क्या स्वस्थ वातावरण में मध्य प्रदेश विधानसभा में चर्चा हुई? : सीएम मोहन यादव

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क्या स्वस्थ वातावरण में मध्य प्रदेश विधानसभा में चर्चा हुई? : सीएम मोहन यादव

सारांश

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मध्य प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र की चर्चा की, जिसमें महत्वपूर्ण मुद्दों पर स्वस्थ संवाद हुआ। 13.5 हजार करोड़ का बजट पारित किया गया और कई नई योजनाओं का ऐलान किया गया। जानिए इस सत्र की खास बातें।

मुख्य बातें

स्वस्थ वातावरण में विधानसभा सत्र का आयोजन 13.5 हजार करोड़ का अनुपूरक बजट पारित नई योजनाओं की घोषणा सरकार और विपक्ष के बीच संवाद राजनीतिक जवाबदेही का उदाहरण

भोपाल, 5 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि राज्य विधानसभा के शीतकालीन सत्र में सभी विषयों पर खुलकर और स्वस्थ वातावरण में चर्चा हुई। सरकार ने जहां सकारात्मक भूमिका निभाई, वहीं विपक्ष के नकारात्मक सवालों का भी उत्तर दिया। राज्य विधानसभा का पांच दिवसीय सत्र रहा और इस दौरान 13.5 हजार करोड़ का अनुपूरक बजट भी पारित किया गया।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा कि बजट सत्र में स्वस्थ वातावरण में सरकार ने सभी विषयों को लेकर विपक्ष और सदन के सामने अपनी स्थिति स्पष्ट की। पांच दिन तक चला सत्र अपने उद्देश्यों की प्राप्ति के साथ कई उपलब्धियां लेकर आया, न केवल साढ़े 13 हजार करोड़ से ज्यादा का अनुपूरक बजट पारित हुआ, बल्कि इसी दौरान पर्यटन विभाग द्वारा डल झील की तर्ज पर भोपाल में शिकारा नाव का लोकार्पण भी किया गया।

इसके अलावा, नगर पालिका अधिनियम में संशोधन करके नगर पालिका और परिषद में अध्यक्ष का चुनाव सीधे जनता से कराने वाला संशोधन किया गया। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि सभी विषयों पर प्रश्नोत्तरी के माध्यम से यथायोग्य तर्कसंगत तरीके से जवाब दिया गया। यह सरकार पारदर्शिता के साथ प्रजातंत्र के लिए जवाबदेही वाली सरकार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर देश और मध्य प्रदेश के उद्देश्य को लेकर सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय सबके भविष्य की अच्छी कल्पना और कामना करते हुए आगे बढ़ रहे हैं।

मुख्यमंत्री यादव ने आगे कहा कि राज्य सरकार जन कल्याणकारी योजनाओं के लिए कटिबंध और सकारात्मकता के आधार पर नकारात्मक विपक्ष का हर तरह का जवाब देने के लिए तत्पर है। लोकतंत्र में संवाद जरूरी है। सत्ता पक्ष और मंत्रियों ने बेहतर तरीके से जवाब दिया, नेता प्रतिपक्ष के आलोचना का तरीका सकारात्मक था। कुल मिलाकर दोनों पक्षों ने अपनी भूमिका का बेहतर तरीके से निर्वहन किया।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह कहा जा सकता है कि मध्य प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र लोकतांत्रिक संवाद का एक आदर्श उदाहरण था। जहां सरकार ने अपनी योजनाओं को स्पष्टता से प्रस्तुत किया, वहीं विपक्ष ने भी अपनी चिंताओं को उठाया। यह संवाद लोकतंत्र की मजबूती का प्रतीक है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मध्य प्रदेश विधानसभा सत्र में क्या चर्चा हुई?
सत्र में विभिन्न मुद्दों पर स्वस्थ चर्चा हुई, जिसमें 13.5 हजार करोड़ का अनुपूरक बजट पारित किया गया।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने क्या कहा?
उन्होंने कहा कि सरकार ने सकारात्मकता दिखाई और विपक्ष के सवालों का उत्तर दिया।
सत्र की अवधि कितनी थी?
यह सत्र पांच दिनों तक चला।
क्या नई योजनाओं की घोषणा हुई?
हाँ, शिकार नाव का लोकार्पण और नगर पालिका अधिनियम में संशोधन की घोषणा की गई।
राज्य सरकार का दृष्टिकोण क्या है?
राज्य सरकार जन कल्याणकारी योजनाओं के लिए तत्पर है और संवाद को आवश्यक मानती है।
राष्ट्र प्रेस