पंकज चौधरी ने बताया महिला आरक्षण पर विपक्ष का दोहरा रवैया, मोदी सरकार की नारी सशक्तिकरण की पहल
सारांश
Key Takeaways
- महिला आरक्षण पर विपक्ष का दोहरा रवैया
- मोदी सरकार का 33 प्रतिशत महिला आरक्षण विधेयक
- ओबीसी से मंत्रियों का प्रतिनिधित्व
- महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए सरकार की प्रतिबद्धता
- विपक्ष की महिला विरोधी सोच का पर्दाफाश
महराजगंज, 20 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने सोमवार को महराजगंज में आयोजित एक प्रेस वार्ता में विपक्ष पर महिला आरक्षण के मुद्दे पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने समावेशी लोकतंत्र को मजबूत करते हुए समाज के हर वर्ग को प्रतिनिधित्व देने का कार्य किया है, जबकि विपक्षी दल महिलाओं के अधिकारों की बात केवल दिखाने के लिए करते हैं।
पंकज चौधरी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि मोदी सरकार ने सामाजिक न्याय की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाते हुए केंद्रीय मंत्रिमंडल में लगभग 40 प्रतिशत मंत्रियों को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) से स्थान दिया है। इसे समावेशी शासन का स्पष्ट उदाहरण बताते हुए उन्होंने कहा कि इसी सोच के तहत केंद्र सरकार ने देश की आधी आबादी—महिलाओं—को नीति निर्धारण में उचित भागीदारी देने के लिए 33 प्रतिशत महिला आरक्षण का ऐतिहासिक विधेयक पेश किया।
हालांकि, कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और इंडिया महागठबंधन के अन्य सहयोगी दलों ने इस विधेयक को पारित नहीं होने देकर अपनी असली मंशा उजागर कर दी है। चौधरी ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि ये दल केवल महिला आरक्षण का समर्थन करने का दिखावा करते हैं, जबकि असल में वे महिलाओं को उनके अधिकारों से वंचित रखने के पक्ष में हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इन दलों की राजनीति परिवारवाद और वंशवाद पर आधारित है, जो महिलाओं के सशक्तिकरण के खिलाफ है। चौधरी ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने अपनी महिला विरोधी सोच को छुपाने के लिए 'नकाब' का सहारा लिया है, लेकिन अब देश की आधी आबादी के सामने उनकी असलियत उजागर हो चुकी है।
चौधरी ने स्पष्ट किया कि धर्म के आधार पर आरक्षण संविधान की मूल भावना के खिलाफ है और भारतीय जनता पार्टी सदैव संवैधानिक मर्यादाओं का पालन करती रही है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित विधेयक का लाभ सभी वर्गों की महिलाओं को मिलेगा, जिसमें अल्पसंख्यक समुदाय की महिलाएं भी शामिल हैं।
विपक्षी गठबंधन पर हमला करते हुए चौधरी ने इंडिया महागठबंधन को 'एंटी वूमेन एलायंस' बताया और कहा कि यह गठबंधन महिलाओं को आगे बढ़ाने के बजाय उन्हें सीमित रखने की सोच का शिकार है। उन्होंने कहा कि इन दलों ने हमेशा महिला आरक्षण को रोकने और भटकाने का प्रयास किया है। चौधरी ने अंत में कहा कि देश का समग्र विकास महिलाओं के सशक्तिकरण के बिना संभव नहीं है और देश की नारी शक्ति ऐसे महिला विरोधी रुख अपनाने वाले दलों को कभी माफ नहीं करेगी।