क्या हांगकांग अग्निकांड में मौत का आंकड़ा 146 तक पहुंचा, 100 से ज्यादा लोग अब भी लापता?
सारांश
Key Takeaways
- हांगकांग में अग्निकांड ने 146 लोगों की जान ली।
- अभी भी 100 लोग लापता हैं।
- रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
- पुलिस ने जांच अभियान तेज किया है।
- सरकार ने शोक व्यक्त किया है।
नई दिल्ली, 30 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। हांगकांग में हुई भीषण अग्निकांड में मृत्यु दर में वृद्धि हुई है। अधिकारियों के अनुसार, रविवार को मरने वालों की संख्या 146 हो गई। यह घटना दशकों में सबसे भयावह मानी जा रही है। घटना के पांचवें दिन भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहा, और करीब 100 लोग अब भी लापता हैं।
पुलिस ने बताया कि आपदा पीड़ित पहचान इकाई (डिजास्टर विक्टिम आइडेंटिफिकेशन यूनिट) ने हांगकांग के उत्तरी ताइपो जिले में 'वांग फुक कोर्ट' के तीन और टावरों में जांच अभियान चलाया, जिससे और लाशें बरामद हुईं।
मुख्य सुपरिटेंडेंट त्सांग शुक-यिन ने मीडिया को जानकारी दी कि "शाम 4:00 बजे तक, मरने वालों की संख्या 146 थी।" अभी और मौतों का पता चल सकता है।
चीन के हांगकांग विशेष प्रशासनिक क्षेत्र की सरकार ने 29 नवंबर को राष्ट्रीय झंडे को आधा झुकाकर अग्निकांड के मृतकों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की। हांगकांग के प्रमुख ली का चिउ जॉन और अन्य कई अधिकारियों ने इसमें भाग लिया।
हांगकांग में केंद्रीय सरकार के संपर्क कार्यालय ने भी इस भयावह अग्निकांड में मृतकों और मारे गए अग्निशमन कर्मियों को श्रद्धांजलि देने के लिए राष्ट्रीय झंडे को आधा झुकाकर शोक व्यक्त किया।
हांगकांग के न्यू टेरिटरीज के ताइपो जिले में 26 नवंबर को दोपहर बाद भीषण आग लगी थी। फायर सेवा विभाग को स्थानीय समय के अनुसार 2:516:225 अलार्म फायर तक बढ़ा दिया।
जहां पर आग लगी थी, वह एक रिहायशी इलाका था। वांग फुक कोर्ट में आठ रेजिडेंशियल इमारतें थीं, और आग ने सात को अपनी चपेट में ले लिया था। इसके बाद हांगकांग हॉस्पिटल अथॉरिटी ने मेजर इंसिडेंट कंट्रोल सेंटर को सक्रिय कर दिया।
इससे पहले, एजुकेशन ब्यूरो ने प्रभावित छात्रों को उचित सहायता प्रदान करने के लिए एजुकेशनल साइकोलॉजिस्ट और संबंधित स्टाफ को अस्थायी आश्रय घरों में भेजा था।