महिला आरक्षण बिल पर सपा प्रवक्ता राजकुमार भाटी का बयान: इसे सही तरीके से लागू करने की आवश्यकता
सारांश
Key Takeaways
- महिला आरक्षण बिल का समर्थन किया गया है।
- बिल को तुरंत लागू करने की आवश्यकता है।
- ओबीसी और अल्पसंख्यक महिलाओं के लिए अलग कोटा होना चाहिए।
- राजकुमार भाटी ने सरकार की ईमानदारी पर सवाल उठाए।
- कमजोर वर्गों को लाभ पहुंचाना आवश्यक है।
ग्रेटर नोएडा, ६ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजकुमार भाटी ने महिला आरक्षण बिल का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि देर आए, दुरुस्त आए। इस विषय पर संसद का तीन दिवसीय सत्र बुलाया गया है, जिसमें चर्चा की जाएगी।
ग्रेटर नोएडा में राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए सपा प्रवक्ता राजकुमार भाटी ने कहा कि सरकार ने महिला आरक्षण बिल प्रस्तुत किया है, लेकिन इसके प्रति उनकी ईमानदारी संदिग्ध है। भारतीय जनता पार्टी मनुस्मृति के सिद्धांतों पर चलना चाहती है, जहां महिलाओं को दोयम दर्जे का नागरिक माना गया है।
उन्होंने कहा कि बिल को लेकर संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है। मैं पूछना चाहता हूं कि इसमें देरी क्यों हो रही है? इसे तुरंत लागू किया जाना चाहिए। महिला आरक्षण में ओबीसी महिलाओं के लिए अलग से कोटा होना चाहिए, ताकि भेदभाव न हो। इसके अलावा, अल्पसंख्यक महिलाओं के लिए भी कोटा होना आवश्यक है।
सपा प्रवक्ता ने कहा कि हम इस बिल का स्वागत करते हैं, लेकिन इसे सही तरीके से लागू किया जाना चाहिए ताकि कमजोर वर्गों को इसका लाभ मिल सके।
अयोध्या में राम मंदिर के दर्शन करने गए सीआरपीएफ जवानों के बारे में पूछे गए सवाल पर सपा प्रवक्ता ने कहा कि मैं इसे गलत नहीं मानता और इसे मुद्दा नहीं बनाना चाहिए। हर व्यक्ति की अपनी आस्था होती है। नौकरी अपनी जगह है, जवानों ने राम मंदिर का दर्शन किया। जब जवान ड्यूटी पर हों, तब धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए।