महाराष्ट्र एटीएस की बड़ी कार्रवाई: वाराणसी में नीट छात्र से आठ घंटे की पूछताछ
सारांश
Key Takeaways
- महाराष्ट्र एटीएस ने वाराणसी में एक नीट छात्र से पूछताछ की।
- छापेमारी के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए।
- अबू बकर पर आतंकवादी नेटवर्क से संबंध होने का आरोप।
- 22 अप्रैल को फिर से पूछताछ के लिए बुलाया गया।
- जांच में डिजिटल ट्रेल पर ध्यान केंद्रित किया गया।
मुंबई, 16 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र एटीएस ने मुंबई से जुड़े एक कट्टर आतंकी नेटवर्क के मामले में वाराणसी के एक नीट के छात्र से गहन पूछताछ की है। इस दौरान अधिकारियों ने कुछ इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त किए हैं। युवक को आगामी 22 अप्रैल को फिर से पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
अधिकारियों के अनुसार, महाराष्ट्र एटीएस ने उत्तर प्रदेश एटीएस के सहयोग से मंगलवार को वाराणसी के एक निवास पर छापेमारी की और वहां 18 वर्षीय नीट छात्र से लगभग आठ घंटे तक पूछताछ की।
छापेमारी वाराणसी के आदमपुर थाना क्षेत्र के हनुमान फाटक इलाके में एक डॉक्टर के घर पर की गई, जहां स्थानीय बाल रोग विशेषज्ञ के बेटे अबू बकर से पूछताछ की गई। उस पर पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े डिजिटल नेटवर्क से संबंध होने का आरोप है।
अबू बकर की जांच की शुरुआत मुंबई के एक कंप्यूटर इंजीनियरिंग छात्र अयान शेख की हालिया गिरफ्तारी के बाद हुई थी, जिसे गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत पकड़ा गया था। उसकी फॉरेंसिक जांच में एक विस्तृत एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग नेटवर्क का पता चला।
जांच का ध्यान एक संदिग्ध डिजिटल ट्रेल पर है, जो एक टेलीग्राम ग्रुप से संबंधित है, जिसकी चरमपंथी गतिविधियों की जांच की जा रही है। महाराष्ट्र एटीएस की जांच में यह सामने आया है कि युवक से जुड़े एक खाते ने इस ऑनलाइन आतंकी नेटवर्क का हिस्सा बनाया। यह भी पता चला है कि गिरफ्तार आरोपी अयान शेख, अबू बकर और अन्य कई युवक 'इस्लामिक पॉलिटिक्स' नामक टेलीग्राम चैनल और विभिन्न व्हाट्सएप ग्रुप्स में सक्रिय थे, जहां सरकार विरोधी और राष्ट्रविरोधी सामग्री साझा की जा रही थी।
एटीएस अधिकारियों ने बताया कि अबू बकर कई महीनों से इन प्लेटफार्मों पर सक्रिय था। इस समय के दौरान उसने कई आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो साझा किए और राज्य की संप्रभुता पर चर्चा की।
छापेमारी से पहले, मुंबई एटीएस ने अबू बकर के मोबाइल नंबर पर कई दिनों तक निगरानी रखी ताकि उसकी गतिविधियों पर नज़र रखी जा सके और उसके संभावित संबंधों का आकलन किया जा सके।
छापेमारी के दौरान घर अंदर से बंद पाया गया, जिसके बाद संयुक्त एटीएस टीम ने परिसर की जांच की और परिवार की पृष्ठभूमि तथा वित्तीय रिकॉर्ड की जानकारी एकत्र की। अधिकारियों ने बाद में एक लैपटॉप, तीन मोबाइल फोन और एक प्रिंटर सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए, जिन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। अबू बकर को गिरफ्तार नहीं किया गया है लेकिन उसे 22 अप्रैल को आगे की पूछताछ के लिए पेश होने का समन जारी किया गया है।