क्या महाराष्ट्र में सीएम देवेंद्र फडणवीस की पहल से मिल रहा है त्वरित न्याय?
सारांश
Key Takeaways
- मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पहल से न्याय प्रणाली में सुधार हो रहा है।
- लंबित मामलों का त्वरित निपटारा सुनिश्चित किया जा रहा है।
- न्याय सहायक वैज्ञानिक प्रयोगशालाओं में विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
- पीड़ितों को त्वरित न्याय मिल रहा है।
- न्यायिक प्रक्रिया में तेजी आ रही है।
मुंबई, 22 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। ‘सभी के लिए न्याय, त्वरित न्याय’ के सिद्धांत पर राज्य सरकार कार्यरत है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पहल और मार्गदर्शन में त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए न्याय प्रणाली की कमियों को दूर किया जा रहा है। नए आपराधिक कानून के अंतर्गत त्वरित न्याय को प्राथमिकता देते हुए न्याय सहायक वैज्ञानिक प्रयोगशालाओं में लंबित मामलों के निपटारे पर विशेष जोर दिया गया है, जिससे न्यायिक प्रक्रिया में तेजी आई है।
न्याय सहायक वैज्ञानिक प्रयोगशाला संचालनालय के अंतर्गत लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। नियमित समीक्षा के माध्यम से उन्होंने इन मामलों के निपटारे की प्रक्रिया को गतिमान किया। वर्ष 2025 में संचालनालय की प्रयोगशालाओं में 1 लाख 81 हजार मामले लंबित थे, जबकि 2 लाख 94 हजार नए मामले प्राप्त हुए। विशेष अभियान के तहत दिसंबर 2025 के अंत तक 3 लाख 96 हजार 879 मामलों का निपटारा कर लंबित मामलों की संख्या घटाकर 79 हजार 542 कर दी गई।
इस विशेष अभियान के अंतर्गत सभी विभागों के प्रचलित मानकों में वृद्धि करते हुए संचालनालय के प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी से सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक अतिरिक्त कार्य कराया गया, साथ ही सरकारी अवकाश के दिनों में भी काम कर लंबित मामलों का निपटारा किया गया। जहां उपलब्ध मानव संसाधन के साथ न्यूनतम 2 लाख से 2 लाख 15 हजार मामलों के निपटारे की क्षमता थी, वहीं मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देशानुसार 3 लाख 96 हजार 879 मामलों का निपटारा किया गया। इस प्रकार लंबित मामलों में से 1 लाख 02 हजार 413 अतिरिक्त मामलों का सफलतापूर्वक निपटारा संभव हुआ।
दिसंबर 2025 के अंत तक लंबित मामलों में से ‘कन्वेंशनल फॉरेंसिक’ विभाग ने 3 लाख 96 हजार 275 मामलों का निपटारा किया। इस विभाग में वर्तमान में 27 हजार 524 नए मामले प्राप्त हुए हैं। फरवरी 2026 से जिस दिन मामला प्राप्त होगा, उसी दिन विश्लेषण की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। इससे मामलों के लंबित रहने की स्थिति समाप्त होकर पीड़ितों को त्वरित न्याय मिलने की व्यवस्था सुदृढ़ होगी। कंप्यूटर अपराध विभाग, साइबर, ध्वनि एवं ऑडियो-वीडियो विभागों में भी लंबित मामलों का निपटारा तेजी से किया जा रहा है।
न्यायिक प्रक्रिया में तेजी आने से पीड़ितों को वर्षों तक न्याय की प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ेगी। गतिशील न्याय व्यवस्था में न्याय सहायक वैज्ञानिक प्रयोगशाला संचालनालय की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसी कारण मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने संचालनालय को और अधिक सक्षम बनाने पर विशेष बल दिया है। राज्य के प्रत्येक उप-विभागीय पुलिस अधिकारी कार्यालय को ‘मोबाइल फॉरेंसिक वैन’ उपलब्ध कराई जा रही है। इन सभी उपायों के परिणामस्वरूप न्यायिक प्रक्रिया को और अधिक गति मिल रही है।