क्या माघ मेले में आने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने का संकल्प ले रही है योगी सरकार?
सारांश
Key Takeaways
- माघ मेला 2026 का आयोजन 3 जनवरी से शुरू होगा।
- 12 से 15 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना है।
- पर्यटकों के लिए 4 अस्थायी सूचना केंद्र बनाए जाएंगे।
- सभी प्रमुख पर्यटक स्थलों की जानकारी हिंदी और अंग्रेजी में उपलब्ध होगी।
- डिजिटल फॉर्मेट में भी जानकारी उपलब्ध रहेगी।
लखनऊ, 30 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। वर्ष 2025 में योगी सरकार के प्रयासों से संगम नगरी प्रयागराज में आयोजित दिव्य, भव्य और स्वच्छ कुंभ का सफल आयोजन विश्वभर में सराहा गया। यूनेस्को ने इसे 'मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत' के रूप में मान्यता दी है।
इस आयोजन की भव्य सफलता के बाद संगम नगरी अब महाकुंभ के बाद माघ मेला 2026 की प्रतीक्षा कर रही है। 3 जनवरी 2026 को होने वाले इस आस्था के महासमागम में पर्यटकों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर पर्यटन विभाग ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
महाकुंभ 2025 के सफल आयोजन ने प्रयागराज को अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाई है। पर्यटकों की संख्या में लगातार वृद्धि इसका संकेत है। प्रयागराज की क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी अपराजिता सिंह के अनुसार, वर्ष 2020 में प्रयागराज में पर्यटकों की संख्या 31933758 थी, जबकि 2021 में यह संख्या 11213496, 2022 में 26047166, 2023 में 50671622, 2024 में 51262806 और 2025 जनवरी से सितंबर तक 682150806 तक पहुंच गई।
संगम नगरी में पर्यटकों की इस सूनामी से पर्यटन विभाग उत्साहित है। इस बार 3 जनवरी 2026 से शुरू होकर 44 दिन तक चलने वाले माघ मेले में 12 से 15 करोड़ श्रद्धालुओं के संगम नगरी पहुंचने का अनुमान है। इसे ध्यान में रखते हुए माघ मेले में 4 अस्थायी सूचना पर्यटन केंद्र बनाए जा रहे हैं।
उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा स्थापित किए जा रहे इन सूचना केंद्रों में प्रयागराज के सभी प्रमुख पर्यटक स्थलों की जानकारी की पुस्तिका हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध होगी। डिजिटल फॉर्मेट में भी इसे उपलब्ध कराया जाएगा। सूचना केंद्र में एक गाइड बुक भी होगी। पर्यटकों को टूरिज्म की जानकारी देने के लिए यहां पर एक प्रशिक्षित गाइड की सूची भी उपलब्ध रहेगी। पर्यटकों के ठहरने की जानकारी देने के लिए यहां पर रजिस्टर्ड पेइंग गेस्ट हाउस की जानकारी भी दी जाएगी।