जानलेवा हमले से बचे हुमायूं कबीर: 'केंद्रीय सुरक्षा ने बचाई जान', मुर्शिदाबाद में बड़ा दावा

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जानलेवा हमले से बचे हुमायूं कबीर: 'केंद्रीय सुरक्षा ने बचाई जान', मुर्शिदाबाद में बड़ा दावा

सारांश

मुर्शिदाबाद में मतदान के दौरान एजेयूपी अध्यक्ष हुमायूं कबीर के काफिले पर जानलेवा हमला हुआ। केंद्रीय सुरक्षा की वजह से वे बचे। उन्होंने टीएमसी के सफाए और 80-85 सीटें जीतने का दावा किया। सपा नेता एसटी हसन ने कबीर को भाजपा का एजेंट बताया।

Key Takeaways

  • हुमायूं कबीर के काफिले पर 23 अप्रैल को मुर्शिदाबाद में जानलेवा हमला हुआ, केंद्रीय सुरक्षा से बचे।
  • एजेयूपी के 115 उम्मीदवार मैदान में हैं, कबीर ने 80-85 सीटें जीतने का दावा किया।
  • कबीर का आरोप — अभिषेक बनर्जी और प्रतीक जैन ने उनके 27 समर्थकों को खरीदा।
  • सपा नेता एसटी हसन ने कबीर को भाजपा का एजेंट बताया, वायरल वीडियो का हवाला दिया।
  • पुलिस पर आरोप — टीएमसी समर्थकों पर लाठीचार्ज, कबीर समर्थकों पर कोई कार्रवाई नहीं।
  • कबीर का बड़ा दावा — मुर्शिदाबाद से टीएमसी का सफाया होगा, वह तीसरे स्थान पर खिसकेगी।

मुर्शिदाबाद, 23 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के अध्यक्ष हुमायूं कबीर ने गुरुवार को दावा किया कि उनके काफिले पर जानलेवा हमला किया गया, लेकिन केंद्रीय सुरक्षाबल की मौजूदगी के कारण वे बाल-बाल बच गए। मुर्शिदाबाद में मतदान के दौरान हुई इस घटना ने पश्चिम बंगाल के चुनावी माहौल को और अधिक तनावपूर्ण बना दिया है।

हमले पर हुमायूं कबीर का बयान

हुमायूं कबीर ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि मुझे जान से मारने की कोशिश की गई और मेरे पास केंद्रीय सुरक्षा है इसलिए मैं बच गया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन पर जो आरोप लगाए जा रहे हैं वे बेबुनियाद हैं।

कबीर ने कहा कि उनके इतने बड़े समर्थक वर्ग को देखते हुए यह सवाल ही नहीं उठता कि वे किसी पर बम क्यों फेंकेंगे। उन्होंने इस हमले के पीछे राजनीतिक साजिश का संकेत दिया।

मुर्शिदाबाद में टीएमसी के खिलाफ बड़ा दावा

हुमायूं कबीर ने चुनाव परिणामों को लेकर बड़ा दावा करते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) इस चुनाव में तीसरे स्थान पर खिसक जाएगी और मुर्शिदाबाद से उसका सफाया हो जाएगा। उन्होंने कहा कि इस चरण में उनके 115 उम्मीदवार मैदान में हैं और एजेयूपी 80 से 85 सीटें जीतने में सफल रहेगी।

उन्होंने यह भी खुलासा किया कि उनका लक्ष्य 100 से अधिक सीटें जीतने का था, लेकिन अभिषेक बनर्जी और प्रतीक जैन ने उनके 27 समर्थकों को खरीद लिया, जिससे उनकी रणनीति प्रभावित हुई।

बाबरी मस्जिद पर विवादास्पद टिप्पणी

हुमायूं कबीर ने बाबरी मस्जिद के निर्माण का भी उल्लेख करते हुए कहा कि यह ममता बनर्जी को एक स्पष्ट संदेश है कि यहां मस्जिद बनने से कोई नहीं रोक सकता। यह टिप्पणी राजनीतिक रूप से संवेदनशील मानी जा रही है और इससे चुनावी माहौल में और तनाव बढ़ने की आशंका है।

एसटी हसन का पलटवार

समाजवादी पार्टी के नेता एसटी हसन ने मुर्शिदाबाद में हुई हिंसा और पुलिस लाठीचार्ज पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वहां के लोगों ने हुमायूं कबीर के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने हुमायूं कबीर पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि पूरा भारत जानता है कि वह भाजपा का एजेंट है और उनका एक वायरल वीडियो इसका प्रमाण है।

एसटी हसन ने यह भी कहा कि मुसलमानों को बांटने की कोशिश की जा रही है और किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। उन्होंने पुलिस पर पक्षपाती रवैये का आरोप लगाते हुए कहा कि लाठीचार्ज केवल टीएमसी समर्थकों पर किया गया जबकि हुमायूं कबीर के समर्थकों को छोड़ दिया गया।

गहरा राजनीतिक संदर्भ

गौरतलब है कि मुर्शिदाबाद ऐतिहासिक रूप से टीएमसी का गढ़ रहा है, लेकिन हाल के वर्षों में यहां नई राजनीतिक शक्तियों का उभार देखा जा रहा है। हुमायूं कबीर जैसे नेताओं का दावा है कि अल्पसंख्यक वोट बैंक में बिखराव हो रहा है, जो टीएमसी के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।

यह वही क्षेत्र है जहां 2021 के विधानसभा चुनावों में भी हिंसा की खबरें आई थीं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुर्शिदाबाद में इस बार त्रिकोणीय मुकाबला टीएमसी की राह कठिन बना सकता है। चुनाव परिणाम जब भी आएंगे, मुर्शिदाबाद की सीटें यह तय करेंगी कि पश्चिम बंगाल में सत्ता का समीकरण किस दिशा में जाएगा।

Point of View

NationPress
23/04/2026

Frequently Asked Questions

हुमायूं कबीर पर हमला कहां और कब हुआ?
हुमायूं कबीर के काफिले पर हमला 23 अप्रैल को मुर्शिदाबाद में मतदान के दौरान हुआ। उन्होंने दावा किया कि केंद्रीय सुरक्षाबल की मौजूदगी की वजह से वे बच गए।
हुमायूं कबीर कौन हैं और एजेयूपी क्या है?
हुमायूं कबीर आम जनता उन्नयन पार्टी यानी एजेयूपी के अध्यक्ष हैं जो पश्चिम बंगाल में एक नई राजनीतिक पार्टी है। इस चुनाव में उनके 115 उम्मीदवार मैदान में हैं।
एसटी हसन ने हुमायूं कबीर पर क्या आरोप लगाए?
समाजवादी पार्टी के नेता एसटी हसन ने हुमायूं कबीर को भाजपा का एजेंट बताया और कहा कि वे मुसलमानों को बांटने की कोशिश कर रहे हैं। उनका एक वायरल वीडियो इस दावे का आधार बताया गया।
मुर्शिदाबाद में पुलिस लाठीचार्ज किस पर हुई?
एसटी हसन के अनुसार पुलिस ने केवल टीएमसी समर्थकों पर लाठीचार्ज किया जबकि हुमायूं कबीर के समर्थकों पर कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने इसे पक्षपातपूर्ण बताया।
हुमायूं कबीर ने चुनाव परिणामों को लेकर क्या दावा किया?
हुमायूं कबीर ने दावा किया कि एजेयूपी 80 से 85 सीटें जीतेगी और टीएमसी तीसरे नंबर पर चली जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि अभिषेक बनर्जी ने उनके 27 समर्थकों को खरीद लिया।
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