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महिला आरक्षण विधेयक के खिलाफ विपक्ष का विरोध भारी पड़ेगा: भजन लाल शर्मा

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महिला आरक्षण विधेयक के खिलाफ विपक्ष का विरोध भारी पड़ेगा: भजन लाल शर्मा

सारांश

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने महिला आरक्षण संशोधन विधेयक गिराए जाने पर विपक्ष पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं के अधिकारों का विरोध करना विपक्ष को महंगा पड़ेगा। जानें इस मुद्दे पर उनका क्या कहना है।

मुख्य बातें

महिला आरक्षण विधेयक: महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रस्ताव।
विपक्ष की भूमिका: भजन लाल शर्मा का आरोप कि विपक्ष ने महिलाओं के अधिकारों का समर्थन नहीं किया।
परिवारवाद का मुद्दा: परिवारवादी पार्टियों पर हमला।
राजनीतिक प्रतिनिधित्व: महिलाओं को राजनीतिक सशक्तिकरण का अवसर।
भाजपा का दृष्टिकोण: सभी को साथ लेकर चलने की नीति।

जयपुर, 20 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने संसद में महिला आरक्षण संशोधन विधेयक को गिराने के लिए विपक्ष पर तीखा हमला किया है। उन्होंने कहा कि आधी आबादी के अधिकारों का विरोध करना विपक्ष को महंगा साबित होगा।

जयपुर में आयोजित ‘जन आक्रोश महिला सम्मेलन’ में बोलते हुए सीएम भजन लाल शर्मा ने कहा, "मैं विपक्ष से पूछना चाहता हूं कि वे महिलाओं के लिए क्या कर रहे हैं। उन्होंने केवल वोट की राजनीति की। जब महिलाओं को अवसर देने का समय आया, तो वे उन्हें अवसर भी नहीं दे पाए।"

उन्होंने आगे कहा कि चाहे राज्य सरकार हो या केंद्र सरकार, हम अपनी माताओं और बहनों के उत्थान और कल्याण के लिए निरंतर प्रयासरत हैं, लेकिन 2047 तक 'विकसित भारत' का सपना हमारी माताओं और बहनों के बिना पूरा नहीं हो सकता। हमारी सरकार आधी आबादी को आगे बढ़ाना चाहती है। यह दुख की बात है कि विपक्ष ऐसा नहीं सोचता।

भजनलाल शर्मा ने परिवारवाद पर हमला करते हुए कहा कि हमारी संस्कृति और विचारधारा में माताओं और बहनों को पूजनीय माना गया है। ये परिवारवादी लोग हैं, जिन्हें डर है कि जब सामान्य घरों की बहनें आगे आएंगी, तो परिवारवादियों का क्या होगा। कांग्रेस, टीएमसी और सपा परिवार को लेकर चलने वाली पार्टियां हैं, जबकि भाजपा सभी को साथ लेकर चलने में विश्वास रखती है।

सीएम ने कहा कि नारी शक्ति का अपमान करना और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लाए गए महिला आरक्षण संशोधन विधेयक का विरोध करना विपक्ष को बहुत भारी पड़ने वाला है। इन परिवारवादी पार्टियों को नारी शक्ति आने वाले हर चुनाव में सबक सिखाएगी।

उन्होंने कहा कि मातृशक्ति का आशीर्वाद ही हमारी असली ताकत है। हम संकल्पित हैं कि प्रत्येक बहन-बेटी को उसका मान, सम्मान और अधिकार दिलाएंगे।

राजस्थान भाजपा ने कहा कि महिलाओं के अधिकार सुनिश्चित करने के साथ-साथ किसी भी राज्य के अधिकारों से समझौता किए बिना लोकसभा की सीटों को 543 से बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव रखा गया था, ताकि अतिरिक्त सीटों के माध्यम से 33 प्रतिशत आरक्षण लागू किया जा सके। इससे न तो किसी वर्तमान सांसद की सीट जाती और न ही किसी राज्य का हिस्सा कम होता, बल्कि लोकतंत्र और मजबूत होता। इसके बावजूद विपक्ष ने महिलाओं को उनका उचित प्रतिनिधित्व देने में बाधा उत्पन्न की।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसमें महिला आरक्षण के अधिकारों और विपक्ष की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं। उनकी टिप्पणी न केवल राजनीतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह सामाजिक न्याय और महिलाओं के उत्थान के संदर्भ में भी प्रासंगिक है।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महिला आरक्षण संशोधन विधेयक का उद्देश्य क्या है?
महिला आरक्षण संशोधन विधेयक का उद्देश्य संसद और विधानसभा में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करना है।
भजन लाल शर्मा ने विपक्ष पर क्या आरोप लगाया?
भजन लाल शर्मा ने कहा कि विपक्ष ने महिलाओं के लिए कुछ नहीं किया और केवल वोट की राजनीति की।
किसी भी राज्य के अधिकारों से समझौता किए बिना सीटें बढ़ाने का क्या प्रस्ताव है?
भाजपा ने लोकसभा की सीटों को 543 से बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव रखा, ताकि महिलाओं के लिए आरक्षण लागू किया जा सके।
भजन लाल शर्मा का नारी शक्ति पर क्या दृष्टिकोण है?
उन्होंने कहा कि नारी शक्ति का अपमान करना विपक्ष को महंगा पड़ेगा और मातृशक्ति का आशीर्वाद हमारी असली ताकत है।
महिला आरक्षण का सामाजिक महत्व क्या है?
महिला आरक्षण का सामाजिक महत्व महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व और समानता प्रदान करना है।
राष्ट्र प्रेस
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