बंगाल में मोदी लहर! रवि किशन बोले — पहले चरण की ऐतिहासिक वोटिंग ने सब साफ कर दिया
सारांश
मुख्य बातें
कोलकाता, 23 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के पहले चरण में हुई ऐतिहासिक मतदान के बाद भाजपा सांसद रवि किशन ने दावा किया कि इस रिकॉर्ड वोटिंग ने यह सिद्ध कर दिया है कि बंगाल की धरती पर इस वक्त मोदी लहर और भाजपा लहर पूरे जोर पर है। उन्होंने कहा कि वे अपने छोटे भाई राकेश सिंह के समर्थन में यहां आए हैं और मतदाताओं में जो अभूतपूर्व जोश देखा, वह बेमिसाल था।
रवि किशन का बड़ा बयान — बंगाल में भाजपा की लहर अटल
रवि किशन ने कहा कि यह इलाका मिश्रित समुदायों का है और यहां से स्थानीय मेयर भी चुनावी मैदान में हैं। बावजूद इसके, मतदाताओं ने बड़ी संख्या में बाहर निकलकर भाजपा के पक्ष में अपनी राय जाहिर की। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक मतदान ने स्पष्ट संकेत दे दिया है कि बंगाल बदलाव चाहता है।
हिमंता बिस्वा सरमा की चेतावनी — 4 मई के बाद होगा हिसाब
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि 4 मई को नतीजे आने के बाद जिन लोगों ने भाजपा कार्यकर्ताओं और उम्मीदवारों पर हमले किए, उनसे मिलकर सबक सिखाया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि भाजपा के पक्ष में जनमत स्पष्ट रूप से झुका हुआ है और 4 मई को भाजपा की सरकार बनना तय है।
उनके इस बयान ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। विपक्ष ने इसे उकसावे वाला बयान करार दिया, जबकि भाजपा नेताओं ने इसे कार्यकर्ताओं के मनोबल को बनाए रखने की कोशिश बताया।
निसिथ प्रामाणिक का दावा — कूच बिहार में 25 हजार से ज्यादा वोटों से जीत
भाजपा नेता निसिथ प्रामाणिक ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में बताया कि उन्होंने पूरे दिन विभिन्न बूथों का दौरा किया और हर जगह भाजपा समर्थकों में उत्साह देखा। उन्होंने दावा किया कि कूच बिहार की सभी सीटों पर भाजपा भारी बहुमत से जीत दर्ज करेगी और उम्मीदवार अजय राय 25,000 से अधिक वोटों के अंतर से विजयी होंगे।
भाजपा उम्मीदवार सुवेंदु सरकार पर हमले का आरोप
भाजपा उम्मीदवार सुवेंदु सरकार ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सुबह से ही उनके पोलिंग एजेंटों को कई बूथों से जबरन बाहर निकाला गया। उन्होंने बताया कि बूथ नंबर 24 पर 100 मीटर के दायरे में भीड़ जमा थी और केंद्रीय बलों व पुलिस को बुलाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने दावा किया कि बूथ से बाहर निकलते वक्त उन पर हमला किया गया। सुवेंदु सरकार ने कहा, "मुझे डराने वाला कोई नहीं है" — यह बयान बंगाल में चुनावी हिंसा की पुरानी समस्या को एक बार फिर केंद्र में ले आता है।
प्रसाद लाड और गुलाम अली खटाना — हिंदू मतदाताओं की बड़ी भागीदारी का दावा
भाजपा एमएलसी प्रसाद लाड ने कहा कि इस बार हिंदू मतदाता बड़ी तादाद में मतदान केंद्रों पर पहुंचे और 'हर हर मोदी, जय जय मोदी' के नारों के साथ वोट डाला। उन्होंने यह भी कहा कि ममता सरकार के खिलाफ जनता में गहरा असंतोष है और SIR प्रक्रिया के जरिए लगभग 90 लाख डुप्लीकेट वोटरों को हटाए जाने के बाद चुनावी परिदृश्य बदल गया है।
भाजपा सांसद गुलाम अली खटाना ने कहा कि बंगाल की जनता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा को जनादेश देने का मन बना लिया है। उन्होंने भरोसा जताया कि डबल-इंजन सरकार बनने के बाद बंगाल भ्रष्टाचार और अवैध घुसपैठ से मुक्त होकर विकास के पथ पर अग्रसर होगा।
बंगाल चुनाव का व्यापक संदर्भ
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच सत्ता संघर्ष वर्षों से चला आ रहा है। 2021 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 77 सीटें जीती थीं, लेकिन ममता बनर्जी ने 213 सीटों के साथ सत्ता बरकरार रखी थी। इस बार भाजपा उसी जनादेश को पलटने की कोशिश में है।
चुनावी हिंसा, बूथ कैप्चरिंग और पोलिंग एजेंटों को हटाए जाने के आरोप बंगाल के हर चुनाव में सामने आते हैं — यह कोई नई बात नहीं। लेकिन केंद्रीय बलों की तैनाती के बावजूद यदि ऐसी घटनाएं हो रही हैं, तो यह निर्वाचन आयोग के लिए गंभीर सवाल खड़े करता है।
4 मई को आने वाले नतीजे न केवल बंगाल की राजनीति, बल्कि 2026 के बाद के राष्ट्रीय राजनीतिक समीकरणों को भी प्रभावित कर सकते हैं। सभी की नजरें अब मतगणना पर टिकी हैं।