क्या चक्रवात ‘दितवाह’ के बीच भारतीय वायुसेना का राहत अभियान प्रभावी है?

Click to start listening
क्या चक्रवात ‘दितवाह’ के बीच भारतीय वायुसेना का राहत अभियान प्रभावी है?

सारांश

चक्रवात ‘दितवाह’ के बीच भारतीय वायुसेना ने श्रीलंका में राहत और बचाव कार्य शुरू किया है। इस अभियान में न केवल श्रीलंका के नागरिकों की मदद की जा रही है, बल्कि तमिलनाडु में भी राहत कार्य चल रहे हैं। यह भारतीय वायुसेना की मानवीय सेवा का एक अद्भुत उदाहरण है।

Key Takeaways

  • भारतीय वायुसेना का अंतरराष्ट्रीय राहत अभियान
  • श्रीलंका में भूस्खलन से प्रभावित नागरिकों की मदद
  • एनडीआरएफ की त्वरित तैनाती
  • मानवता की सेवा में वायुसेना की तत्परता
  • चक्रवात दितवाह के दौरान भारत का समर्थन

नई दिल्ली, 30 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। चक्रवात दितवाह से उत्पन्न संकट के बीच, भारतीय वायुसेना ने श्रीलंका में एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का राहत और बचाव अभियान आरंभ किया है। इसके साथ ही, तमिलनाडु में भी कठिनाईपूर्ण राहत कार्यों का संचालन किया जा रहा है। श्रीलंका में फंसे नागरिकों को सुरक्षित निकालने और भारत में एनडीआरएफ की त्वरित तैनाती के लिए वायुसेना ने अपनी तत्परता और मानवीय सेवा का एक अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया है।

वायुसेना के अनुसार, श्रीलंका के कोटमाले क्षेत्र में भूस्खलन और खराब मौसम के कारण कई यात्री एक प्रतिबंधित क्षेत्र में फंस गए थे। भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टरों ने इन लोगों को निकालने के लिए एक हाइब्रिड रेस्क्यू मिशन चलाया। वायुसेना के एक गरुड़ कमांडो ने हेलीकॉप्टर से नीचे उतरकर इन्हें सुरक्षित स्थान तक पहुँचाया। इस अभियान के तहत 24 यात्रियों को रेस्क्यू किया गया, जिनमें भारतीय, विदेशी और श्रीलंकाई नागरिक शामिल थे।

वायुसेना ने बताया कि सभी को सुरक्षित कोलंबो पहुंचा दिया गया है। साथ ही, 3 गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को भी तत्काल चिकित्सा सहायता के लिए एयरलिफ्ट किया गया। राहत कार्यों को सुदृढ़ करने के लिए श्रीलंकाई सेना की 5 टीमें घटनास्थल पर मौजूद रहीं। 40 श्रीलंकाई सैनिकों को डायतालावा आर्मी कैंप से एयरलिफ्ट कर कोटमाले क्षेत्र में तैनात किया गया है।

राहत सामग्री के साथ भारतीय वायुसेना का सी-130 जे विमान रविवार सुबह 10 बजे कोलंबो पहुंचा, जिसमें एनडीआरएफ की राहत सामग्री और 4 'भीष्म' आरोग्य मैत्री पोर्टेबल अस्पताल क्यूब भी शामिल थे। इसके अलावा, वायुसेना की 5 चिकित्सा टीमें भी कोलंबो पहुंची हैं। इस विमान में अन्य आवश्यक चिकित्सा और राहत सामग्री भी उपलब्ध थी।

वायुसेना के अनुसार, यह विमान श्रीलंका से लौटते समय वहां फंसे भारतीय नागरिकों को भारत लाएगा। श्रीलंका में राहत कार्यों के साथ-साथ, चक्रवात के प्रभाव को देखते हुए भारतीय वायुसेना ने भारत में भी तेजी से घरेलू राहत कार्य शुरू किए।

वायुसेना के सी-17 ग्लोबमास्टर विमान ने पुणे और वडोदरा से एनडीआरएफ की टीमों और आवश्यक उपकरणों को चेन्नई एयरलिफ्ट किया है। इस त्वरित अभियान के तहत 300 से अधिक एनडीआरएफ कर्मियों और लगभग 35 टन महत्वपूर्ण राहत सामग्री को प्रभावित क्षेत्रों में तैनात किया गया है। चक्रवात दितवाह के दौरान, भारत द्वारा श्रीलंका को दी गई तत्काल सहायता और भारत में किए गए घरेलू राहत प्रयास यह दर्शाते हैं कि भारतीय वायुसेना आपदा की घड़ी में त्वरितता, कुशलता और मानवता के साथ कार्य करने के लिए हमेशा तत्पर रहती है।

Point of View

वायुसेना ने न केवल अपने देश के नागरिकों की सहायता की, बल्कि पड़ोसी देश श्रीलंका में भी मानवता की मिसाल पेश की। यह घटना भारतीय वायुसेना के कुशल नेतृत्व और उनके त्वरित कार्यों को दर्शाती है, जो हमेशा संकट के समय में सहयोग के लिए तत्पर रहती है।
NationPress
30/11/2025

Frequently Asked Questions

चक्रवात दितवाह क्या है?
चक्रवात दितवाह एक गंभीर मौसम घटना है, जिससे भारी बारिश और भूस्खलन जैसी स्थितियाँ उत्पन्न होती हैं, विशेषकर श्रीलंका में।
भारतीय वायुसेना ने कितने नागरिकों को बचाया?
भारतीय वायुसेना ने 24 यात्रियों को सुरक्षित निकाला, जिनमें भारतीय, विदेशी और श्रीलंकाई नागरिक शामिल थे।
राहत सामग्री में क्या शामिल था?
राहत सामग्री में एनडीआरएफ की सामग्री और 4 'भीष्म' आरोग्य मैत्री पोर्टेबल अस्पताल क्यूब शामिल थे।
क्या भारतीय वायुसेना ने घरेलू राहत कार्य भी शुरू किए?
हाँ, चक्रवात के प्रभाव को देखते हुए भारतीय वायुसेना ने भारत में भी त्वरित राहत कार्य शुरू किए हैं।
श्रीलंका में राहत कार्य में कौन-कौन शामिल था?
श्रीलंका में राहत कार्य में भारतीय वायुसेना के साथ-साथ श्रीलंकाई सेना की 5 टीमें भी मौजूद थीं।
Nation Press