महिला आरक्षण विधेयक में दिव्यांगों का आरक्षण आवश्यक है: सुनीता धर
सारांश
Key Takeaways
- महिला आरक्षण विधेयक में दिव्यांगों का आरक्षण अनिवार्य है।
- प्रधानमंत्री से शीघ्र कार्यवाही की अपील।
- महिलाओं की समस्याओं का समाधान होगा।
- सभी राजनीतिक दलों को समर्थन देना चाहिए।
- वित्तमंत्री की सराहना, लेकिन आगे के अवसर की अपेक्षा।
जम्मू, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। महिला आरक्षण विधेयक पर सामाजिक कार्यकर्ता सुनीता धर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को एक अद्वितीय अवसर मिलने वाला है। सुनीता धर, जिन्हें 2020 में दिव्यांगजनों के अधिकारों और कल्याण के लिए नारी शक्ति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था, ने इस विषय पर अपनी राय साझा की।
राष्ट्र प्रेस से बातचीत में सुनीता धर ने कहा, "मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से निवेदन करना चाहूंगी कि वे यह सुनिश्चित करें कि महिला आरक्षण विधेयक को जल्द से जल्द पूरे देश में प्रभावी रूप से लागू किया जाए। इसके साथ ही, दिव्यांग व्यक्तियों के लिए भी आरक्षण को शामिल किया जाना चाहिए, ताकि हमारी आवाज संसद में सुनाई दे सके और हम अपनी चिंताओं को उचित तरीके से व्यक्त कर सकें।"
उन्होंने आगे कहा, "आरक्षण विधेयक के लागू होने के बाद, लोकसभा, विधानसभा, नगर निगम सहित अन्य सदनों में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित होगी। इससे महिलाओं की समस्याओं पर चर्चा होगी और उनके समाधान का मार्ग प्रशस्त होगा।"
एक सवाल के जवाब में, सुनीता धर ने कहा, "मैं कांग्रेस पार्टी पर टिप्पणी नहीं करना चाहूंगी, क्योंकि यह राजनीतिक बयानबाजी के रूप में दिखेगा। लेकिन, यह कहना चाहूंगी कि जो कांग्रेस हासिल नहीं कर सकी, वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर दिखाया है। सभी राजनीतिक दलों को इस विधेयक का समर्थन करना चाहिए। भविष्य में, हम संसद में महिलाओं के सशक्तीकरण का एक नया अध्याय देखेंगे, जिसमें नारी शक्ति की भागीदारी बढ़ेगी।"
हाल ही में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत किए गए बजट के बारे में सुनीता ने कहा, "देश की वित्त मंत्री ने सभी की प्रगति सुनिश्चित करने के लिए सराहनीय कार्य किया है। लेकिन हमारी अपेक्षा है कि भविष्य में दिव्यांगजनों के लिए और अधिक अवसर सृजित किए जाएं। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का महिला आरक्षण विधेयक के लिए आभार व्यक्त करती हूं।"
सुनीता धर ने बताया कि उन्हें नारी शक्ति सम्मान 2020 में मिला था, हालांकि उन्होंने यह पुरस्कार 2022 में प्राप्त किया।