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महाराष्ट्र बना विदेशी निवेश का प्रमुख केंद्र, 2047 तक 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य: राज्यपाल

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महाराष्ट्र बना विदेशी निवेश का प्रमुख केंद्र, 2047 तक 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य: राज्यपाल

सारांश

महाराष्ट्र का बजट सत्र प्रारंभ, राज्यपाल ने विदेशी निवेश में वृद्धि और 2047 तक 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को साझा किया। विभिन्न योजनाओं और निवेश के माध्यम से रोजगार सृजन की उम्मीद।

मुख्य बातें

महाराष्ट्र विदेशी निवेश का प्रमुख केंद्र 2047 तक 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य 40 लाख नौकरियों का सृजन कृषि में टेक्नोलॉजी का प्रयोग मुफ्त बिजली योजना का लाभ

मुंबई, 23 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र सरकार का बजट सत्र आज से प्रारंभ हो गया है। पहले दिन विधानसभा के दोनों सदनों को संबोधित करते हुए राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि महाराष्ट्र विदेशी निवेश के लिए शीर्ष विकल्प बना हुआ है, जो राष्ट्रीय सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 13.5 फीसदी से अधिक का योगदान करता है।

राज्यपाल ने आगे बताया, "2047 तक महाराष्ट्र को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए एक 'विजन मैनेजमेंट यूनिट' की स्थापना की गई है। राज्य को 2024-25 में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) में 1,64,875 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं। 2025-26 की पहली छमाही में राज्य को 91,337 करोड़ रुपये मिले।"

उन्होंने कहा कि जनवरी 2026 में दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की बैठक में 18 देशों की कंपनियों के साथ लगभग 30 लाख करोड़ रुपये के मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जिससे 40 लाख नौकरियों का सृजन होने की संभावना है।

इस दौरान 'महाराष्ट्र उद्योग, निवेश और सेवा नीति 2025' की भी घोषणा की गई है, जिसका उद्देश्य 70.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश और 50 लाख नई नौकरियों का सृजन करना है।

राज्यपाल ने कहा कि इंडिया मैरीटाइम वीक 2025 के दौरान पोर्ट विकास के लिए 56,000 करोड़ रुपये के एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं। 4,478 करोड़ रुपये की लागत से 1,100 किमी तक फैले 147 बड़े सड़क परियोजनाओं को भी स्वीकृति दी गई है। समृद्धि महामार्ग को प्रस्तावित वधवन पोर्ट और पूर्वी विदर्भ तक विस्तारित किया जाएगा।

उन्होंने आगे कहा कि 'महाराष्ट्र जहाज निर्माण, जहाज मरम्मत और जहाज निकासी नीति 2025' भी लागू की गई है। अक्टूबर 2025 में मुंबई में आयोजित इंडिया मैरीटाइम वीक के दौरान हस्ताक्षरित एमओयू से पोर्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर और शिपबिल्डिंग में निवेश तथा रोजगार में तेजी आने की उम्मीद है।

राज्यपाल ने यह भी कहा कि एम्प्लॉई डेटा को एकीकृत करने के लिए एक 'कॉम्प्रिहेंसिव डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन प्रोजेक्ट' चलाया जा रहा है। कृषि क्षेत्र में टेक्नोलॉजी-ड्रिवन खेती को बढ़ावा देने के लिए जून 2025 में 'महाराष्ट्र एग्री-आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पॉलिसी 2025-29' की शुरुआत की गई थी।

राज्यपाल ने बताया कि मुख्यमंत्री बलिराजा मुफ्त बिजली योजना के तहत 7.5 एचपी तक के पंप उपयोग करने वाले 44 लाख से अधिक किसानों को मुफ्त बिजली दी जाती है, जिससे उन्हें 25,087 करोड़ रुपये की राहत मिलती है। अक्टूबर और नवंबर 2025 के बीच 45,911 सोलर पंप लगाकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बनाया गया है। वर्तमान में 7,786 किसान समूह 3.22 लाख हेक्टेयर में प्राकृतिक खेती कर रहे हैं। उमेद मिशन के माध्यम से 26.19 लाख महिलाएं 'लखपति दीदी' बन चुकी हैं। आदिवासी महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए रानी दुर्गावती महिला सशक्तिकरण योजना शुरू की गई है। 5 लाख रुपये से अधिक कीमत वाले 9 तरह के दुर्लभ अंग प्रत्यारोपण अधिकृत अस्पतालों में मुफ्त में उपलब्ध हैं।

राज्यपाल ने कहा कि एकेडमिक वर्ष का नुकसान रोकने के लिए वोकेशनल कोर्स के लिए सीईटी परीक्षाएं अब साल में दो बार होंगी। 154 विषयों के टेक्निकल डिप्लोमा सामग्री का मराठी में भी अनुवाद किया गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह देश की समग्र आर्थिक स्थिति को भी मजबूत करेगा।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महाराष्ट्र का विदेशी निवेश में कितना योगदान है?
महाराष्ट्र का विदेशी निवेश राष्ट्रीय सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 13.5 फीसदी से अधिक का योगदान करता है।
2047 तक महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य क्या है?
2047 तक महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था को 5 ट्रिलियन डॉलर तक बढ़ाने का लक्ष्य है।
महाराष्ट्र में कितनी नौकरियां सृजित होने की उम्मीद है?
18 देशों की कंपनियों के साथ एमओयू से लगभग 40 लाख नई नौकरियों का सृजन होने की उम्मीद है।
कृषि के लिए कौन सी नई नीति लागू की गई है?
'महाराष्ट्र एग्री-आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पॉलिसी 2025-29' को कृषि क्षेत्र में टेक्नोलॉजी-ड्रिवन खेती को सपोर्ट करने के लिए लागू किया गया है।
मुख्यमंत्री बलिराजा मुफ्त बिजली योजना का लाभ कौन उठा सकता है?
7.5 एचपी तक के पंप उपयोग करने वाले 44 लाख से अधिक किसान इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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