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क्या महाराष्ट्र में फर्जी गेमिंग ऐप से 3 हजार करोड़ की ठगी हुई है?

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क्या महाराष्ट्र में फर्जी गेमिंग ऐप से 3 हजार करोड़ की ठगी हुई है?

सारांश

रायगढ़ पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग ऐप्स के जरिए किए गए ठगी के मामले का खुलासा किया है। आरोपी भारमल हनुमान मीणा को गिरफ्तार किया गया है। इस ठगी में शामिल अन्य लोगों का साक्ष्य जुटाने के लिए पुलिस जांच कर रही है। जानिए इस मामले के बारे में विस्तार से।

मुख्य बातें

फर्जी गेमिंग ऐप्स के माध्यम से ठगी की बढ़ती घटनाएं।
रायगढ़ पुलिस ने 3000 करोड़ रुपये की राशि को फ्रीज किया।
आरोपी की पहचान भारमल हनुमान मीणा के रूप में हुई।
जांच में अन्य लोगों के शामिल होने की संभावना।
पुलिस अधीक्षक आंचल दलाल की रणनीति से मिली सफलता।

रायगढ़, 25 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र राज्य की रायगढ़ पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग ऐप्स के माध्यम से हो रही ठगी के मामले में एक बड़े खुलासे के अंतर्गत एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान 38 वर्षीय भारमल हनुमान मीणा के रूप में हुई है, जिसे पुलिस ने अलीबाग से गिरफ्तार किया है।

यह आरोपी फर्जी गेमिंग ऐप्स जैसे एम999, परिमच और मधुर मटका के जरिए लोगों से ठगी कर रहा था। एक शिकायतकर्ता ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उससे 10 हजार रुपये की धोखाधड़ी की गई है। इसी शिकायत के आधार पर पुलिस ने पूरे मामले की गहन जांच की और यह खुलासा हुआ।

रायगढ़ पुलिस की यह कार्रवाई अब तक की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि इस फर्जी गेमिंग ऐप्स के जरिए लगभग 3000 करोड़ रुपये की भारी-भरकम रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर की गई है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए इस राशि को विभिन्न बैंकों से फ्रीज करवा दिया है, ताकि आगे की ठगी और पैसों की हेराफेरी को रोका जा सके।

इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व रायगढ़ की पुलिस अधीक्षक आंचल दलाल ने किया। उनकी निगरानी और रणनीति के चलते ही इतनी बड़ी सफलता हासिल हो पाई है। इस ऑपरेशन को पुलिस की एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस को शक है कि इस मामले में केवल आरोपी ही शामिल नहीं है, बल्कि इसके तार कई बड़े अधिकारियों और नेताओं से भी जुड़े हो सकते हैं। आगे की जांच से इस ठगी रैकेट में शामिल अन्य लोगों के नाम सामने आ सकते हैं।

रायगढ़ की पुलिस अधीक्षक आंचल दलाल ने बताया कि आरोपी अलग-अलग लोगों के खातों में पैसा मंगवा रहा था। इन अकाउंटों में लाखों-करोड़ों की ट्रांजैक्शन की गई है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि ये जिनके भी अकाउंट हैं, सभी सामान्य लोग हैं। इसके बावजूद इतना ट्रांजैक्शन होने के बाद भी बैंक ने अकाउंट को फ्रीज नहीं किया। एसपी का कहना है कि इसमें बैंक के कर्मचारी भी शामिल हो सकते हैं। फिलहाल, हर तरह से मामले की जांच की जा रही है जो भी इसमें लिप्त पाया जाएगा, उस पर निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि हमारे समाज में ऑनलाइन धोखाधड़ी के बढ़ते खतरे को भी दर्शाती है। हमें सतर्क रहना होगा और ऐसे मामलों की जांच में पुलिस और संबंधित अधिकारियों का सहयोग करना चाहिए।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फर्जी गेमिंग ऐप्स क्या हैं?
फर्जी गेमिंग ऐप्स वे ऐप्स हैं जो लोगों को धोखा देने के लिए बनाए जाते हैं, जहां उपयोगकर्ता को जीतने का झांसा देकर उनसे पैसे लिए जाते हैं।
इस ठगी में पुलिस ने कितनी राशि को फ्रीज किया है?
पुलिस ने इस ठगी में लगभग 3000 करोड़ रुपये की राशि को विभिन्न बैंकों से फ्रीज किया है।
आरोपी की पहचान क्या है?
आरोपी की पहचान 38 वर्षीय भारमल हनुमान मीणा के रूप में हुई है।
क्या इस मामले में अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं?
हां, पुलिस को संदेह है कि इस ठगी के मामले में अन्य बड़े अधिकारी और नेता भी शामिल हो सकते हैं।
पुलिस कार्रवाई का नेतृत्व किसने किया?
पुलिस कार्रवाई का नेतृत्व रायगढ़ की पुलिस अधीक्षक आंचल दलाल ने किया।
राष्ट्र प्रेस
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