महाराष्ट्र में 2025 में 41 बाघों की मृत्यु, वन मंत्री गणेश नाईक का खुलासा
सारांश
Key Takeaways
- ४१ बाघों की मृत्यु हुई, जिनमें से अधिकांश प्राकृतिक कारणों से हैं।
- सरकार बाघों की सुरक्षा को लेकर गंभीर है।
- रेलवे ट्रैक पर दुर्घटनाएँ बाघों के लिए खतरा हैं।
- अंडरपास और गति सीमित करने के सुझाव दिए गए हैं।
- जंगली जानवरों को आकर्षित करने वाले खाद्य पदार्थों पर सख्ती से रोक लगाई जाएगी।
मुंबई, २५ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र के वन मंत्री गणेश नाईक ने विधानसभा में यह जानकारी साझा की कि वर्ष 2025 में राज्य में विभिन्न कारणों से कुल ४१ बाघों की मृत्यु हुई है। उन्होंने बताया कि इनमें से अधिकांश बाघों की मृत्यु प्राकृतिक कारणों से हुई, जबकि कुछ बाघ दुर्घटनाओं और अन्य कारणों के कारण अपनी जान गंवा बैठे।
वन मंत्री ने कहा कि वर्ष 2025 में ४१ बाघों की मृत्यु प्राकृतिक कारणों से हुई। साथ ही, आठ बाघ दुर्घटनाओं में मारे गए, चार बाघों की मौत करंट लगने से हुई और एक बाघ का शिकार होने की पुष्टि हुई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बाघों की सुरक्षा को लेकर गंभीर है और प्रत्येक मामले की जांच की जा रही है।
गणेश नाईक ने यह भी जानकारी दी कि २०११ से 2025 के बीच रेलवे ट्रैक पर हुई दुर्घटनाओं में पाँच बाघ मारे गए हैं। उनका मानना है कि जंगल से गुजरने वाले रेलवे ट्रैक वन्यजीवों के लिए खतरा बने हुए हैं। इस समस्या को देखते हुए वन विभाग ने रेलवे अधिकारियों को कई सुझाव भेजे हैं, ताकि ऐसे हादसों को रोका जा सके।
उन्होंने बताया कि वन क्षेत्रों से गुजरने वाले रेल मार्गों पर ट्रेनों की गति सीमित करने का सुझाव दिया गया है, ताकि अचानक ट्रैक पर आने वाले वन्यजीवों को संरक्षित किया जा सके। इसके साथ ही, जंगली जानवरों के सुरक्षित आवागमन के लिए अंडरपास बनाने की सिफारिश की गई है।
वन विभाग ने यह भी कहा है कि यात्रियों द्वारा ट्रैक के आसपास फेंके गए खाद्य पदार्थ जंगली जानवरों को आकर्षित करते हैं, इसलिए इस पर सख्ती से रोक लगाने की आवश्यकता है।
वन मंत्री ने कहा कि इन सुझावों पर अमल के लिए रेलवे विभाग के साथ लगातार संवाद और समन्वय बनाए रखा जा रहा है। सरकार का उद्देश्य राज्य में बाघों और अन्य वन्य जीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, ताकि उनकी संख्या और संरक्षण को लेकर किए जा रहे प्रयासों को मजबूती प्रदान की जा सके।