुपए प्रति क्विंटल का बोनस देने का निर्णय लिया है।
यह एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसके माध्यम से किसानों को लाभ होगा और खेती की भूमि का विस्तार भी संभव है। इससे लगभग तीन लाख हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि में खेती की संभावना है।
सीएम मोहन यादव ने आगे कहा कि राज्य में लगभग पाँच लाख हेक्टेयर में उड़द की फसल उगाई जा रही है। उड़द का समर्थन मूल्य ७८०० रुपए प्रति क्विंटल है, जिसमें ६०० रुपए जोड़े जाएंगे। इसके अलावा, राज्य सरकार ने किसानों के लिए भावांतर योजना भी लागू की है, जिसका लाभ सोयाबीन उत्पादकों को मिल चुका है।
उन्होंने यह भी बताया कि भावांतर योजना के तहत अब तक सोयाबीन किसानों को १५०० करोड़ रुपए का लाभ दिया जा चुका है। इसी तरह, राज्य सरकार ने सरसों की फसल में भी भावांतर योजना लागू करने का निर्णय लिया है, जहाँ २८ प्रतिशत रकबा सरसों का है और लगभग १५.७१ लाख मैट्रिक टन का उत्पादन होगा। मंडी बोर्ड के माध्यम से सरसों को भावांतर योजना से खरीदा जाएगा।