क्या केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान कल 'सरस आजीविका फूड फेस्टीवल 2025' का उद्घाटन करेंगे?
सारांश
Key Takeaways
- महिला उद्यमियों के लिए सशक्तिकरण का अवसर
- भारतीय खाद्य संस्कृति का समृद्ध प्रदर्शन
- 25 राज्यों की विविधता का अनुभव
- 500 से अधिक व्यंजनों का आनंद
- समाज में जागरूकता बढ़ाने का प्रयास
नई दिल्ली, 30 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय ग्रामीण विकास और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान सोमवार को नई दिल्ली के सुंदर नर्सरी में आयोजित 'सरस आजीविका फूड फेस्टीवल 2025' का उद्घाटन करेंगे। इस जानकारी को ग्रामीण विकास मंत्रालय ने रविवार को साझा किया।
मंत्रालय के अनुसार, इस महोत्सव में राजधानी के निवासियों को भारतीय संस्कृति और खाने-पीने की विविधता का अनुभव मिलेगा। सरस फूड फेस्टिवल में 62 स्टॉलों पर देश के 25 राज्यों की लगभग 300 से अधिक लखपति दीदीयां (महिला उद्यमी) और स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं भाग ले रही हैं।
9 दिसंबर 2025 तक चलने वाले इस फूड फेस्टिवल का आयोजन नई दिल्ली में सुंदर नर्सरी, भारत स्काउट्स एंड गाइड्स मार्ग, निजामुद्दीन, हुमायूं के मकबरे के पास किया जा रहा है। यह फेस्टिवल दर्शकों के लिए सुबह 11.30 से रात्रि 9.30 तक खुला रहेगा।
ग्रामीण विकास मंत्रालय ने कहा, "सरस फूड फेस्टिवल 2025, महिला सशक्तिकरण का अनूठा उदाहरण है, जिसका उद्देश्य न केवल देश की खाद्य संस्कृति को प्रस्तुत करना है बल्कि अन्य ग्रामीण महिलाओं को प्रेरित करना भी है।"
बयान में आगे कहा गया, "राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने न केवल ग्रामीण उत्पाद बनाने में कुशलता प्राप्त की है, बल्कि विभिन्न राज्यों के पारंपरिक व्यंजन बनाने में भी महारथ हासिल की है।"
सरस फूड फेस्टिवल में दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों के लोग 25 राज्यों की संस्कृति और स्वाद का अनुभव कर सकेंगे और इन राज्यों के प्रसिद्ध व्यंजनों का स्वाद भी ले सकेंगे।
इस बार, फेस्टिवल में लोग 500 से अधिक व्यंजनों का आनंद उठा सकेंगे, जिनमें हिमाचली सीडडू, उत्तराखंड की तंदूर चाय, जम्मू कश्मीर का मशहूर कलारी कुल्चे, हैदराबादी दम बिरयानी, नॉर्थ ईस्टर्न मोमो, बंगाली फ्राइड मछली, राजस्थान की कैर सागरी, गट्टे की सब्जी, बाजरे की रोटी, बंगाल की हिलसा फिश करी, तेलंगाना का चिकन, केरल की मालाबार बिरयानी, बिहार का लिट्टी चोखा, और पंजाब का सरसों का साग एवं मक्के की रोटी शामिल हैं। अन्य राज्यों जैसे हरियाणा, अरुणाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, केरल, असम, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा और गुजरात भी इस महोत्सव में भाग ले रहे हैं।