क्या पद्मश्री सम्मानित प्रो. रॉय ने पीएम मोदी की तारीफ की और सरकार की पहल की सराहना की?
सारांश
Key Takeaways
- महेंद्र नाथ रॉय को पद्मश्री से सम्मानित किया गया।
- उन्होंने पीएम मोदी की सराहना की।
- रॉय की कहानी प्रेरणादायक है।
- उनकी मेहनत ने उन्हें यह पहचान दिलाई।
- यह पुरस्कार खामोश नायकों की पहचान है।
कोलकाता, 25 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रसिद्ध केमिस्ट्री प्रोफेसर और सामाजिक कार्यकर्ता महेंद्र नाथ रॉय को पद्म अवॉर्ड 2026 के तहत पद्मश्री से सम्मानित किया गया।
घोषणा के बाद राष्ट्र प्रेस से बातचीत में रॉय ने अपनी खुशी व्यक्त की। उन्होंने कहा, "मुझे यह अवॉर्ड पाकर अत्यंत आनंद हो रहा है। मैं इसके लिए अपने माता-पिता और शिक्षकों का आभार व्यक्त करता हूँ। मैं एक किसान का पुत्र हूँ और मैंने कभी नहीं सोचा था कि मुझे इतनी महान पहचान मिलेगी। मैंने चुपचाप अपना कार्य चलता रखा, और देश और सरकार ने मेरी इस खामोश मेहनत को मान्यता दी है, यह मेरे लिए सबसे बड़ा पुरस्कार है।"
रॉय केमिस्ट्री के प्रोफेसर हैं और नॉर्थ बंगाल यूनिवर्सिटी में विज्ञान और कला, वाणिज्य और कानून की फैकल्टी के पूर्व डीन रह चुके हैं। वह उत्तर बंगाल के अलीपुरद्वार यूनिवर्सिटी के संस्थापक उप-कुलपति भी हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के पद्म अवॉर्ड 2026 के माध्यम से 45 'अनजाने और अनोखे नायकों' को सम्मानित करने के फैसले पर टिप्पणी करते हुए प्रो. रॉय ने कहा, "यह सिर्फ एक व्यक्तिगत सम्मान नहीं है। यह उन हजारों लोगों की पहचान है जो बिना किसी लाइमलाइट के समाज के लिए चुपचाप काम करते हैं। यह पहल वास्तव में असली नायकों को सामने लाती है।"
उन्होंने अपने जीवन की यात्रा पर विचार करते हुए कहा, "कई संघर्षों का सामना करना पड़ा, जिनमें वित्तीय कठिनाइयां, सामाजिक बाधाएं और व्यक्तिगत परेशानियां शामिल थीं, लेकिन लोगों के चेहरों पर मुस्कान देखने की इच्छा ने मुझे हमेशा आगे बढ़ने और मेहनत करने की प्रेरणा दी।"
रॉय पश्चिम बंगाल की उन 11 हस्तियों में से हैं, जिन्हें इस साल पद्म श्री से सम्मानित किया गया है।
अन्य सम्मानित व्यक्तियों में अशोक कुमार हलदर (साहित्य और शिक्षा), गंभीर सिंह योनजोन (साहित्य और शिक्षा), हरि माधव मुखोपाध्याय (कला, मरणोपरांत), ज्योतिष देबनाथ (कला), कुमार बोस (कला), प्रोसेनजीत चटर्जी (कला), रबीलाल टुडू (साहित्य और शिक्षा), सरोज मंडल (चिकित्सा), तरुण भट्टाचार्य (कला), और तृप्ति मुखर्जी (कला) शामिल हैं।