महिला आरक्षण विधेयक: मंत्री नंदी का विपक्ष पर हमला — 'आधी आबादी की नजरों से गिर गया पूरा विपक्ष'

Click to start listening
महिला आरक्षण विधेयक: मंत्री नंदी का विपक्ष पर हमला — 'आधी आबादी की नजरों से गिर गया पूरा विपक्ष'

सारांश

मिर्जापुर में मंत्री नंद गोपाल नंदी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध करने पर कांग्रेस-सपा समेत पूरे विपक्ष को घेरा। कहा — विपक्ष आधी आबादी की नजरों से गिर गया, पीएम मोदी महिलाओं को संसद तक पहुंचाना चाहते हैं। मिर्जापुर हादसे पर भी जताया शोक।

Key Takeaways

  • मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी' ने मिर्जापुर में 23 अप्रैल को महिला आरक्षण विधेयक पर विपक्ष को घेरा।
  • नारी शक्ति वंदन अधिनियम में लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33%25 आरक्षण का प्रावधान है।
  • मंत्री नंदी ने कहा — कांग्रेस और सपा ने परिसीमन की अफवाह फैलाकर तुष्टीकरण को बढ़ावा दिया।
  • विधेयक के क्रियान्वयन के लिए जनगणना और परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होना अनिवार्य है।
  • मिर्जापुर सड़क हादसे में मृतकों के परिजनों के लिए मुख्यमंत्री ने आर्थिक सहायता की घोषणा की।
  • मंत्री नंदी ने डीएम को पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।

मंत्री नंदी का विपक्ष पर सीधा प्रहार

मिर्जापुर, 23 अप्रैलउत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी' ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम संशोधन विधेयक (महिला आरक्षण विधेयक) को लेकर विपक्ष पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी समेत पूरे विपक्ष ने इस ऐतिहासिक विधेयक का विरोध करके खुद अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मार ली है। मिर्जापुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने यह बयान दिया।

विपक्ष का 'रूढ़िवादी एजेंडा' बेनकाब

मंत्री नंदी ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के विरोध से विपक्ष का रूढ़िवादी और तुष्टीकरण वाला एजेंडा पूरी तरह बेनकाब हो गया है। उनके अनुसार, विपक्षी दल मातृ शक्ति को घर की चौखट तक सीमित रखना चाहते हैं, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में पहुंचाने का संकल्प लेकर चल रहे हैं।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब यह विधेयक संसद में गिरा, तब विपक्षी सांसद मेज थपथपा रहे थे — यह दृश्य देश की महिलाओं ने देखा और वे इसका जवाब आने वाले चुनावों में देंगी।

परिसीमन की 'बेबुनियाद अफवाह' और तुष्टीकरण

मंत्री नंदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और सपा ने परिसीमन को लेकर बेबुनियाद अफवाहें फैलाकर हमेशा की तरह तुष्टीकरण की राजनीति को बढ़ावा दिया। उन्होंने कहा कि यह वह ऐतिहासिक अवसर था जब विपक्ष को नायकों की भूमिका में खड़ा होना था, लेकिन उन्होंने खलनायकों की भूमिका चुनी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि संसद में केवल यह विधेयक नहीं गिरा, बल्कि पूरा विपक्ष आधी आबादी की नजरों से गिर गया। उन्होंने कहा कि आने वाले चुनाव में मातृ शक्ति इन अवसरवादियों को अपने जनादेश से माकूल जवाब देगी।

पीएम मोदी की महिला सशक्तीकरण नीतियों की सराहना

मंत्री नंदी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने महिला सशक्तीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' जैसी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का काम किया गया है। उन्होंने कहा कि यह विधेयक उसी दिशा में एक ऐतिहासिक कदम था।

गौरतलब है कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम को सितंबर 2023 में संसद के विशेष सत्र में पारित किया गया था, जिसमें लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है। हालांकि इसे लागू करने के लिए परिसीमन और जनगणना की प्रक्रिया पूरी होना अनिवार्य है, जो विपक्ष की आपत्ति का मुख्य आधार रहा है।

मिर्जापुर सड़क हादसे पर शोक और सरकारी सहायता

मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी' ने मिर्जापुर में हुए दुखद सड़क हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में उत्तर प्रदेश सरकार पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है। मुख्यमंत्री ने हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है।

मंत्री नंदी ने बताया कि उन्होंने जिलाधिकारी (डीएम) से बात कर पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और बुनियादी ढांचे की स्थिति पर सवाल खड़े किए हैं।

महिला आरक्षण विधेयक पर यह राजनीतिक विवाद आगामी लोकसभा चुनाव 2024 की पृष्ठभूमि में और तीखा होता जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि महिला मतदाता इस मुद्दे पर अपना स्पष्ट रुख चुनावों में दिखाएंगी।

Point of View

बल्कि 2024 लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा की सुनियोजित रणनीति का हिस्सा है — जहां महिला मतदाताओं को साधना सर्वोच्च प्राथमिकता है। विडंबना यह है कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम स्वयं परिसीमन और जनगणना की शर्त से बंधा है, जिसका अर्थ है कि यह वास्तविक क्रियान्वयन अभी वर्षों दूर है — और यह तथ्य सत्तापक्ष की बयानबाजी में सुविधाजनक रूप से गायब रहता है। विपक्ष की आलोचना भले ही राजनीतिक हो, लेकिन परिसीमन की चिंता पूरी तरह निराधार भी नहीं — क्योंकि इससे कुछ राज्यों में सीटों के समीकरण बदल सकते हैं। असली सवाल यह है कि जब तक जनगणना और परिसीमन नहीं होता, तब तक यह ऐतिहासिक कानून कागज पर ही रहेगा — और इस देरी की जवाबदेही किसकी है?
NationPress
23/04/2026

Frequently Asked Questions

नंद गोपाल नंदी ने महिला आरक्षण विधेयक पर क्या कहा?
मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने कहा कि विपक्ष ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध करके खुद अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारी है। उन्होंने कहा कि पूरा विपक्ष आधी आबादी की नजरों से गिर गया है।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम क्या है और यह कब पारित हुआ?
नारी शक्ति वंदन अधिनियम सितंबर 2023 में संसद के विशेष सत्र में पारित हुआ, जिसमें लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है। इसे लागू करने के लिए परिसीमन और जनगणना की प्रक्रिया पूरी होना जरूरी है।
विपक्ष ने महिला आरक्षण विधेयक का विरोध क्यों किया?
विपक्ष ने मुख्य रूप से परिसीमन की शर्त को लेकर आपत्ति जताई और ओबीसी महिलाओं के लिए अलग आरक्षण की मांग की। कांग्रेस और सपा ने इसे तत्काल लागू न होने वाला विधेयक बताया।
मिर्जापुर सड़क हादसे पर मंत्री नंदी ने क्या कहा?
मंत्री नंदी ने मिर्जापुर सड़क हादसे में जान गंवाने वालों के प्रति शोक व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवारों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है और डीएम को हर संभव मदद का निर्देश दिया गया है।
महिला आरक्षण विधेयक कब से लागू होगा?
नारी शक्ति वंदन अधिनियम तभी लागू होगा जब देश में जनगणना और परिसीमन की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। अभी तक इसकी कोई निश्चित समय-सीमा तय नहीं की गई है।
Nation Press