महिला आरक्षण विधेयक: रुजान खंबाटा का बयान, देश का होगा संतुलित विकास
सारांश
Key Takeaways
- महिला आरक्षण विधेयक का उद्देश्य महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करना है।
- यह विधेयक महिलाओं के लिए कार्य के अवसर बढ़ाएगा।
- संतुलित विकास के लिए यह विधेयक महत्वपूर्ण है।
अहमदाबाद, 16 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। महिला आरक्षण विधेयक पर 'फोर्स एम्पावरमेंट फाउंडेशन' की संस्थापक रुजान खंबाटा ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत के दौरान कहा कि सबसे पहले मैं सरकार को बधाई देना चाहूंगी क्योंकि यह विधेयक लंबे समय से चर्चा में रहा है। अब कल यह पास होने वाला है और मुझे विश्वास है कि इसे मंजूरी मिल जाएगी।
रुजान ने कहा कि यह विधेयक देश के विकास का रोडमैप बनेगा। इसके माध्यम से महिलाओं को कार्य करने के लिए पूरा अवसर मिलेगा और इससे संतुलित विकास होगा। इस विधेयक को लेकर कोई चिंता न करें क्योंकि इससे सीटें बढ़ेंगी।
महिला आरक्षण विधेयक पर यूपी के अमरोहा की नगर पालिका परिषद की अध्यक्षा शशि जैन ने कहा कि मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करती हूं, जिन्होंने महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा दिया है। 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' के तहत एक रैली का आयोजन किया गया, जिसमें सभी महिलाओं ने भाग लिया। उन्होंने बताया कि इस विधेयक से महिलाओं को अपनी आवाज उठाने का अधिकार मिलेगा।
महिला आरक्षण विधेयक पर कांग्रेस सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि हम चाहते हैं कि यह विधेयक जल्द से जल्द पास हो जाए। यह कोई नया मुद्दा नहीं है, बल्कि कांग्रेस पार्टी का यह एक स्पष्ट एवं लगातार बना हुआ रुख है। उन्होंने याद दिलाया कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने ग्राम पंचायतों और जिला पंचायतों में 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने का ऐतिहासिक कदम उठाया था।
उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस पार्टी यह मांग करती रही है कि लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में भी महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलना चाहिए। हालांकि, परिसीमन प्रक्रिया को इससे जोड़ने के तरीके का हम कड़ा विरोध करेंगे। हम महिला आरक्षण का समर्थन करते हैं।