महालया 2026: ममता बनर्जी समेत कई नेताओं ने दीं शुभकामनाएं, देवी पक्ष का शुभारंभ
सारांश
मुख्य बातें
महालया के पावन अवसर पर 10 अक्टूबर 2026 को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सहित केंद्र और राज्य सरकारों के कई वरिष्ठ नेताओं ने देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। महालया पितृपक्ष की समाप्ति और देवी पक्ष की शुरुआत का प्रतीक है, तथा इसी दिन से दुर्गा पूजा के उत्सव का आधिकारिक आगाज़ माना जाता है।
ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस की शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'महालया के अवसर पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं। यह शुभ अवसर हमें एक बेहतर कल के निर्माण के लिए शक्ति, एकता और नए संकल्प के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दे।' ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (TMC) के आधिकारिक एक्स हैंडल से भी संदेश जारी किया गया: 'महिषासुर मर्दिनी के पवित्र पाठ से लेकर मां दुर्गा के आगमन तक, महालया बुराई पर अच्छाई की शाश्वत जीत का उत्सव है।'
केंद्रीय मंत्रियों और भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया
केंद्रीय कोयला और खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'शुभ महालया! मां दुर्गा का दिव्य आशीर्वाद हर घर में खुशियां, शांति, अच्छा स्वास्थ्य और समृद्धि लाए।' भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता दर्शना जरदोष ने कहा, 'इस शुभ दिन पर मां दुर्गा की परम शक्ति से प्रार्थना है कि वे हमें आशीर्वाद दें और हमारे जीवन से सभी बुराइयों और अंधकार को दूर करें।' BJP के राष्ट्रीय महासचिव बिप्लब कुमार देब ने भी पूर्वजों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए देवी पक्ष की शुरुआत का स्वागत किया।
राज्य मंत्रियों की शुभकामनाएं
पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री निशीथ प्रमाणिक ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'शुभ महालया! मां दुर्गा का स्वागत करते हुए, कामना है कि उनका आशीर्वाद हर घर को शांति, खुशी और उम्मीद से भर दे।' असम सरकार के मंत्री अतुल बोरा ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'मां दुर्गा का आगमन उम्मीद, शांति, खुशी और समृद्धि लेकर आए और समाज में एकता, सद्भाव और आपसी भाईचारे के बंधन को मजबूत करे।'
महालया का सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व
महालया हिंदू पंचांग के अनुसार आश्विन मास की अमावस्या को मनाई जाती है। यह दिन पितृ तर्पण के लिए विशेष माना जाता है। पश्चिम बंगाल, असम और पूर्वोत्तर भारत में इस दिन आकाशवाणी पर 'महिषासुर मर्दिनी' के पाठ की पुरानी परंपरा आज भी जीवंत है। गौरतलब है कि बंगाली समुदाय में महालया को दुर्गा पूजा उत्सव की वास्तविक शुरुआत माना जाता है।
आगे का उत्सव
महालया के बाद अगले छह दिनों में दुर्गा पूजा की तैयारियाँ पूरे जोर-शोर से शुरू हो जाएंगी। कोलकाता सहित देशभर में पंडालों की सजावट और मूर्ति प्रतिष्ठा का क्रम आरंभ होगा, और महापंचमी से दुर्गोत्सव की विधिवत शुरुआत होगी।