मध्य प्रदेश में मतदाता सूची अद्यतन अभियान तेज, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव कुमार झा ने दलों से माँगा सहयोग
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव कुमार झा की अध्यक्षता में 13 अक्टूबर 2026 को भोपाल में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की एक महत्त्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रदेश की मतदाता सूची को अद्यतन करने और पात्र नागरिकों के नाम जोड़ने की प्रक्रिया को गति देने पर विस्तृत चर्चा हुई। इस अभियान का विशेष ध्यान उन नागरिकों पर है जो अब तक पंजीकरण से वंचित रह गए हैं, साथ ही पहली बार मतदान के योग्य हुए युवा मतदाताओं को भी सूची में शामिल किया जाना है।
अभियान का स्वरूप और उद्देश्य
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी झा ने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों में निरन्तर अद्यतन प्रक्रिया के अंतर्गत विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य पात्र नागरिकों को पंजीयन प्रक्रिया की जानकारी देना, उन्हें आवेदन के लिए प्रेरित करना और आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है। गौरतलब है कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदाता सूची की सटीकता और समावेशिता अत्यंत आवश्यक है।
आवेदन प्रक्रिया और फॉर्म-6
पात्र नागरिक निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार फॉर्म-6 भरकर मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के साथ आवश्यक दस्तावेज और जानकारी निर्धारित नियमों के अनुसार प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। यह भी स्पष्ट किया गया कि फॉर्म-6 जमा करने के बाद अलग से घोषणा-पत्र (डिक्लेरेशन फॉर्म) देने की कोई आवश्यकता नहीं है — जो पहले एक सामान्य भ्रम का विषय रहा है।
बूथ स्तर से जिला स्तर तक प्रशासनिक तंत्र सक्रिय
बैठक में झा ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से बूथ लेवल एजेंट (BLA) के माध्यम से अद्यतन कार्य में सक्रिय सहयोग देने का आग्रह किया। तहसील स्तर पर एसडीएम अथवा तहसीलदार और जिला स्तर पर संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी के माध्यम से नागरिकों को आवश्यक सहयोग प्रदान किया जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब आगामी चुनावी चक्र से पूर्व मतदाता सूचियों की शुद्धता सुनिश्चित करने की प्रशासनिक जिम्मेदारी बढ़ गई है।
बैठक में शामिल दल
इस बैठक में आम आदमी पार्टी (AAP), भारतीय जनता पार्टी (BJP), भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस), कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (CPI) और बहुजन समाज पार्टी (BSP) के प्रतिनिधि शामिल हुए। सभी मान्यता प्राप्त दलों की उपस्थिति इस बात का संकेत है कि निर्वाचन प्रशासन ने इस प्रक्रिया को सर्वदलीय सहमति से आगे बढ़ाने की पहल की है।
आगे की राह
अभियान के तहत आने वाले हफ्तों में प्रत्येक जिले में विशेष शिविर आयोजित किए जाएँगे, जहाँ पात्र नागरिक सीधे आवेदन कर सकेंगे। निर्वाचन विभाग का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से बाहर न रहे और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उसकी भागीदारी निर्बाध रूप से संभव हो सके।