महाराष्ट्र को 'काऊ बेल्ट' बनाने की साजिश में महायुति: कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल का बड़ा आरोप
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी (MPCC) के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने 1 मई 2026 को महाराष्ट्र दिवस और मजदूर दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि महायुति एक सुनियोजित साजिश के तहत छत्रपति शिवाजी महाराज, राजर्षि शाहू महाराज, महात्मा ज्योतिराव फुले और बाबासाहेब अंबेडकर के आदर्शों पर खड़े प्रगतिशील महाराष्ट्र को 'काऊ बेल्ट' में तब्दील करने की कोशिश कर रही है। मुंबई में आयोजित इस कार्यक्रम में सपकाल ने नागरिकों से एकजुट होने का आह्वान किया।
काऊ बेल्ट से क्या आशय है
सपकाल के भाषण में इस्तेमाल 'काऊ बेल्ट' शब्द उत्तर और मध्य भारत के उन राज्यों के लिए प्रयुक्त होता है जहाँ हिंदी प्रमुख भाषा है और गाय को उच्च धार्मिक व सांस्कृतिक महत्ता प्राप्त है। सपकाल ने इस शब्द का उपयोग यह संकेत देने के लिए किया कि महाराष्ट्र की अपनी प्रगतिशील पहचान को जानबूझकर कमज़ोर किया जा रहा है।
महाराष्ट्र की सांस्कृतिक विरासत पर ज़ोर
सपकाल ने राज्य की समृद्ध विरासत को रेखांकित करते हुए कहा कि महाराष्ट्र की धरती छत्रपति शिवाजी महाराज, राजर्षि शाहू महाराज, महात्मा ज्योतिराव फुले और बाबासाहेब अंबेडकर के विचारों से बनी है। उन्होंने यह भी कहा कि यह वारकरी संप्रदाय की समानता की शिक्षाओं से धन्य भूमि है। उनके अनुसार, यह पहचान आज खतरे में है और इसे बचाना हर महाराष्ट्रीयन का दायित्व है।
परिसीमन और राजनीतिक महत्व पर चिंता
सपकाल ने आरोप लगाया कि परिसीमन जैसी प्रक्रियाओं का उपयोग राष्ट्रीय स्तर पर महाराष्ट्र के राजनीतिक प्रभाव को घटाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार असली मुद्दों — जैसे कानून-व्यवस्था, महिलाओं की सुरक्षा, सूखा प्रबंधन और भ्रष्टाचार — से ध्यान भटकाने के लिए जातियों और धर्मों के बीच फूट डाल रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि असली 'मिसिंग लिंक' राज्य के प्रशासन में ही मौजूद है।
महाविकास अघाड़ी की एकता का संदेश
सपकाल ने महाविकास अघाड़ी (MVA) गठबंधन की ताकत को दोहराते हुए संत का दोहा उद्धृत किया — 'एकमेका सहाय्य करू, अवघे धरू सुपंथ' (चलो हम एक-दूसरे की मदद करें और मिलकर सही रास्ता चुनें)। उन्होंने घोषणा की कि कांग्रेस अपनी संख्या बल के आधार पर नेतृत्व करने के लिए तैयार है। साथ ही उन्होंने कहा कि 'इंडिया' गठबंधन राष्ट्रीय स्तर पर एक मज़बूत ताकत है और सहयोगी दलों ने माना है कि राज्य में कांग्रेस को उचित प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।
आगे क्या
यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में परिसीमन की बहस तेज़ है और MVA अपनी रणनीति को नए सिरे से तैयार कर रहा है। सपकाल के इस आक्रामक भाषण से स्पष्ट है कि कांग्रेस आगामी चुनावी मौसम में सांस्कृतिक पहचान और प्रशासनिक विफलताओं को केंद्रीय मुद्दा बनाने की तैयारी में है।